Goma Prateek
गर्म अर्ध-शुष्क पश्चिम के लिए विकसित एक ICAR-CIAH (गोधरा) रिलीज़ — एक बौनी, जल्दी-फलने वाली, ऊँची-उपज कलमी किस्म जो जल्दी फल देती और ख़राब, सूखी ज़मीन पर छोटी रहती।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- कलमी उन्नत किस्म
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- वर्ष 3–4 से फल (कलमी)
- अपेक्षित उपज
- अर्ध-शुष्क ज़मीन पर बौने पेड़ के लिए ऊँची
- उपयुक्त मिट्टी
- सभी मिट्टी
- जारी
- ICAR-CIAH / केंद्रीय बाग़बानी प्रयोग केंद्र, गोधरा, गुजरात द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
गोमा प्रतीक ICAR-केंद्रीय शुष्क बाग़बानी संस्थान द्वारा अपनी गोधरा, गुजरात की केंद्रीय बाग़बानी प्रयोग केंद्र के ज़रिए जारी एक इमली है, और ख़ासतौर पश्चिम के गर्म अर्ध-शुष्क इलाक़ों के लिए विकसित। यह एक बौनी, जल्दी-फलने वाली कलमी किस्म है जो लगभग तीन-चार साल में फलन में आती और छोटी रहती, जो इसे ख़राब, सूखी ज़मीन व नज़दीकी, ज़्यादा प्रबंधन-योग्य बग़ीचों के लिए अच्छी तरह उपयुक्त बनाता। यह गुजरात, राजस्थान व अर्ध-शुष्क मध्य प्रदेश के लिए अनुशंसित उन्नत इमली है, जहाँ मानक दक्षिणी किस्में कम परखी हैं।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
वर्ष 3–4 से फल (कलमी)
अपेक्षित उपज
अर्ध-शुष्क ज़मीन पर बौने पेड़ के लिए ऊँची
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- अलग दर्ज नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- सबसे जल्दी फल — लगभग वर्ष 3–4 से एक छोटी फ़सल
- बौना ढाँचा ख़राब, सूखी ज़मीन पर छोटा रहता और छिड़कना व तोड़ना आसान
- गर्म अर्ध-शुष्क पश्चिम के लिए अनुशंसित उन्नत इमली
ध्यान रखने योग्य बातें
- एक बौना पेड़ एक बड़े फैलने वाले प्रकार से प्रति पौधा कम रखता — प्रति एकड़ भरपाई को नज़दीक लगाएँ
- रोग प्रतिरोध अलग दर्ज नहीं
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- गुजरात
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र
