DTS-1
कर्नाटक की मीठे-लाल गूदे वाली इमली की चुनी किस्म, जिसे TNAU अपनी किस्मों में गिनता है। हमें मिले स्रोत संस्थान पर एकमत नहीं हैं और उपज का कोई आँकड़ा नहीं देते।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- कलमी उन्नत चयन
- सीज़न
- सभी सीज़न
- फल कब से
- 4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए)
- अपेक्षित उपज
- किस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता है
- उपयुक्त मिट्टी
- सभी मिट्टी
- रोग-प्रतिरोध
- प्रकाशित नहीं
- जारी
- कर्नाटक की चुनी किस्म; जारी करने वाले संस्थान पर स्रोत एकमत नहीं हैं, और जारी होने का साल नहीं मिला
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
इस किस्म के बारे में
DTS-1 कर्नाटक की इमली की चुनी किस्म है। TNAU DTS 1 को अपनी इमली की किस्मों में गिनता है। कृषि महाविद्यालय, बीकानेर का एक व्याख्यान-नोट इसे मीठे लाल गूदे वाली किस्म बताता है और बेंगलुरु के एक विश्वविद्यालय से जोड़ता है। एक समीक्षा-लेख DTS-1 और DTS-2 को कर्नाटक की उपज और गूदे के लिए चुनी किस्मों में रखती है। कुछ व्यापारिक पन्ने धारवाड़ के एक महाविद्यालय को श्रेय देते हैं। हमें मिले स्रोत संस्थान पर एकमत नहीं हैं, और किसी में जारी होने का साल, नाम का पूरा रूप या उपज नहीं है, इसलिए यहाँ आँकड़े कम हैं।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
DTS-1 तभी लें जब आप कर्नाटक में खेती करते हों और मातृ-पेड़ देख सकें और उसका गूदा चख सकें। इसे मीठे लाल गूदे वाली किस्म बताया गया है। और कर्नाटक की चुनी किस्मों में DTS-2 के साथ गिना गया है। पर जारी करने वाले संस्थान पर स्रोत अलग हैं। और हमें उपज या गूदे का आँकड़ा नहीं मिला। आँकड़ों वाली किस्म चाहिए तो तमिलनाडु में PKM-1, या सूखी ज़मीन के लिए CIAH की गोमा प्रतीक लीजिए।
बुवाई और खेती
- उर्वरकTNAU: प्रति पेड़ प्रति साल 200 ग्राम N, 150 ग्राम P और 250 ग्राम K, साथ में 25 किग्रा गोबर की खाद और 2 किग्रा नीम की खली (आम इमली के लिए)।
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- मीठे लाल गूदे वाली किस्म बताई गई है, जो भूरे गूदे वाली किस्मों से अलग खाने का स्वाद है।
- TNAU की इमली किस्मों में गिनी गई है और कर्नाटक की चुनी किस्मों में DTS-2 के साथ रखी गई है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- जारी करने वाले संस्थान पर सहमति नहीं है, और हमें मिले स्रोतों में DTS का पूरा नाम नहीं दिया गया।
- उपज, गूदे का हिस्सा या रोग का कोई आँकड़ा नहीं मिला।
- ICAR-IIHR का एक पत्र कहता है कि उपभोक्ता चौड़ा, भूरा गूदा पसंद करते हैं, इसलिए लाल गूदे वाली किस्म के लिए ऐसा ख़रीदार चाहिए जिसे लाल चाहिए।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- कर्नाटक
लाल गूदा या भूरा गूदा: आपका ख़रीदार क्या माँगता है?
DTS-1 को मीठे लाल गूदे वाली किस्म बताया गया है। यह असली फ़र्क़ है, पर ख़रीदार क्या चाहते हैं इस पर जो अकेला अध्ययन हमें मिला वह उलटी तरफ़ इशारा करता है। लक्ष्मण चयन पर ICAR-IIHR का पत्र कहता है कि उपभोक्ता चौड़ा, भूरा गूदा और अच्छी गूदा-प्राप्ति पसंद करते हैं, जो मेल जारी की गई थोड़ी-सी किस्मों में नहीं मिलता। उसके लक्ष्मण पेड़ का गूदा हल्का भूरा है और प्राप्ति 43%, जबकि स्थानीय पेड़ों में 28%।
इसलिए यह न मानिए कि लाल ज़्यादा कमाएगा। DTS-1 के मातृ-पेड़ से 1 किग्रा फली उन दो ख़रीदारों के पास ले जाइए जिन्हें आप सच में बेचेंगे। और पूछिए कि लाल गूदे का भाव क्या देंगे। और पूछिए कि उन्हें बीज निकला हुआ, टोकरी में या साबुत फली चाहिए। यही भूरे स्थानीय गूदे के बारे में पूछिए, और भाव साथ-साथ लिख लीजिए।
गूदे का हिस्सा भी तौलिए, जैसा किसी भी इमली के लिए करते हैं। गूदे का हिस्सा यानी गूदे का वज़न भाग फली का वज़न, गुणा 100। अगर DTS-1 28% को साफ़ अंतर से पार नहीं करती, तो रंग को उसकी भरपाई करनी होगी, और यह आपके ख़रीदार ही बता सकते हैं कि करता है या नहीं।
रोपाई सामग्री कहाँ से आती है
इमली में परागण दूसरे पेड़ों से बहुत होता है और इसे सदियों से बीज से उगाया गया है, इसलिए बीज से बने पौधे बहुत अलग-अलग निकलते हैं (ICAR-IIHR)। किसी नाम वाली किस्म के बीज से उगे पेड़ वैसे नहीं निकलेंगे। TNAU इमली को मार्च-अप्रैल में सॉफ़्टवुड कलम से, या IBA 4000 पीपीएम के साथ दाब-कलम (एयर लेयरिंग) से बढ़ाता है। DTS-1 कलम के रूप में उसी नर्सरी से ख़रीदिए जो मातृ-पेड़ दिखा सके।
दूसरी किस्मों से तुलना
इमली (टैमरिंड) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | फल कब से | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| DTS-1यही पेज | मीठा लाल गूदा (कर्नाटक) | 4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए) | किस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता है | कर्नाटक |
| Goma Prateek | सूखा पश्चिम, अर्ध-बौनी, नियमित फल | 4थे साल से फूल (Indian Horticulture); CIAH 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा बताता है | 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा (एक स्रोत 4थे साल का कहता है, CIAH 9वें साल से जोड़ता है) | राजस्थान, गुजरात |
| PKM-1 | तमिलनाडु का इमली क्षेत्र | 4थे साल से फल; पूरी कमाई वाली फ़सल 9वें साल से (TNAU, इमली के लिए आम) | TNAU: इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ प्रति साल; एक व्याख्यान-नोट PKM-1 के लिए 270 से 300 किग्रा देता है | तमिलनाडु |
| PKM-2 | आँकड़े कम छपे हैं | PKM-2 के लिए प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 4थे साल से फल बताता है | किस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता है | तमिलनाडु |
| Pratishthan | गूदे का ऊँचा हिस्सा, महाराष्ट्र | 4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए) | रिलीज़ वर्णन में गूदे का हिस्सा 61%, 2026 की तुलना में 49.8% नापा गया; पेड़ की उपज नहीं मिली | महाराष्ट्र |
| Urigam | लंबी फली, मीठा गूदा | 4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए) | किस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता है | तमिलनाडु |
| Yogeshwari | लाल गूदा, ज़्यादा उपज | 4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए) | ज़्यादा उपज वाली किस्म बताई गई है; कोई आँकड़ा नहीं मिला | महाराष्ट्र, कर्नाटक |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और इमली (टैमरिंड) का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके इमली (टैमरिंड) के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर इमली (टैमरिंड) किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरइमली (टैमरिंड) की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में इमली (टैमरिंड) का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
इमली (टैमरिंड) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
DTS-1 का पूरा नाम क्या है?
हमारे पढ़े स्रोतों में पूरा नाम नहीं मिला। एक व्याख्यान-नोट DTS-1 को बेंगलुरु के एक विश्वविद्यालय से जोड़ता है, और कुछ व्यापारिक पन्ने धारवाड़ के एक महाविद्यालय का नाम लेते हैं। कलमों के पैसे देने से पहले नर्सरी से संस्थान और मातृ-पेड़ लिखकर पूछिए।
क्या लाल गूदा भूरे गूदे से बेहतर है?
हमें मिले सबूत के हिसाब से नहीं। ICAR-IIHR का एक पत्र कहता है कि उपभोक्ता चौड़ा, भूरा गूदा और अच्छी गूदा-प्राप्ति पसंद करते हैं। जिस ख़रीदार को लाल चाहिए उसके साथ लाल फिर भी जीत सकता है, इसलिए इसका बाग़ लगाने से पहले अपने ख़रीदार को 1 किग्रा फली देकर परखिए।
किन कीटों और रोगों पर नज़र रखूँ?
DTS-1 का कोई स्कोर नहीं है। आम इमली के लिए TNAU पत्ती की सुंडी (Achaea janata), फल लगने पर भंडार का भृंग (Pachymeres gonagra) और चूर्णिल आसिता गिनता है। नई कोंपलों और सूखती फलियों को देखते रहिए, और कोई छिड़काव करने से पहले अपने KVK से पूछिए कि इस समय कौन-से मान्य हैं।
फलियाँ कब तैयार होती हैं, और एक पेड़ कितना देगा?
TNAU कहता है कि फलियाँ मार्च-अप्रैल में तोड़ी जाती हैं और पूरा पेड़ साल में 150 से 200 किग्रा फली देता है, आम इमली के लिए। DTS-1 का कोई आँकड़ा नहीं है। कर्नाटक के तुमकुर में ICAR-IIHR के अध्ययन ने 4 साल में स्थानीय पेड़ों पर 165.0 किग्रा प्रति पेड़ नापा, जो स्थानीय पैमाने की तरह काम आता है।
क्या DTS-1 और DTS-2 एक ही हैं?
नहीं। एक समीक्षा-लेख DTS-1 और DTS-2 को कर्नाटक की दो चुनी किस्में गिनती है। DTS-2 का कोई वर्णन हमें नहीं मिला, इसलिए हम नहीं बता सकते कि दोनों में क्या फ़र्क़ है। ख़रीदते समय देखिए कि टैग पर DTS-1 लिखा है और मातृ-पेड़ दिखाने को कहिए।
स्रोत: Tamarind — TNAU Agritech Portal (horticulture, spice crops), Tamarind (varieties and cultivation) — College of Agriculture, Bikaner, lecture note, A promising new tamarind selection, Lakshamana — Journal of Horticultural Sciences 15(2), 2020 (ICAR-IIHR). संपादकीय नीति.
