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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
इमली (टैमरिंड)सभी सीज़नकलमी उन्नत किस्मअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

PKM-1

भारत में सबसे व्यापक रूप से लगाई गई उन्नत इमली, TNAU की बाग़बानी अनुसंधान केंद्र, पेरियाकुलम द्वारा जारी। एक जल्दी-फलने वाली, भरपूर उपज देने वाली, अर्ध-बौनी कलमी किस्म, लाल-भूरे गूदे के साथ जो जल्दी फलन में आती और छोटे आकार के पेड़ पर बहुत भारी फ़सल देती है।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिवर्ष 4–5 से फल
अपेक्षित उपजबहुत ऊँची — परिपक्व पेड़ आमतौर साल में 250+ किग्रा फलियाँ देते
उपयुक्त मिट्टीसभी मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
कलमी उन्नत किस्म
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
वर्ष 4–5 से फल
अपेक्षित उपज
बहुत ऊँची — परिपक्व पेड़ आमतौर साल में 250+ किग्रा फलियाँ देते
उपयुक्त मिट्टी
सभी मिट्टी
जारी
बाग़बानी अनुसंधान केंद्र, पेरियाकुलम, तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

PKM-1 (पेरियाकुलम-1) तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय की बाग़बानी अनुसंधान केंद्र, पेरियाकुलम द्वारा जारी एक चयन है, और भारत में अब तक सबसे ज़्यादा लगाई गई उन्नत इमली। इसे सॉफ़्टवुड या अप्रोच कलम के रूप में उगाया जाता, इसलिए यह लगभग चार-पाँच साल में फल देना शुरू करती — बीज-पेड़ के दस-पंद्रह के मुक़ाबले — और एक अर्ध-बौना, फैलने वाला पेड़ बनी रहती जिसे सीढ़ी या लंबे डंडे के बिना छिड़का व काटा जा सकता। गूदा लाल-भूरा व अम्लीय, रसोई उपयोग व सांद्र-गूदा प्रसंस्करण को उपयुक्त। व्यापक रूप से दर्ज आँकड़े एक परिपक्व पेड़ को साल में लगभग 250 किग्रा या ज़्यादा फलियों पर रखते, व्यावसायिक बग़ीचे 6–8 मी पर या, जल्दी घनी ब्लॉक को, 5 × 5 मी पर लगाकर बाद में छाँटे जाते।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारकलमी उन्नत किस्म
    अवधिवर्ष 4–5 से फल
    उपज क्षमताबहुत ऊँची — परिपक्व पेड़ आमतौर साल में 250+ किग्रा फलियाँ देते
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं; सामान्य कली-वेबर व फली-छेदक निगरानी
    मिट्टीसभी मिट्टी
    सीज़नसभी सीज़न

बुवाई व खेती

  • दूरीमानक कलमी बग़ीचे को 6–8 मी; जल्दी घनी ब्लॉक को 5 × 5 मी, छतरियाँ मिलते ही छाँटा जाता

उपज व अवधि

पकने की अवधि

वर्ष 4–5 से फल

अपेक्षित उपज

बहुत ऊँची — परिपक्व पेड़ आमतौर साल में 250+ किग्रा फलियाँ देते

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं; सामान्य कली-वेबर व फली-छेदक निगरानी

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • लगभग 4–5 साल में फल — बीज-पेड़ के इंतज़ार का एक अंश
  • अर्ध-बौना, फैलने वाला ढाँचा जिसे आसानी से छिड़का व काटा जा सके
  • भरपूर — परिपक्व पेड़ आमतौर साल में 250+ किग्रा फलियाँ देते
  • स्थिर लाल-भूरा, अम्लीय गूदा जिसके लिए प्रसंस्करणकर्ता व व्यापारी ज़्यादा दाम देते

ध्यान रखने योग्य बातें

  • कोई विशेष कीट या रोग प्रतिरोध नहीं — फूल पर कली-वेबर व फली-छेदक फिर भी संभालने होते
  • एक घनी 5 × 5 मी ब्लॉक छतरियाँ मिलते ही छाँटनी ज़रूरी है वरना अंदरूनी पेड़ ख़ाली हो जाता

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • तमिलनाडु
  • कर्नाटक
  • आंध्र प्रदेश
  • तेलंगाना
  • महाराष्ट्र

स्रोत: TNAU Agritech Portal — Tamarind. संपादकीय नीति.