Pusa Parvati
एक IARI झाड़ी किस्म, एक मोम-फली लाइन से विकिरण व चयन से विकसित, गुलाबी फूलों व लंबी, गोल, हरी फलियों के साथ। मोज़ेक व चूर्णिल आसिता को प्रतिरोध सहित विकसित, मज़बूत, भरोसेमंद खेत-प्रदर्शन देती।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- झाड़ी प्रकार
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- पहली तुड़ाई ~50–55 दिन
- बीज दर
- 60–80 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 24–32 किग्रा/एकड़)
- अपेक्षित उपज
- 22–25 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
पूसा पार्वती ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक झाड़ी फ्रेंच बीन है, एक मोम-फली मूल लाइन (EC 1906) से विकिरण के बाद चयन से विकसित। पौधा गुलाबी फूलों व लंबी, गोल, हरी फलियों के साथ, और मोज़ेक विषाणु व चूर्णिल आसिता दोनों को सच्चे प्रतिरोध — सिर्फ़ खेत-सहनशीलता नहीं — सहित विकसित, जो इसे उन क्षेत्रों में मज़बूत, भरोसेमंद प्रदर्शन देती जहाँ ये दो समस्याएँ आम हैं।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयमैदानी रबी फ़सल को मध्य-अक्टूबर से नवंबर
- बीज दर60–80 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 24–32 किग्रा/एकड़)
- दूरीकतारें 30–45 सेमी दूर, पौधे कतार में 8–10 सेमी दूर
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~50–55 दिन
अपेक्षित उपज
22–25 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- मोज़ेक विषाणु व चूर्णिल आसिता को सच्चा विकसित प्रतिरोध
- कई अन्य झाड़ी किस्मों से ऊँची उपज-क्षमता
- लंबी, गोल, एक-समान हरी फलियाँ
ध्यान रखने योग्य बातें
- फिर भी बीज-वाहित बैक्टीरियल ब्लाइट व एंथ्रेक्नोज़ के विरुद्ध प्रमाणित रोग-मुक्त बीज चाहिए
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- दिल्ली
- हरियाणा
