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फ्रेंच बीन (फरसबीन)रबीझाड़ी प्रकारअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Arka Komal

एक ICAR-IIHR झाड़ी किस्म, मूल रूप से अफ़ग़ानिस्तान से एक आयात, सीधी, चपटी, हरी फलियों व बड़े भूरे बीज के साथ। अच्छी परिवहन व टिकाव गुणवत्ता को क़ीमती।

सीज़नरबी
पकने की अवधिपहली तुड़ाई ~65–70 दिन
अपेक्षित उपज~19 टन/हेक्टेयर (पकने दें तो बीज भी ~3 टन/हेक्टेयर)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
झाड़ी प्रकार
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~65–70 दिन
बीज दर
60–80 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 24–32 किग्रा/एकड़)
अपेक्षित उपज
~19 टन/हेक्टेयर (पकने दें तो बीज भी ~3 टन/हेक्टेयर)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरु द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

अर्का कोमल ICAR-IIHR, बेंगलुरु की एक झाड़ी फ्रेंच बीन है, मूल रूप से अफ़ग़ानिस्तान से आयातित और फिर भारतीय परिस्थितियों को चयनित। यह सीधी, चपटी, हरी फलियाँ व बड़े भूरे बीज रखती, और ख़ासकर अच्छी परिवहन व टिकाव गुणवत्ता को क़ीमती है — फलियाँ दूर बाज़ार की यात्रा अच्छी सहतीं, जो उन उगाने वालों को मायने रखता जो स्थानीय रूप से उसी दिन नहीं बेच सकतें। यह किस्म फ़सल का एक हिस्सा हरा तोड़ने के बजाय पकने दिया जाए तो एक सार्थक सूखा-बीज उपज भी देती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारझाड़ी प्रकार
    अवधिपहली तुड़ाई ~65–70 दिन
    उपज क्षमता~19 टन/हेक्टेयर (पकने दें तो बीज भी ~3 टन/हेक्टेयर)
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयमैदानी रबी फ़सल को मध्य-अक्टूबर से नवंबर
  • बीज दर60–80 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 24–32 किग्रा/एकड़)
  • दूरीकतारें 30–45 सेमी दूर, पौधे कतार में 8–10 सेमी दूर

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई ~65–70 दिन

अपेक्षित उपज

~19 टन/हेक्टेयर (पकने दें तो बीज भी ~3 टन/हेक्टेयर)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • अच्छी परिवहन व टिकाव गुणवत्ता — दूर बाज़ारों को सूट करती
  • पकने दी जाए तो एक सार्थक सूखा-बीज उपज भी दे सकती
  • दक्षिणी उगाने की परिस्थितियों को अच्छी अनुकूल

ध्यान रखने योग्य बातें

  • कोई विशेष रोग प्रतिरोध दावा नहीं — प्रमाणित बीज फिर भी सबसे ज़्यादा मायने रखता
  • कंटेंडर या पूसा पार्वती से पहली तुड़ाई तक धीमी

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • कर्नाटक
  • आंध्र प्रदेश
  • तमिलनाडु