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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
अंगूरसभी सीज़नरोपण सामग्रीअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Flame Seedless

रंगीन ताज़ा बाज़ार को उगाया अगेता, लाल बीजरहित टेबल अंगूर। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिअगेता
अपेक्षित उपजअधिक
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
अंगूर
प्रकार
रोपण सामग्री
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
अगेता
अपेक्षित उपज
अधिक
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
जारी 1973 · USDA बागवानी फ़सल शोध केंद्र, फ्रेस्नो, कैलिफ़ोर्निया, अमेरिका — एक आयातित किस्म, घरेलू रूप से विकसित नहीं

इस किस्म के बारे में

फ्लेम सीडलेस एक Vitis vinifera टेबल अंगूर है जिसे USDA के फ्रेस्नो, कैलिफ़ोर्निया शोध केंद्र में विकसित किया गया — प्रजनक Weinberger व Harmon द्वारा 1961 का क्रॉस, 1973 में जारी — जिसकी वंशावली पूरी तरह यूरोपीय है: (Cardinal × Sultanina) को ((Red Malaga × Tifafihi Ahmer) × (Muscat of Alexandria × Sultanina)) से क्रॉस किया गया। इसे सख़्त, कुरकुरे, गोल लाल दानों और जल्दी पकने के लिए सराहा जाता है। भारत में यह मुख्यतः नासिक, महाराष्ट्र के आसपास उगाई जाती है, और उत्तर भारत के उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र के लिए भी अपनी उच्च उपज, गुच्छा-वज़न व शर्करा-मात्रा के चलते ट्रायल-अनुशंसित रही है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकाररोपण सामग्री
    अवधिअगेता
    उपज क्षमताअधिक
    रोग-प्रतिरोधमध्यम
    मिट्टीदोमट
    सीज़नसभी सीज़न

उपज व अवधि

पकने की अवधि

अगेता

अपेक्षित उपज

अधिक

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • मध्यम

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

ध्यान रखने योग्य बातें

  • उत्पत्ति एक अमेरिकी प्रजनन कार्यक्रम (USDA फ्रेस्नो, 1961 क्रॉस, 1973 जारी) से जुड़ी है, न कि किसी भारतीय ICAR संस्थान से — यहाँ नोट किया गया क्योंकि यह एक आयातित किस्म है, घरेलू रूप से विकसित नहीं।
  • स्रोतित सामग्री व्यावसायिक खेती को मुख्यतः नासिक, महाराष्ट्र से तथा अलग से उत्तर भारतीय उपोष्णकटिबंधीय ट्रायल-प्लॉट से जोड़ती है; किसी स्रोत ने विशेष रूप से कर्नाटक में खेती की पुष्टि नहीं की, हालाँकि महाराष्ट्र-कर्नाटक अंगूर-पट्टी के सामान्य ओवरलैप को देखते हुए यह प्रशंसनीय है। इस रिकॉर्ड के states फ़ील्ड में मौजूदा कर्नाटक प्रविष्टि को यथावत रखा गया, अपुष्ट-किंतु-अखंडित के रूप में चिह्नित।
  • एक उत्तर भारतीय क्षेत्र-ट्रायल में प्रति बेल 27.5 किलो फल की उच्च उपज व मज़बूत TSS (शर्करा) रीडिंग दर्ज हुई, जो इस रिकॉर्ड की मौजूदा "अधिक" yieldPotential रेटिंग की पुष्टि करता है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फ्लेम सीडलेस मूलतः कहाँ से आई है?

इसे USDA के फ्रेस्नो, कैलिफ़ोर्निया, अमेरिका शोध केंद्र में विकसित किया गया (1961 क्रॉस, 1973 जारी) — भारत में यह एक आयातित किस्म है, घरेलू रूप से विकसित नहीं।

भारत में फ्लेम सीडलेस मुख्यतः कहाँ उगाई जाती है?

मुख्यतः नासिक, महाराष्ट्र के आसपास, आमतौर पर फरवरी से अप्रैल तक उपलब्ध; उत्तर भारतीय उपोष्णकटिबंधीय ट्रायल-प्लॉट में भी इसने अच्छा प्रदर्शन किया है।

क्या फ्लेम सीडलेस अधिक उपज देने वाली है?

हाँ — एक उत्तर भारतीय ट्रायल में प्रति बेल 27.5 किलो फल व उच्च शर्करा (TSS) मात्रा दर्ज हुई, जो इस रिकॉर्ड की "अधिक" yieldPotential रेटिंग की पुष्टि करता है।

क्या फ्लेम सीडलेस कर्नाटक में विशेष रूप से पुष्टि है?

इस चरण में जाँचे गए स्रोतों ने सीधे पुष्टि नहीं की — खेती-सामग्री महाराष्ट्र (नासिक) और उत्तर भारत पर केंद्रित थी। कर्नाटक को इस रिकॉर्ड के states फ़ील्ड में प्रशंसनीय-किंतु-अपुष्ट के रूप में छोड़ा गया है।

इसका दाना कैसा दिखता है?

गोल, सख़्त, कुरकुरे, लाल दाने मध्यम आकार के गुच्छों में — जल्दी पकने वाली किस्म।