Yogeshwari
गहरे लाल गूदे व ऊँची, नियमित उपज वाली एक प्रमुख महाराष्ट्र किस्म, मराठवाड़ा में व्यापक रूप से उगाई जाती और प्रसंस्करणकर्ताओं द्वारा उस मज़बूत रंग के लिए पसंद जो यह सॉस व सांद्र को देती।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- कलमी उन्नत किस्म
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- वर्ष 4–5 से फल (कलमी)
- अपेक्षित उपज
- ऊँची व नियमित
- उपयुक्त मिट्टी
- सभी मिट्टी
इस किस्म के बारे में
योगेश्वरी महाराष्ट्र की मुख्य आधार उन्नत इमली किस्मों में से एक है, मराठवाड़ा इमली पट्टी भर और कर्नाटक व तेलंगाना में कलम के रूप में उगाई जाती। इसका परिभाषित गुण एक गहरा लाल गूदा है, जिसे प्रसंस्करणकर्ता क़ीमती मानते क्योंकि यह चटनी, सॉस व सांद्र में बिना योजक मज़बूत प्राकृतिक रंग ले जाता है। यह कलमी पेड़ पर लगभग चौथे या पाँचवें साल से नियमित व भारी फल देती और गूदा-प्रसंस्करण व्यापार को लक्षित बग़ीचों के लिए एक आम चुनाव है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
वर्ष 4–5 से फल (कलमी)
अपेक्षित उपज
ऊँची व नियमित
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- अलग दर्ज नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- गहरा लाल गूदा — चटनी, सॉस व सांद्र प्रसंस्करणकर्ताओं द्वारा क़ीमती मज़बूत प्राकृतिक रंग
- ऊँची, नियमित सालाना उपज
- महाराष्ट्र इमली पट्टी भर अच्छी तरह परखी
ध्यान रखने योग्य बातें
- रोग व कीट प्रतिरोध अलग दर्ज नहीं
- कलमी पौधे महाराष्ट्र व पड़ोसी राज्यों के भीतर सबसे आसानी से उपलब्ध
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- महाराष्ट्र
- कर्नाटक
- तेलंगाना
