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इमली (टैमरिंड)सभी सीज़नकलमी उन्नत किस्मअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Goma Prateek

गर्म अर्ध-शुष्क पश्चिम के लिए विकसित एक ICAR-CIAH (गोधरा) रिलीज़ — एक बौनी, जल्दी-फलने वाली, ऊँची-उपज कलमी किस्म जो जल्दी फल देती और ख़राब, सूखी ज़मीन पर छोटी रहती।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिवर्ष 3–4 से फल (कलमी)
अपेक्षित उपजअर्ध-शुष्क ज़मीन पर बौने पेड़ के लिए ऊँची
उपयुक्त मिट्टीसभी मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
कलमी उन्नत किस्म
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
वर्ष 3–4 से फल (कलमी)
अपेक्षित उपज
अर्ध-शुष्क ज़मीन पर बौने पेड़ के लिए ऊँची
उपयुक्त मिट्टी
सभी मिट्टी
जारी
ICAR-CIAH / केंद्रीय बाग़बानी प्रयोग केंद्र, गोधरा, गुजरात द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

गोमा प्रतीक ICAR-केंद्रीय शुष्क बाग़बानी संस्थान द्वारा अपनी गोधरा, गुजरात की केंद्रीय बाग़बानी प्रयोग केंद्र के ज़रिए जारी एक इमली है, और ख़ासतौर पश्चिम के गर्म अर्ध-शुष्क इलाक़ों के लिए विकसित। यह एक बौनी, जल्दी-फलने वाली कलमी किस्म है जो लगभग तीन-चार साल में फलन में आती और छोटी रहती, जो इसे ख़राब, सूखी ज़मीन व नज़दीकी, ज़्यादा प्रबंधन-योग्य बग़ीचों के लिए अच्छी तरह उपयुक्त बनाता। यह गुजरात, राजस्थान व अर्ध-शुष्क मध्य प्रदेश के लिए अनुशंसित उन्नत इमली है, जहाँ मानक दक्षिणी किस्में कम परखी हैं।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारकलमी उन्नत किस्म
    अवधिवर्ष 3–4 से फल (कलमी)
    उपज क्षमताअर्ध-शुष्क ज़मीन पर बौने पेड़ के लिए ऊँची
    रोग-प्रतिरोधअलग दर्ज नहीं
    मिट्टीसभी मिट्टी
    सीज़नसभी सीज़न

उपज व अवधि

पकने की अवधि

वर्ष 3–4 से फल (कलमी)

अपेक्षित उपज

अर्ध-शुष्क ज़मीन पर बौने पेड़ के लिए ऊँची

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • अलग दर्ज नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • सबसे जल्दी फल — लगभग वर्ष 3–4 से एक छोटी फ़सल
  • बौना ढाँचा ख़राब, सूखी ज़मीन पर छोटा रहता और छिड़कना व तोड़ना आसान
  • गर्म अर्ध-शुष्क पश्चिम के लिए अनुशंसित उन्नत इमली

ध्यान रखने योग्य बातें

  • एक बौना पेड़ एक बड़े फैलने वाले प्रकार से प्रति पौधा कम रखता — प्रति एकड़ भरपाई को नज़दीक लगाएँ
  • रोग प्रतिरोध अलग दर्ज नहीं

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • गुजरात
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • महाराष्ट्र