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इमली (टैमरिंड)सभी सीज़नकलम से लगाई स्थानीय चयन-किस्मअंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Urigam

बहुत लंबी फली और मीठे गूदे वाली तमिलनाडु की पारंपरिक किस्म, जिसे TNAU PKM 1 के साथ इमली की पसंदीदा किस्म बताता है।

सीज़नसभी सीज़न
फल कब से4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए)
अपेक्षित उपजकिस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता है
उपयुक्त मिट्टीसभी मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
कलम से लगाई स्थानीय चयन-किस्म
सीज़न
सभी सीज़न
फल कब से
4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए)
अपेक्षित उपज
किस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता है
उपयुक्त मिट्टी
सभी मिट्टी
रोग-प्रतिरोध
प्रकाशित नहीं
जारी
तमिलनाडु की पारंपरिक स्थानीय किस्म; किसी केंद्र की जारी की हुई नहीं

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

उरिगम तमिलनाडु की पारंपरिक इमली है। कृषि महाविद्यालय, बीकानेर का एक व्याख्यान-नोट इसे बहुत लंबी फली और मीठे गूदे वाली स्थानीय किस्म बताता है। TNAU अपनी इमली की किस्मों में इसे दूसरे नंबर पर गिनता है। PKM 1 के साथ इसे पसंदीदा किस्म बताता है। और एक समीक्षा-लेख इसे तमिलनाडु की उपज और गूदे के लिए चुनी किस्मों में रखती है। यह स्थानीय किस्म है, किसी केंद्र की जारी की हुई नहीं, इसलिए इसका न जारी होने का साल है न रिलीज़ उपज। इसे भी जारी किस्मों की तरह कलम से बढ़ाया जाता है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

आप तमिलनाडु में खेती करते हैं और खाने के लिए लंबी, मीठे गूदे वाली फली बेचना चाहते हैं, जहाँ TNAU इसे PKM 1 के साथ पसंदीदा किस्म बताता है, तो उरिगम चुनिए। यह पारंपरिक किस्म है, किसी केंद्र की जारी की हुई नहीं, और हमें इसकी उपज या गूदे का कोई आँकड़ा नहीं मिला। प्रसंस्करणकर्ता को वज़न से बिना बीज का गूदा बेचना हो तो PKM-1 के पास आँकड़े हैं (एक व्याख्यान-नोट में 270 से 300 किग्रा फली प्रति पेड़ और 40% गूदा)। जिस पेड़ से आपकी कलम आएगी, उसकी एक फली चखकर देखिए।

बुवाई और खेती

  • दूरीइमली के लिए 8 से 10 मीटर x 8 से 10 मीटर (TNAU), यानी 156 से 100 पेड़ प्रति हेक्टेयर।
  • सिंचाईरोपाई के बाद हर 7 दिन में एक बार पानी दीजिए (TNAU)।

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • बहुत लंबी फली और मीठा गूदा, जो खाने के लिए बेचने में काम आता है।
  • TNAU ने तमिलनाडु के लिए PKM 1 के साथ पसंदीदा किस्म बताया।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • उपज, गूदे का हिस्सा या रोग का कोई आँकड़ा नहीं मिला।
  • स्थानीय किस्म का कोई जारी रिकॉर्ड नहीं होता, इसलिए दो नर्सरियाँ इस नाम से थोड़े अलग पेड़ बेच सकती हैं।
  • मीठा गूदा प्रसंस्करण से ज़्यादा खाने के काम का हो सकता है; पहले ख़रीदार से पूछिए।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • तमिलनाडु

लगाने से पहले: फलियों का बीज कौन निकालेगा, और कितने दिन लगेंगे?

इमली की कमाई कटाई के बाद बनती है। ICAR-IIHR के तुमकुर अध्ययन में एक व्यक्ति दिन में 15 से 20 किग्रा फली का छिलका और बीज निकाल पाता था और लगभग 400 रुपये रोज़ कमाता था (2020)। TNAU की आम फ़सल लीजिए: 100 पेड़ों वाले एक हेक्टेयर से 15 से 20 टन फली। हाथ से यह 750 से 1,333 दिन का काम है, क्योंकि 15,000 किग्रा को 20 से भाग दें तो 750 और 20,000 किग्रा को 15 से भाग दें तो 1,333 आता है।

यही हिसाब तय करता है कि आप कैसे बेचेंगे। आप सूखी साबुत फली बेचकर काम व्यापारी पर छोड़ सकते हैं। या मज़दूरी देकर या परिवार की मेहनत से साफ़ गूदा बना सकते हैं। यह उसी अध्ययन में 50 किग्रा की टोकरी के 1,500 रुपये बिका। बीज 17 रुपये किलो और छिलके के टुकड़े 2.50 रुपये किलो। ये किसी और पेड़ के 2020 के तुमकुर भाव हैं, इसलिए इन्हें सिर्फ़ काम का स्वरूप समझने के लिए लीजिए, आज के भाव की तरह नहीं।

उरिगम जैसी लंबी फली, मीठे गूदे वाली किस्म के लिए, लगाने से पहले ख़रीदार से पूछिए कि उसे किस रूप में चाहिए। जवाब खाने के लिए साबुत फली हो तो बीज निकालने के दिन बचते हैं। गूदा हो तो PKM-1 की जगह इसे चुनने से पहले जाँचिए कि पेड़ कितना गूदा देता है।

रोपाई सामग्री कहाँ से आती है

इमली में परागण दूसरे पेड़ों से बहुत होता है और इसे सदियों से बीज से उगाया गया है, इसलिए बीज से बने पौधे बहुत अलग-अलग निकलते हैं (ICAR-IIHR)। किसी नाम वाली किस्म के बीज से उगे पेड़ वैसे नहीं निकलेंगे। TNAU इमली को मार्च-अप्रैल में सॉफ़्टवुड कलम से, या IBA 4000 पीपीएम के साथ दाब-कलम (एयर लेयरिंग) से बढ़ाता है। उरिगम स्थानीय किस्म है और उसका जारी रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए कलमें उसी नर्सरी से ख़रीदिए जो मातृ-पेड़ का नाम बताए।

दूसरी किस्मों से तुलना

इमली (टैमरिंड) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
DTS-1मीठा लाल गूदा (कर्नाटक)4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए)किस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता हैकर्नाटक
Goma Prateekसूखा पश्चिम, अर्ध-बौनी, नियमित फल4थे साल से फूल (Indian Horticulture); CIAH 58.50 किग्रा फल प्रति पौधा बताता है58.50 किग्रा फल प्रति पौधा (एक स्रोत 4थे साल का कहता है, CIAH 9वें साल से जोड़ता है)राजस्थान, गुजरात
PKM-1तमिलनाडु का इमली क्षेत्र4थे साल से फल; पूरी कमाई वाली फ़सल 9वें साल से (TNAU, इमली के लिए आम)TNAU: इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ प्रति साल; एक व्याख्यान-नोट PKM-1 के लिए 270 से 300 किग्रा देता हैतमिलनाडु
PKM-2आँकड़े कम छपे हैंPKM-2 के लिए प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 4थे साल से फल बताता हैकिस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता हैतमिलनाडु
Pratishthanगूदे का ऊँचा हिस्सा, महाराष्ट्र4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए)रिलीज़ वर्णन में गूदे का हिस्सा 61%, 2026 की तुलना में 49.8% नापा गया; पेड़ की उपज नहीं मिलीमहाराष्ट्र
Urigamयही पेजलंबी फली, मीठा गूदा4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए)किस्म का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; TNAU आम इमली के लिए 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ देता हैतमिलनाडु
Yogeshwariलाल गूदा, ज़्यादा उपज4थे साल से फल (TNAU, आम इमली के लिए)ज़्यादा उपज वाली किस्म बताई गई है; कोई आँकड़ा नहीं मिलामहाराष्ट्र, कर्नाटक

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और इमली (टैमरिंड) का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

इमली (टैमरिंड) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या उरिगम जारी की हुई किस्म है?

नहीं। एक व्याख्यान-नोट इसे स्थानीय किस्म कहता है, और हमें कोई रिलीज़ सूचना नहीं मिली। फिर भी TNAU इसे अपनी इमली की किस्मों में गिनता है और PKM 1 के साथ पसंदीदा किस्म बताता है। यानी बाज़ार में इसका नाम अच्छा है, पर नर्सरी को पकड़ने के लिए कोई जारी उपज नहीं है।

क्या उरिगम PKM-1 से ज़्यादा मीठी है?

व्याख्यान-नोट उरिगम के गूदे को मीठा कहता है और PKM-1 के गूदे को मीठा या खट्टा नहीं बताता। दोनों की तुलना का कोई प्रयोगशाला-आँकड़ा नहीं है। सारी इमली खट्टी-मीठी होती है क्योंकि उसमें टार्टरिक अम्ल और शर्कराएँ दोनों हैं, इसलिए तय करने से पहले दोनों के मातृ-पेड़ की एक-एक फली चखिए।

एक हेक्टेयर उरिगम कितना देगा?

उरिगम का कोई आँकड़ा नहीं है। TNAU आम इमली के लिए साल में 150 से 200 किग्रा फली प्रति पेड़ बताता है। 8 से 10 मीटर की दूरी पर यह 100 से 156 पेड़ हैं, यानी पूरे बड़े पेड़ों से लगभग 15 से 31 टन फली प्रति हेक्टेयर, जिसे TNAU 9वें साल के बाद रखता है। शुरुआती सालों के लिए कम का अनुमान रखिए।

उरिगम के जवान पेड़ों के बीच क्या उगा सकता हूँ?

TNAU क्यारियों के बीच 4 साल तक दलहन, कम अवधि की सब्ज़ियाँ, सालाना सहजन, तिल और ज्वार की इजाज़त देता है। फ़सल को कलम से दूर रखिए, रोपाई के बाद पेड़ों को हर 7 दिन में एक बार पानी दीजिए, और रूटस्टॉक से निकलने वाले कल्ले हटाइए।

कलम कब बाँधूँ या कलमें कब ख़रीदूँ?

TNAU मार्च-अप्रैल में सॉफ़्टवुड कलम बाँधता है, और कलमें जून से दिसंबर तक 1 x 1 x 1 मीटर के गड्ढों में लगाता है। इसलिए कलमें साल के शुरू के महीनों में बुक कीजिए, बारिश के समय पर ले लीजिए, और नर्सरी से पूछिए कि डालियाँ किस पेड़ से ली गईं।

स्रोत: Tamarind — TNAU Agritech Portal (horticulture, spice crops), Tamarind (varieties and cultivation) — College of Agriculture, Bikaner, lecture note, A promising new tamarind selection, Lakshamana — Journal of Horticultural Sciences 15(2), 2020 (ICAR-IIHR). संपादकीय नीति.