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लीचीसभी सीज़नएयर-लेयर (क्लोनल किस्म)अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026

Bombai

पश्चिम बंगाल की अगेती खाने की लीची, जो NHB के अनुसार मई के पहले-दूसरे हफ़्ते में पकती है। बड़ा, तिरछा दिल जैसे आकार का फल, प्रति पेड़ 80–90 किलो, TSS 17%।

सीज़नसभी सीज़न
फल कब सेअगेती, मई के पहले-दूसरे हफ़्ते में पकती है (NHB)
अपेक्षित उपजपूर्ण फलन पर 80–90 किग्रा/पेड़/वर्ष
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
लीची
प्रकार
एयर-लेयर (क्लोनल किस्म)
सीज़न
सभी सीज़न
फल कब से
अगेती, मई के पहले-दूसरे हफ़्ते में पकती है (NHB)
अपेक्षित उपज
पूर्ण फलन पर 80–90 किग्रा/पेड़/वर्ष
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
रोग-प्रतिरोध
NHB के अनुसार बॉम्बई पर लीची माइट (पत्ती की माइट) का हमला गंभीर होता है

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

बॉम्बई पश्चिम बंगाल की एक अहम व्यावसायिक खाने की लीची है। NHB के अनुसार यह मई के पहले-दूसरे हफ़्ते में पकती है, यानी यहाँ की सातों किस्मों में तारीख़ वाली सबसे पहली। अर्ली बेदाना की तारीख़ NHB नहीं देता। पेड़ ज़ोरदार बढ़ते हैं, लगभग 6.7 मीटर ऊँचे और 7–8 मीटर चौड़े, इसलिए जगह दीजिए। फल बड़े और तिरछे दिल जैसे आकार के होते हैं, हरे रंग पर गहरे लाल उभार के साथ। गूदा भूरापन लिए सफ़ेद, मुलायम और रसीला होता है, TSS 17%। पूरे फलन वाला पेड़ औसतन 80–90 किलो देता है। हर पूरे विकसित फल की डंडी पर एक छोटा, अधूरा विकसित फल भी लगा होता है, जिससे किस्म पहचानने में मदद मिलती है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

पश्चिम बंगाल में उगाते हैं और मई के पहले-दूसरे हफ़्ते में, मुज़फ़्फ़रपुर वाली किस्मों से पहले, फल चाहिए तो बॉम्बई चुनिए। NHB इसे प्रति पेड़ 80–90 किलो और बड़ा दिल जैसा फल देता है, पर TSS सिर्फ़ 17% है, यानी यह सबसे मीठी नहीं है। उपज से ज़्यादा मिठास (19.8% TSS) और प्रसंस्करण मायने रखता है तो अर्ली बेदाना लीजिए। मई के तीसरे हफ़्ते से बेच सकते हैं और प्रति पेड़ ज़्यादा फल (90–100 किलो) चाहिए तो शाही लीजिए।

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयअगस्त–सितंबर में, मानसून आने के बाद रोपाई करें (NHB)।
  • दूरी8 × 8 मीटर वर्गाकार। जहाँ पेड़ का फैलाव ज़्यादा हो वहाँ 10 मीटर की दूरी रखें (NHB)।
  • बुवाई विधि6–9 महीने का गूटी (एयर-लेयर) वाला पौधा 1 घन मीटर के गड्ढे में लगाएँ, जिसमें ऊपरी मिट्टी, 20–25 किलो गोबर की खाद, 2 किलो हड्डी का चूरा और 400 ग्राम सल्फ़ेट ऑफ़ पोटाश भरा हो। रोपाई के तुरंत बाद पानी दें (NHB)।
  • सिंचाईछोटे पौधों को थाले में बार-बार पानी दें। फूल आने से चार महीने पहले सिंचाई बंद कर दें। सबसे ज़रूरी समय जनवरी के आख़िर से मानसून की शुरुआत तक है, जब फल बढ़ता है। इसमें चूक होने पर फल झड़ते और फटते हैं (NHB)।
  • उर्वरकप्रति पेड़ (NHB): रोपाई के साल 10–20 किलो गोबर की खाद, फिर हर साल 4 किलो बढ़ाते हुए पूरे फलन वाले पेड़ पर 60 किलो तक। पूरे फलन वाले पेड़ को 2.2 किलो अमोनियम सल्फ़ेट, 1.2 किलो सुपरफॉस्फेट और 1.2 किलो पोटैशियम सल्फ़ेट भी दें। गोबर की खाद, सुपरफॉस्फेट और पोटाश सितंबर में दें, और नाइट्रोजन दो बार में: फरवरी के बीच में और फल तोड़ने के बाद।
  • कटाईपूरी तरह पके फल तोड़ें: लाल रंग, कम से कम 25 मिलीमीटर चौड़ाई, छिलके के उभार कुछ चपटे और छिलका चिकना। पूरा गुच्छा थोड़ी टहनी और कुछ पत्तियों के साथ काटें। दूर की मंडी के लिए थोड़ा पहले तोड़ें, जब रंग बदलना शुरू ही हुआ हो (NHB)।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
गहरी, अच्छे जल-निकास वाली दोमट मिट्टी, जिसमें जैविक पदार्थ भरपूर हो। बलुई दोमट और चिकनी दोमट भी चलती है (NHB)।
pH
5.5–7
सिंचाई
भूजल स्तर ज़मीन से कम से कम 1.5–2 मीटर नीचे (NHB)।

जलवायु

तापमान
About 21°C (February) to 38°C (June) maximum in litchi tracts
बारिश
>125 cm, well spread through the year
जलवायु
सर्दी का पाला और गर्मी की सूखी गर्मी पौधे को नुकसान पहुँचाती है और फल फटते हैं। फूल आने के समय लगातार बारिश से परागण में रुकावट आती है। लीची 800 मीटर की ऊँचाई तक हो जाती है, पर नीचे की ऊँचाई पर सबसे अच्छी होती है (NHB)।

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • मई के पहले-दूसरे हफ़्ते में पकती है (NHB), मुज़फ़्फ़रपुर वाली किस्मों से पहले
  • बड़ा फल और औसतन प्रति पेड़ 80–90 किलो
  • पहचानना आसान: हर फल की डंडी पर एक छोटा, अधूरा विकसित फल लगा होता है

ध्यान रखने योग्य बातें

  • NHB के अनुसार बॉम्बई, चाइना और कसबा पर लीची माइट का हमला गंभीर होता है। हर मौसम में नई पत्तियाँ जाँचिए।
  • TSS 17% है, जो अर्ली बेदाना (19.8%), रोज़ सेंटेड (20%) और कलकतिया (18.17%) से कम है।
  • पेड़ ज़ोरदार बढ़ते हैं, लगभग 6.7 मीटर ऊँचे और 7–8 मीटर चौड़े, और पास-पास लगाने पर एक-दूसरे को दबा देंगे।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • पश्चिम बंगाल

डंडी पर दूसरा छोटा फल देखिए

NHB एक ऐसी पहचान बताता है जिसे जाँचना आसान है: बॉम्बई में हर पूरे विकसित फल की डंडी पर एक और छोटा, अधूरा विकसित फल लगा होता है।

माँ-पेड़ चुनते समय या नर्सरी जाँचते समय इसका इस्तेमाल कीजिए। मई में फल आने पर माँ-पेड़ दिखाने को कहिए और डंडी पर वह अतिरिक्त छोटा फल ढूँढिए। न दिखे तो नर्सरी से पूछिए कि गूटी कहाँ से ली गई।

हर लीची किस्म की छोटी गूटियाँ एक जैसी दिखती हैं। बिल पर किस्म का नाम, माँ-पेड़ और तारीख़ लिखवाइए।

रोपाई सामग्री कहाँ से आती है

यह गूटी (लेयरिंग) से तैयार होती है — पेड़ पर लगी हुई टहनी में ही जड़ें बनवाई जाती हैं, फिर उसे काटकर लगाया जाता है। इसके फल के बीज से यही किस्म वापस नहीं मिलती। गूटी इसी किस्म के किसी जाने-पहचाने मातृ पेड़ से लीजिए, या पौधे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से ख़रीदिए।

दूसरी किस्मों से तुलना

लीची की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
Bombaiयही पेजमई के पहले आधे में ताज़ा बिक्री के लिए पश्चिम बंगाल की अगेती खाने की लीचीअगेती, मई के पहले-दूसरे हफ़्ते में पकती है (NHB)पूर्ण फलन पर 80–90 किग्रा/पेड़/वर्षपश्चिम बंगाल
Calcuttiaगर्म उत्तरी इलाक़ों के लिए देर की, बहुत मीठी खाने की लीची, अगर हवा से बचाव और पानी दे सकेंदेर की किस्म, जून के आख़िरी हफ़्ते में पकती है (NHB)पूर्ण फलन पर 80–100 किग्रा/पेड़/वर्षNorthern India, Hotter areas with wind protection and irrigation
Chinaमुज़फ़्फ़रपुर पट्टी के उन बाग़ों के लिए बौनी-सी लीची, जहाँ हर साल माइट की जाँच दिनचर्या में शामिल होमई के तीसरे हफ़्ते से पकती है (NHB, मुज़फ़्फ़रपुर)पूर्ण फलन पर 80–100 किग्रा/पेड़/वर्षबिहार
Dehradunउन किसानों के लिए देर की गुलाबी लीची, जो फल बढ़ने के दौरान मिट्टी की नमी एक-सी रख सकते हैंदेर की किस्म, जून के तीसरे हफ़्ते से पकती है (NHB)पूर्ण फलन पर 80–90 किग्रा/पेड़/वर्षउत्तर प्रदेश, पंजाब
Early Bedana (Early Seedless)सबसे अगेती लीची, खाने या प्रसंस्करण के लिए, जब सबसे बड़ी फ़सल से ज़्यादा नियमित फ़सल मायने रखती होसबसे अगेती किस्म (NHB तारीख़ नहीं देता)पूर्ण फलन पर 50–60 किग्रा/पेड़/वर्षउत्तर प्रदेश, पंजाब
Rose Scentedख़ुशबू माँगने वाले ख़रीदारों के लिए शाही के साथ उगाने लायक़ मीठी, गुलाब जैसी महक वाली खाने की लीचीमध्य-मौसम, जून के पहले हफ़्ते से पकना शुरू (NHB)पूर्ण फलन पर 80–90 किग्रा/पेड़/वर्षBihar (Muzaffarpur belt)
Shahiमुज़फ़्फ़रपुर पट्टी की भारी फलने वाली खाने की लीची, जो 2018 के GI नाम 'शाही लीची ऑफ़ बिहार' से बिकती हैमई के तीसरे हफ़्ते से पकती है (NHB, मुज़फ़्फ़रपुर)पूर्ण फलन पर 90–100 किग्रा/पेड़/वर्षBihar (Muzaffarpur belt)

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और लीची का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

लीची के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बॉम्बई शाही से पहले पकती है?

NHB की तारीख़ों में हाँ। बॉम्बई पश्चिम बंगाल में मई के पहले-दूसरे हफ़्ते में पकती है। शाही मुज़फ़्फ़रपुर में मई के तीसरे हफ़्ते से शुरू होती है। ये दो अलग जगहें हैं, इसलिए इस अंतर पर योजना बनाने से पहले अपने ज़िले में तुलना कीजिए।

बॉम्बई के पेड़ को कितनी जगह चाहिए?

ज़्यादातर किस्मों से ज़्यादा। NHB के अनुसार पेड़ ज़ोरदार बढ़ते हैं, लगभग 6.7 मीटर ऊँचे और 7–8 मीटर चौड़े। उसकी आम दूरी 8 × 8 मीटर है, और जहाँ फैलाव ज़्यादा हो वहाँ 10 मीटर। बॉम्बई के लिए 10 मीटर ज़्यादा सुरक्षित है।

क्या बॉम्बई बिहार या झारखंड के लिए ठीक है?

NHB बॉम्बई को पश्चिम बंगाल की व्यावसायिक किस्म बताता है। बिहार या झारखंड में बॉम्बई की उपज या पकने के कोई आँकड़े वह नहीं देता। वहाँ खेती करते हैं तो पूरा खंड लगाने से पहले अपने कृषि विज्ञान केंद्र से पूछिए कि स्थानीय बाग़ों में यह कैसी रही।

क्या बॉम्बई इतनी मीठी है कि अच्छी बिके?

NHB बॉम्बई का TSS 17% बताता है, गूदा भूरापन लिए सफ़ेद, मुलायम और रसीला। यह रोज़ सेंटेड (20%), अर्ली बेदाना (19.8%) और कलकतिया (18.17%) से कम है। इसका दम अगेती तारीख़ और बड़े फल में है, मिठास में नहीं। ख़रीदार से मिठास का वादा करने से पहले अपने फल चखकर देख लीजिए।

बॉम्बई का पेड़ कितने साल में फल देता है?

NHB एक जगह उचित देखभाल में 3 से 4 साल कहता है, और दूसरी जगह फूल-फल आने में कम से कम छह साल। छह साल मानकर चलिए। तब तक NHB छोटे पेड़ों के बीच दलहन, सब्ज़ी, पपीता या केला लगाने को कहता है, लीची से दूर रखकर।

स्रोत: Varieties — NHB, Litchi, Planting — NHB, Litchi, Soil and climate — NHB, Litchi, Irrigation — NHB, Litchi, Manuring and fertilization — NHB, Litchi, Harvesting — NHB, Litchi. संपादकीय नीति.