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फ्रेंच बीन (फरसबीन)रबीझाड़ी प्रकारअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pant Anupama

एक GBPUAT (पंतनगर) झाड़ी किस्म, फ्रेंच बीन के कई प्रमुख रोगों — कोणीय पत्ती-धब्बा, कॉमन ब्लाइट व मोज़ेक — को प्रतिरोध सहित विकसित, जो इसे पहाड़ों व तराई पट्टी में एक मज़बूत चुनाव बनाती है।

सीज़नरबी
पकने की अवधिपहली तुड़ाई ~50–55 दिन
अपेक्षित उपज~16–18 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
झाड़ी प्रकार
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~50–55 दिन
बीज दर
60–80 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 24–32 किग्रा/एकड़)
अपेक्षित उपज
~16–18 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GBPUAT), पंतनगर द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पंत अनुपमा GBPUAT, पंतनगर द्वारा विकसित एक झाड़ी फ्रेंच बीन है, फ़सल के तीन प्रमुख रोगों को एक साथ सच्चे प्रतिरोध के साथ — कोणीय पत्ती-धब्बा, कॉमन बैक्टीरियल ब्लाइट, व मोज़ेक विषाणु। यह संयोजन इसे उत्तराखंड की नम पहाड़ी व तराई पट्टी में एक ख़ासकर मज़बूत चुनाव बनाता है, जहाँ ये रोग आम हैं और जहाँ एक संवेदनशील किस्म एक गीले सीज़न में उपज का सार्थक हिस्सा खो सकती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारझाड़ी प्रकार
    अवधिपहली तुड़ाई ~50–55 दिन
    उपज क्षमता~16–18 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोणीय पत्ती-धब्बा, ब्लाइट व मोज़ेक को प्रतिरोधी
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयपहाड़ी/तराई फ़सल को मार्च से जुलाई; मैदानी रबी फ़सल को मध्य-अक्टूबर से नवंबर
  • बीज दर60–80 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 24–32 किग्रा/एकड़)
  • दूरीकतारें 30–45 सेमी दूर, पौधे कतार में 8–10 सेमी दूर

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई ~50–55 दिन

अपेक्षित उपज

~16–18 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • तीन प्रमुख रोगों को एक साथ प्रतिरोधी — कोणीय पत्ती-धब्बा, ब्लाइट व मोज़ेक
  • नम पहाड़ी व तराई उगाने की पट्टी को सर्वोत्तम चुनाव
  • एक संवेदनशील किस्म से छिड़काव-बोझ घटाती

ध्यान रखने योग्य बातें

  • फिर भी एंथ्रेक्नोज़ के विरुद्ध प्रमाणित बीज चाहिए, जो इसके नामित प्रतिरोधों में शामिल नहीं

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तराखंड