PKM-2
TNAU पेरियाकुलम का एक बाद का चयन, एक कलमी उन्नत किस्म जो लंबी फलियों व अच्छी गूदा-प्राप्ति के लिए मूल्यवान, उसी पट्टी में PKM-1 के विकल्प या साथी के रूप में लगाई जाती।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- कलमी उन्नत किस्म
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- वर्ष 4–5 से फल
- अपेक्षित उपज
- ऊँची; लंबी फलियाँ अच्छा गूदा-से-फली अनुपात देतीं
- उपयुक्त मिट्टी
- सभी मिट्टी
- जारी
- बाग़बानी अनुसंधान केंद्र, पेरियाकुलम, तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
PKM-2 बाग़बानी अनुसंधान केंद्र, पेरियाकुलम (TNAU) की दूसरी उन्नत इमली है, PKM-1 के साथ या उसकी जगह कलम के रूप में उगाई जाती। यह लंबी फलियों व अच्छे गूदा-से-छिलका अनुपात के लिए मूल्यवान, जो प्रति क्विंटल कच्ची फली इस्तेमाल-योग्य गूदे की प्राप्ति बढ़ाता। PKM-1 की तरह यह जल्दी-फलने वाली, लगभग चार-पाँच साल में फलन में आती, और मानक कलमी बग़ीचे में 6–8 मी पर लगाई जाती।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
वर्ष 4–5 से फल
अपेक्षित उपज
ऊँची; लंबी फलियाँ अच्छा गूदा-से-फली अनुपात देतीं
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- अलग दर्ज नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- अच्छे गूदा-से-छिलका अनुपात वाली लंबी फलियाँ — प्रति क्विंटल कच्ची फली ज़्यादा इस्तेमाल-योग्य गूदा
- जल्दी-फलने वाली, PKM-1 की तरह लगभग वर्ष 4–5 से फल
- रसोई बिक्री व गूदा प्रसंस्करण दोनों को सूट करती
ध्यान रखने योग्य बातें
- रोग व कीट प्रतिरोध अलग दर्ज नहीं — किसी भी इमली की तरह कली-वेबर व फली-छेदक संभालें
- PKM-1 से कम व्यापक रूप से लगाई जाती, इसलिए कुछ इलाक़ों में कलमी पौधे मिलना कठिन हो सकता
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- तमिलनाडु
- कर्नाटक
- आंध्र प्रदेश
