Taiwan Pink
ऊँचे-मूल्य की गुलाबी संकर किस्म, प्रीमियम व निर्यात बाज़ारों को गहनता से उगाई। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- अमरूद
- प्रकार
- रोपण सामग्री
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- प्रबंधित फसल
- अपेक्षित उपज
- बहुत अधिक
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- कोई आईसीएआर/विश्वविद्यालय रिलीज़ रिकॉर्ड नहीं मिला — ताइवान-मूल की किस्म, निजी नर्सरियों द्वारा भारत में लाई व लोकप्रिय बनाई गई
इस किस्म के बारे में
ताइवान पिंक ताइवान-मूल की अमरूद किस्म है, जिसे आईसीएआर या राज्य कृषि विश्वविद्यालय के प्रजनन कार्यक्रम की बजाय निजी नर्सरियों के माध्यम से भारत में लाया गया — इसका कोई औपचारिक रिलीज़ रिकॉर्ड नहीं है। यह "सुपर अर्ली" फ़सल देती है, रोपण के मात्र 8–10 महीने बाद ही फल आना शुरू हो जाता है, जो अधिकांश भारतीय अमरूद किस्मों से कहीं पहले है। फल की त्वचा चमकदार, हल्की हरी-पीली और गूदा गुलाबी होता है, और यह भारत से सबसे अधिक निर्यात होने वाली अमरूद किस्मों में से एक बन गई है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
प्रबंधित फसल
अपेक्षित उपज
बहुत अधिक
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- मध्यम
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखने योग्य बातें
- फल का वज़न नर्सरी/व्यापार स्रोतों द्वारा लगभग 250–300 ग्राम बताया गया है — एक सर्च सारांश ने इसे "250 से 300 किलोग्राम" लिखा था, जो एकल अमरूद फल के लिए स्पष्ट रूप से इकाई की ग़लती है, और यहाँ इसे बिना नक़ल किए सुधारा गया है।
- इस किस्म के लिए कोई औपचारिक आईसीएआर या राज्य-विश्वविद्यालय रिलीज़ रिकॉर्ड नहीं मिला, जो इसके निजी-नर्सरी, आयातित-किस्म मूल के अनुरूप है — जैसा पहले अंगूर किस्मों मानिक चमन व सोनाका के लिए फ़्लैग किया गया था।
- रिपोर्ट की गई उपज संख्याएँ (गहन प्रबंधन में लगभग 9,000 किलोग्राम/एकड़ तक) इस रिकॉर्ड की मौजूदा "बहुत अधिक" yieldPotential रेटिंग के अनुरूप हैं, इसलिए यहाँ कोई विरोधाभास नहीं फ़्लैग किया गया है।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- महाराष्ट्र
- छत्तीसगढ़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ताइवान पिंक एक आईसीएआर-जारी किस्म है?
नहीं — इस चरण में इसके लिए कोई आईसीएआर या राज्य-विश्वविद्यालय रिलीज़ रिकॉर्ड नहीं मिला। यह ताइवान-मूल की किस्म है, जिसे निजी नर्सरियों ने भारत में लाया और व्यापार के ज़रिए लोकप्रिय बनाया, न कि किसी संस्थान की प्रजनन रिलीज़।
इसे "सुपर अर्ली" क्यों कहा जाता है?
क्योंकि यह रोपण के मात्र 8–10 महीने बाद ही फल देना शुरू कर देती है — अधिकांश भारतीय अमरूद किस्मों से कहीं पहले, जो आमतौर पर व्यावसायिक फलन तक पहुँचने में 2–3 साल लेती हैं।
ताइवान पिंक अमरूद के फल का वज़न कितना होता है?
नर्सरी/व्यापार स्रोतों के अनुसार प्रति फल लगभग 250–300 ग्राम — किलोग्राम नहीं, जैसा एक सर्च सारांश में इकाई की ग़लती से लिखा गया था।
फल अंदर और बाहर से कैसा दिखता है?
बाहर से चमकदार, हल्की हरी-पीली त्वचा और अंदर गुलाबी गूदा — गुलाबी गूदा ही वह गुण है जिसके नाम पर इसका नाम रखा गया है।
यहाँ ताइवान पिंक मुख्यतः महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में ही क्यों उगाई जाती है?
इस रिकॉर्ड का states फ़ील्ड इस साइट के मौजूदा डेटा में यह दर्शाता है कि यह प्रीमियम व निर्यात बाज़ारों हेतु गहनता से कहाँ उगाई जाती है; एक व्यापक रूप से व्यापारित आयातित किस्म होने के नाते यह अन्य राज्यों में भी उगाई जा सकती है जो अभी यहाँ नहीं दर्शाए गए हैं।
