मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
फ्रेंच बीन (फरसबीन)रबीझाड़ी प्रकारअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pusa Parvati

एक IARI झाड़ी किस्म, एक मोम-फली लाइन से विकिरण व चयन से विकसित, गुलाबी फूलों व लंबी, गोल, हरी फलियों के साथ। मोज़ेक व चूर्णिल आसिता को प्रतिरोध सहित विकसित, मज़बूत, भरोसेमंद खेत-प्रदर्शन देती।

सीज़नरबी
पकने की अवधिपहली तुड़ाई ~50–55 दिन
अपेक्षित उपज22–25 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
झाड़ी प्रकार
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~50–55 दिन
बीज दर
60–80 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 24–32 किग्रा/एकड़)
अपेक्षित उपज
22–25 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा पार्वती ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक झाड़ी फ्रेंच बीन है, एक मोम-फली मूल लाइन (EC 1906) से विकिरण के बाद चयन से विकसित। पौधा गुलाबी फूलों व लंबी, गोल, हरी फलियों के साथ, और मोज़ेक विषाणु व चूर्णिल आसिता दोनों को सच्चे प्रतिरोध — सिर्फ़ खेत-सहनशीलता नहीं — सहित विकसित, जो इसे उन क्षेत्रों में मज़बूत, भरोसेमंद प्रदर्शन देती जहाँ ये दो समस्याएँ आम हैं।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारझाड़ी प्रकार
    अवधिपहली तुड़ाई ~50–55 दिन
    उपज क्षमता22–25 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधमोज़ेक व चूर्णिल आसिता को प्रतिरोधी
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयमैदानी रबी फ़सल को मध्य-अक्टूबर से नवंबर
  • बीज दर60–80 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 24–32 किग्रा/एकड़)
  • दूरीकतारें 30–45 सेमी दूर, पौधे कतार में 8–10 सेमी दूर

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई ~50–55 दिन

अपेक्षित उपज

22–25 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • मोज़ेक विषाणु व चूर्णिल आसिता को सच्चा विकसित प्रतिरोध
  • कई अन्य झाड़ी किस्मों से ऊँची उपज-क्षमता
  • लंबी, गोल, एक-समान हरी फलियाँ

ध्यान रखने योग्य बातें

  • फिर भी बीज-वाहित बैक्टीरियल ब्लाइट व एंथ्रेक्नोज़ के विरुद्ध प्रमाणित रोग-मुक्त बीज चाहिए

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • हरियाणा