Goma Prateek
ICAR-CIAH बीकानेर की 2009 की किस्म: जल्दी फल देने वाली, फैलने वाली, अर्ध-बौनी, हर साल फल देने वाली इमली। इसमें 4थे साल से फूल आते हैं और 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा बताया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- कलमी उन्नत किस्म
- सीज़न
- सभी सीज़न
- फल कब से
- 4थे साल से फूल (Indian Horticulture); CIAH 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा बताता है
- अपेक्षित उपज
- 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा (एक स्रोत 4थे साल का कहता है, CIAH 9वें साल से जोड़ता है)
- उपयुक्त मिट्टी
- सभी मिट्टी
- रोग-प्रतिरोध
- प्रकाशित नहीं
- जारी
- 2009 में जारी · ICAR-केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (CIAH), बीकानेर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
इस किस्म के बारे में
गोमा प्रतीक इमली की किस्म है, जिसे 2009 में ICAR-केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (CIAH), बीकानेर ने जारी किया। Indian Horticulture का 2019 का एक नोट 4.7 मीटर ऊँचे पेड़ का वर्णन करता है, जिसका घेरा 63.66 सेमी है। यह पेड़ जल्दी फल देने वाला, फैलने वाला, अर्ध-बौना और हर साल फल देने वाला है। इसमें 4थे साल फूल आते हैं और इसने 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा दिया। CIAH का किस्म-पन्ना 16.70 सेमी x 1.25 सेमी की लंबी फली, 26.70 ग्राम फली का वज़न और 14.06% अम्लता देता है, और 58.50 किग्रा को 9वें साल से जोड़ता है। गुजरात की एक किस्म-तुलना (2020 से 2024) ने गोमा प्रतीक, अजंता और प्रतिष्ठान को उम्मीद वाली बताया, और गोमा प्रतीक को सबसे लंबी फली (15.0 सेमी) और 9.21 ग्राम गूदे का वज़न दिया।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
आप राजस्थान या गुजरात की सूखी ज़मीन पर खेती करते हैं और शुष्क-क्षेत्र संस्थान की हर साल फल देने वाली इमली चाहते हैं, तो गोमा प्रतीक चुनिए। CIAH 4.7 मीटर का अर्ध-बौना पेड़ बताता है जिसमें 4थे साल फूल आते हैं और 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा बताया गया है, फली 16.70 सेमी की। गुजरात की एक तुलना (2020 से 2024) ने इसे सबसे लंबी फली (15.0 सेमी) और ज़्यादा गूदे के वज़न के साथ उम्मीद वाली किस्मों में गिना। जिन तमिलनाडु क्षेत्रों में TNAU PKM-1 का नाम लेता है वहाँ वही चुनिए।
बुवाई और खेती
- दूरीआम इमली के लिए 8 से 10 मीटर x 8 से 10 मीटर (TNAU)। CIAH ने इस अर्ध-बौने पेड़ के लिए कम दूरी नहीं छापी।
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- हर साल फल देने वाली, 4.7 मीटर पर अर्ध-बौनी, शुष्क-क्षेत्र संस्थान की किस्म।
- 4थे साल से फूल, जो इमली के लिए TNAU के "4थे साल से फल" से मेल खाता है।
- लंबी फली: CIAH के पन्ने पर 16.70 सेमी और गुजरात की तुलना में 15.0 सेमी।
ध्यान रखने योग्य बातें
- 58.50 किग्रा प्रति पौधा एक स्रोत में 4थे साल का है और दूसरे में 9वें का। CIAH से तालिका माँगिए।
- शुष्क ज़मीन के लिए बनी है; नम दक्षिण का कोई आँकड़ा नहीं मिला।
- रोग-स्कोर नहीं मिला।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- राजस्थान
- गुजरात
58.50 किग्रा का आँकड़ा पढ़ना: यह कौन-सा साल है?
दो स्रोत एक ही 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा बताते हैं, पर अलग उम्र से जोड़ते हैं। Indian Horticulture का नोट कहता है कि पेड़ में 4थे साल फूल आने लगते हैं और उसने 58.50 किग्रा दिया। CIAH का किस्म-पन्ना 58.50 किग्रा 9वें साल का देता है। 4थे साल का पेड़ और 9वें साल का पेड़ बहुत अलग होते हैं, इसलिए जब तक CIAH पक्का न करे, यह संख्या इस्तेमाल नहीं हो सकती।
अगर यह 9वें साल का आँकड़ा है, तो एक हेक्टेयर का हिसाब लगाइए। 10 x 10 मीटर पर 100 पेड़ हैं, यानी 5.85 टन फल। 8 x 8 मीटर पर 156 पेड़ हैं, यानी लगभग 9.1 टन। नम दक्षिण में पूरे इमली के पेड़ के लिए TNAU का आम आँकड़ा 150 से 200 किग्रा है, जो दो से तीन गुना ज़्यादा है, इसलिए शुष्क क्षेत्र का पेड़ कम दे सकता है। दोनों की सीधी तुलना न कीजिए।
साल कोई भी हो, पेड़ की बनावट सूखे पश्चिम में काम आती है। 4.7 मीटर ऊँचा अर्ध-बौना पेड़ बड़े फैलने वाले बीज के पेड़ से तोड़ने और छिड़कने में आसान है। CIAH बीकानेर से साल-दर-साल की उपज-तालिका माँगिए, और अपनी पहली तुड़ाई 4थे साल के फूल आने के बाद सोचिए, उससे पहले नहीं।
रोपाई सामग्री कहाँ से आती है
इमली में परागण दूसरे पेड़ों से बहुत होता है और इसे सदियों से बीज से उगाया गया है, इसलिए बीज से बने पौधे बहुत अलग-अलग निकलते हैं (ICAR-IIHR)। किसी नाम वाली किस्म के बीज से उगे पेड़ वैसे नहीं निकलेंगे। TNAU इमली को मार्च-अप्रैल में सॉफ़्टवुड कलम से, या IBA 4000 पीपीएम के साथ दाब-कलम (एयर लेयरिंग) से बढ़ाता है। गोमा प्रतीक कलम के रूप में ख़रीदिए, और स्रोत के लिए CIAH बीकानेर या उससे लेने वाली नर्सरी से पूछिए।
दूसरी किस्मों से तुलना
इमली (टैमरिंड) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | फल कब से | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| DTS-1 | मीठा लाल गूदा (कर्नाटक) | 4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए) | किस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता है | कर्नाटक |
| Goma Prateekयही पेज | सूखा पश्चिम, अर्ध-बौनी, नियमित फल | 4थे साल से फूल (Indian Horticulture); CIAH 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा बताता है | 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा (एक स्रोत 4थे साल का कहता है, CIAH 9वें साल से जोड़ता है) | राजस्थान, गुजरात |
| PKM-1 | तमिलनाडु का इमली क्षेत्र | 4थे साल से फल; पूरी कमाई वाली फ़सल 9वें साल से (TNAU, इमली के लिए आम) | TNAU: इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ प्रति साल; एक व्याख्यान-नोट PKM-1 के लिए 270 से 300 किग्रा देता है | तमिलनाडु |
| PKM-2 | आँकड़े कम छपे हैं | PKM-2 के लिए प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 4थे साल से फल बताता है | किस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता है | तमिलनाडु |
| Pratishthan | गूदे का ऊँचा हिस्सा, महाराष्ट्र | 4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए) | रिलीज़ वर्णन में गूदे का हिस्सा 61%, 2026 की तुलना में 49.8% नापा गया; पेड़ की उपज नहीं मिली | महाराष्ट्र |
| Urigam | लंबी फली, मीठा गूदा | 4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए) | किस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता है | तमिलनाडु |
| Yogeshwari | लाल गूदा, ज़्यादा उपज | 4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए) | ज़्यादा उपज वाली किस्म बताई गई है; कोई आँकड़ा नहीं मिला | महाराष्ट्र, कर्नाटक |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और इमली (टैमरिंड) का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके इमली (टैमरिंड) के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर इमली (टैमरिंड) किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरइमली (टैमरिंड) की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में इमली (टैमरिंड) का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
इमली (टैमरिंड) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या गोमा प्रतीक बौनी है या अर्ध-बौनी?
अर्ध-बौनी। Indian Horticulture का नोट पेड़ की ऊँचाई 4.7 मीटर और घेरा 63.66 सेमी बताता है, और इसे जल्दी फल देने वाली, फैलने वाली और हर साल फल देने वाली कहता है। 4.7 मीटर सिर से ऊपर है, इसलिए ऊपर की डालियों के लिए डंडा या सीढ़ी फिर भी चाहिए।
गोमा प्रतीक में फूल कब आएँगे और असली फ़सल कब मिलेगी?
Indian Horticulture का नोट कहता है कि फूल 4थे साल से आने लगते हैं। TNAU कहता है कि आम इमली 4थे साल से फल देती है और कमाई वाली उपज 9वें साल से। CIAH 58.50 किग्रा को 9वें साल से जोड़ता है, इसलिए असली फ़सल का हिसाब उसी के आसपास रखिए।
गोमा प्रतीक की फली कितनी बड़ी है?
CIAH 16.70 सेमी x 1.25 सेमी की फली देता है जिसका वज़न 26.70 ग्राम और अम्लता 14.06% है। गुजरात की तुलना में फलियाँ 15.0 सेमी की और गूदे का वज़न 9.21 ग्राम नापा गया, जो परीक्षण में सबसे लंबी और सबसे ज़्यादा में से एक है। फलियाँ जगह और साल से बदलती हैं, इसलिए अपनी ख़ुद नापिए।
क्या गोमा प्रतीक दक्षिण के लिए ठीक है?
इसे बीकानेर के शुष्क-क्षेत्र संस्थान में बनाया गया, और जो अकेली तुलना हमें मिली वह गुजरात की है। तमिलनाडु या कर्नाटक में हमें कोई परीक्षण नहीं मिला। TNAU अपने इमली क्षेत्र के लिए PKM 1 और उरिगम को पसंदीदा बताता है, इसलिए जब तक स्थानीय परीक्षण कुछ और न कहे, वही लीजिए।
गोमा प्रतीक या PKM-1: कौन-सी लगाऊँ?
राजस्थान या गुजरात की सूखी ज़मीन पर गोमा प्रतीक, क्योंकि यह शुष्क फलों पर काम करने वाले संस्थान से है। तमिलनाडु के इमली क्षेत्र में PKM-1, जिसे TNAU पसंदीदा किस्म बताता है। एक व्याख्यान-नोट PKM-1 को 40% गूदा और 270 से 300 किग्रा फली प्रति पेड़ देता है। गोमा प्रतीक के लिए बताया गया 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा है।
स्रोत: Goma Prateek enriching tamarind wealth — Indian Horticulture 58(5), 2019, Fruit varieties — ICAR-Central Institute for Arid Horticulture, Bikaner, Biochemical, mineral and morphological properties of Indian tamarind cultivars — Food Science & Nutrition, 2026, Tamarind — TNAU Agritech Portal (horticulture, spice crops). संपादकीय नीति.
