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मिर्चखरीफ़हाइब्रिडअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Teja (S-17)

बहुत तीखी हाइब्रिड, ओलियोरेज़िन व निर्यात बाज़ार के लिए व्यापक रूप से उगाई जाती जहाँ उच्च कैप्सैसिन तीखापन ही मूल्य है, रंग नहीं। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि160–180 दिन
अपेक्षित उपजउच्च (20–25 क्विंटल/हेक्टेयर सूखी)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
मिर्च
प्रकार
हाइब्रिड
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
160–180 दिन
अपेक्षित उपज
उच्च (20–25 क्विंटल/हेक्टेयर सूखी)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट

इस किस्म के बारे में

तेजा (S-17) गुंटूर पट्टी की प्रमुख तीखी सूखी-मिर्च किस्म है, कई द्वितीयक स्रोतों में पुष्ट कि यह अपने अत्यधिक तीखेपन व पिसाई उपज के कारण गुंटूर ज़िले में उगाई जाने वाली फ़सल का लगभग आधा हिस्सा है। यह लगातार 50,000-100,000 स्कोविल हीट यूनिट देती है, उच्च कैप्साइसिन व डाइहाइड्रोकैप्साइसिन अंशों से प्रेरित, तथा सॉल्वेंट निष्कर्षण में 14-18% ओलियोरेज़िन उपज देती है, जिससे यह ओलियोरेज़िन निर्माताओं के लिए पसंदीदा फ़ीडस्टॉक बन जाती है। इस चरण में जाँचे गए किसी स्रोत ने इसका सटीक संकरण, विकासकर्ता संस्थान, या जारी-वर्ष नहीं दिया — इस रिकॉर्ड का अपना "hybrid" type फ़ील्ड किसी मिले स्रोत से न तो स्वतंत्र रूप से पुष्ट हुआ, न ही टकराया।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारहाइब्रिड
    अवधि160–180 दिन
    उपज क्षमताउच्च (20–25 क्विंटल/हेक्टेयर सूखी)
    रोग-प्रतिरोधमध्यम
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

160–180 दिन

अपेक्षित उपज

उच्च (20–25 क्विंटल/हेक्टेयर सूखी)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • मध्यम

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • अत्यधिक, सुसंगत तीखापन (50,000-100,000 SHU) व उच्च ओलियोरेज़िन उपज (14-18%), जो इसे ओलियोरेज़िन निष्कर्षण व निर्यात के लिए पसंदीदा फ़ीडस्टॉक बनाती है
  • गुंटूर में प्रमुख बाज़ार हिस्सेदारी — पुष्ट द्वितीयक स्रोतों के अनुसार ज़िले की मिर्च फ़सल का लगभग आधा, जो मज़बूत ख़रीदार परिचितता व माँग देती है

ध्यान रखने योग्य बातें

  • इस चरण में जाँचे गए किसी स्रोत ने तेजा (S-17) का सटीक संकरण, विकासकर्ता संस्थान, या जारी-वर्ष नहीं दिया — यहाँ के सभी तथ्य इसकी बाज़ार भूमिका व तीखेपन का वर्णन करने वाले पुष्ट द्वितीयक/व्यापार स्रोतों पर आधारित हैं, किसी स्वतंत्र रूप से फ़ेच किए प्रजनन रिकॉर्ड पर नहीं

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • आंध्र प्रदेश
  • तेलंगाना
  • मध्य प्रदेश

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुंटूर में तेजा (S-17) मिर्च इतनी लोकप्रिय क्यों है?

इसका अत्यधिक, सुसंगत तीखापन व उच्च ओलियोरेज़िन उपज इसे ओलियोरेज़िन निर्माताओं के लिए पसंदीदा फ़ीडस्टॉक बनाती है — पुष्ट द्वितीयक स्रोतों के अनुसार यह गुंटूर ज़िले की मिर्च फ़सल का लगभग आधा हिस्सा है।

तेजा (S-17) कितनी तीखी है?

लगातार 50,000-100,000 स्कोविल हीट यूनिट, उच्च कैप्साइसिन व डाइहाइड्रोकैप्साइसिन अंशों से प्रेरित।

तेजा (S-17) मुख्य रूप से किसके लिए उपयोग होती है?

ओलियोरेज़िन निष्कर्षण (सॉल्वेंट निष्कर्षण में 14-18% उपज) व निर्यात, जहाँ उच्च कैप्साइसिन तीखापन ही मूल्य है, रंग नहीं।

तेजा (S-17) मिर्च मुख्य रूप से कहाँ उगाई जाती है?

मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के गुंटूर ज़िले में, पुष्ट द्वितीयक स्रोतों के अनुसार, तथा इस रिकॉर्ड के अपने states फ़ील्ड के अनुसार तेलंगाना व मध्य प्रदेश में भी उगाई जाती है।

तेजा (S-17) किसने विकसित की और कब जारी हुई?

नहीं मिला — इस चरण में जाँचे गए किसी स्रोत ने इसका सटीक वंशावली, विकासकर्ता संस्थान, या जारी-वर्ष नहीं दिया।