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लीचीसभी सीज़नहवाई कलम (क्लोन से बढ़ाई जाने वाली किस्म)अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Shahi

मुज़फ़्फ़रपुर की मुख्य लीची, जो 2018 में 'शाही लीची ऑफ़ बिहार' नाम से GI में दर्ज हुई। NHB के अनुसार भारी फलने वाली, बड़ा अंडाकार से लंबा-शंक्वाकार फल, प्रति पेड़ 90–100 किलो, मई के तीसरे हफ़्ते से पकना शुरू।

सीज़नसभी सीज़न
फल कब सेमई के तीसरे हफ़्ते से पकती है (NHB, मुज़फ़्फ़रपुर)
अपेक्षित उपजपूर्ण फलन पर 90–100 किग्रा/पेड़/वर्ष
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
लीची
प्रकार
हवाई कलम (क्लोन से बढ़ाई जाने वाली किस्म)
सीज़न
सभी सीज़न
फल कब से
मई के तीसरे हफ़्ते से पकती है (NHB, मुज़फ़्फ़रपुर)
अपेक्षित उपज
पूर्ण फलन पर 90–100 किग्रा/पेड़/वर्ष
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
रोग-प्रतिरोध
किसी खास रोग-प्रतिरोध का दावा नहीं

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

शाही बिहार की मुज़फ़्फ़रपुर पट्टी की सबसे जानी-पहचानी लीची है। NHB इसे भारी फलने वाली खाने की किस्म बताता है, जिसका फल बड़ा, अंडाकार से लंबा-शंक्वाकार होता है। पकने पर छिलके के हरे रंग पर गहरे लाल उभार दिखते हैं। पूरे फलन वाला पेड़ औसतन 90–100 किलो फल देता है। 'शाही लीची ऑफ़ बिहार' नाम 2018 में भौगोलिक संकेत (GI) के रूप में दर्ज हुआ। यह टैग उस बिहार इलाक़े में उगी शाही का है जो पंजीकरण में दिया गया है, हर जगह की शाही का नहीं। NHB पकने का समय मई का तीसरा हफ़्ता बताता है। तारीख़ साल और जगह के साथ बदलती है, इसलिए अपने पेड़ों को देखकर चलिए।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

मुज़फ़्फ़रपुर पट्टी में खेती करते हैं और ताज़ा फल बेचते हैं तो शाही चुनिए। NHB इसे प्रति पेड़ 90–100 किलो देता है, जो यहाँ तुलना की गई सातों किस्मों में सबसे ज़्यादा औसत है, और फल बड़ा है। यह मई के तीसरे हफ़्ते से पकती है, लगभग चाइना के साथ, इसलिए अपने आप तुड़ाई का समय नहीं बढ़ाएगी। हफ़्तों बाद, जून के आख़िरी हफ़्ते में फल चाहिए तो कलकतिया लीजिए। ख़ुशबू और मिठास (20% TSS) पर बिकने वाली छोटी खेप के लिए रोज़ सेंटेड लीजिए। उपज से ज़्यादा ज़रूरी बाज़ार में सबसे पहले पहुँचना हो तो अर्ली बेदाना लीजिए।

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयअगस्त–सितंबर में, मानसून आने के बाद रोपाई करें (NHB)।
  • दूरी8 × 8 मीटर वर्गाकार। जहाँ पेड़ का फैलाव ज़्यादा हो वहाँ 10 मीटर की दूरी रखें (NHB)।
  • बुवाई विधि6–9 महीने का गूटी (एयर-लेयर) वाला पौधा 1 घन मीटर के गड्ढे में लगाएँ, जिसमें ऊपरी मिट्टी, 20–25 किलो गोबर की खाद, 2 किलो हड्डी का चूरा और 400 ग्राम सल्फ़ेट ऑफ़ पोटाश भरा हो। रोपाई के तुरंत बाद पानी दें (NHB)।
  • सिंचाईछोटे पौधों को थाले में बार-बार पानी दें। फूल आने से चार महीने पहले सिंचाई बंद कर दें। सबसे ज़रूरी समय जनवरी के आख़िर से मानसून की शुरुआत तक है, जब फल बढ़ता है। इसमें चूक होने पर फल झड़ते और फटते हैं (NHB)।
  • उर्वरकप्रति पेड़ (NHB): रोपाई के साल 10–20 किलो गोबर की खाद, फिर हर साल 4 किलो बढ़ाते हुए पूरे फलन वाले पेड़ पर 60 किलो तक। पूरे फलन वाले पेड़ को 2.2 किलो अमोनियम सल्फ़ेट, 1.2 किलो सुपरफॉस्फेट और 1.2 किलो पोटैशियम सल्फ़ेट भी दें। गोबर की खाद, सुपरफॉस्फेट और पोटाश सितंबर में दें, और नाइट्रोजन दो बार में: फरवरी के बीच में और फल तोड़ने के बाद।
  • कटाईपूरी तरह पके फल तोड़ें: लाल रंग, कम से कम 25 मिलीमीटर चौड़ाई, छिलके के उभार कुछ चपटे और छिलका चिकना। पूरा गुच्छा थोड़ी टहनी और कुछ पत्तियों के साथ काटें। दूर की मंडी के लिए थोड़ा पहले तोड़ें, जब रंग बदलना शुरू ही हुआ हो (NHB)।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
गहरी, अच्छे जल-निकास वाली दोमट मिट्टी, जिसमें जैविक पदार्थ भरपूर हो। बलुई दोमट और चिकनी दोमट भी चलती है (NHB)।
pH
5.5–7
सिंचाई
भूजल स्तर ज़मीन से कम से कम 1.5–2 मीटर नीचे (NHB)।

जलवायु

तापमान
About 21°C (February) to 38°C (June) maximum in litchi tracts
बारिश
>125 cm, well spread through the year
जलवायु
सर्दी का पाला और गर्मी की सूखी गर्मी पौधे को नुकसान पहुँचाती है और फल फटते हैं। फूल आने के समय लगातार बारिश से परागण में रुकावट आती है। लीची 800 मीटर की ऊँचाई तक हो जाती है, पर नीचे की ऊँचाई पर सबसे अच्छी होती है (NHB)।

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • भारी फल देती है और फल बड़ा है: NHB के अनुसार प्रति पेड़ 90–100 किलो, यहाँ की सातों किस्मों में सबसे ज़्यादा औसत
  • नामित बिहार इलाक़े के फल के लिए दर्ज GI नाम 'शाही लीची ऑफ़ बिहार' (2018)
  • मई के तीसरे हफ़्ते से पकती है, जून वाली किस्मों से पहले

ध्यान रखने योग्य बातें

  • GI नाम नामित बिहार इलाक़े की शाही के लिए है। दूसरी जगह उगी शाही इस नाम से नहीं बेची जा सकती।
  • यह चाइना के साथ उसी हफ़्ते (मई का तीसरा हफ़्ता) पकना शुरू करती है, इसलिए दोनों मिलकर आपका तुड़ाई का मौसम लंबा नहीं करतीं।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • Bihar (Muzaffarpur belt)

डिब्बे पर GI नाम छापने से पहले

'शाही लीची ऑफ़ बिहार' नाम 2018 में भौगोलिक संकेत (GI) के रूप में दर्ज हुआ। आवेदक मुज़फ़्फ़रपुर का लीची उत्पादक संघ, बिहार था। पंजीकरण बिहार के एक नामित इलाक़े में उगी शाही के लिए है, हर जगह उगी शाही के लिए नहीं।

समाचार मुज़फ़्फ़रपुर और उसके पास के ज़िलों का नाम लेते हैं। रजिस्ट्री की सूची बड़ी है और उसमें दरभंगा जैसे ज़िले भी हैं। दोनों में से किसी पर याद के भरोसे मत चलिए। दर्ज सूची पढ़िए, और GI रजिस्ट्री पर जाँच लीजिए कि पंजीकरण अभी चालू है। रजिस्ट्री के रिकॉर्ड (आवेदन 552, 20 जून 2016 को दाख़िल) में यह 19 जून 2026 तक मान्य दिखता है, और IP India की 31 दिसंबर 2025 तक की दर्ज GI सूची में यह अब भी है। वह तारीख़ अब निकल चुकी है और नवीनीकरण की प्रविष्टि हमें नहीं मिली, इसलिए जब तक ख़ुद देख न लें, मत मानिए कि टैग अभी लागू है।

आपका बाग़ नामित इलाक़े के बाहर हो तो फल को शाही के नाम से बेचिए और बताइए कि कहाँ उगा। पौधे ख़रीदते समय बिल पर किस्म का नाम लिखवाइए।

रोपाई सामग्री कहाँ से आती है

यह गूटी (लेयरिंग) से तैयार होती है — पेड़ पर लगी हुई टहनी में ही जड़ें बनवाई जाती हैं, फिर उसे काटकर लगाया जाता है। इसके फल के बीज से यही किस्म वापस नहीं मिलती। गूटी इसी किस्म के किसी जाने-पहचाने मातृ पेड़ से लीजिए, या पौधे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से ख़रीदिए।

दूसरी किस्मों से तुलना

लीची की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
Bombaiमई के पहले आधे में ताज़ा बिक्री के लिए पश्चिम बंगाल की अगेती खाने की लीचीअगेती, मई के पहले-दूसरे हफ़्ते में पकती है (NHB)पूर्ण फलन पर 80–90 किग्रा/पेड़/वर्षपश्चिम बंगाल
Calcuttiaगर्म उत्तरी इलाक़ों के लिए देर की, बहुत मीठी खाने की लीची, अगर हवा से बचाव और पानी दे सकेंदेर की किस्म, जून के आख़िरी हफ़्ते में पकती है (NHB)पूर्ण फलन पर 80–100 किग्रा/पेड़/वर्षNorthern India, Hotter areas with wind protection and irrigation
Chinaमुज़फ़्फ़रपुर पट्टी के उन बाग़ों के लिए बौनी-सी लीची, जहाँ हर साल माइट की जाँच दिनचर्या में शामिल होमई के तीसरे हफ़्ते से पकती है (NHB, मुज़फ़्फ़रपुर)पूर्ण फलन पर 80–100 किग्रा/पेड़/वर्षबिहार
Dehradunउन किसानों के लिए देर की गुलाबी लीची, जो फल बढ़ने के दौरान मिट्टी की नमी एक-सी रख सकते हैंदेर की किस्म, जून के तीसरे हफ़्ते से पकती है (NHB)पूर्ण फलन पर 80–90 किग्रा/पेड़/वर्षउत्तर प्रदेश, पंजाब
Early Bedana (Early Seedless)सबसे अगेती लीची, खाने या प्रसंस्करण के लिए, जब सबसे बड़ी फ़सल से ज़्यादा नियमित फ़सल मायने रखती होसबसे अगेती किस्म (NHB तारीख़ नहीं देता)पूर्ण फलन पर 50–60 किग्रा/पेड़/वर्षउत्तर प्रदेश, पंजाब
Rose Scentedख़ुशबू माँगने वाले ख़रीदारों के लिए शाही के साथ उगाने लायक़ मीठी, गुलाब जैसी महक वाली खाने की लीचीमध्य-मौसम, जून के पहले हफ़्ते से पकना शुरू (NHB)पूर्ण फलन पर 80–90 किग्रा/पेड़/वर्षBihar (Muzaffarpur belt)
Shahiयही पेजमुज़फ़्फ़रपुर पट्टी की भारी फलने वाली खाने की लीची, जो 2018 के GI नाम 'शाही लीची ऑफ़ बिहार' से बिकती हैमई के तीसरे हफ़्ते से पकती है (NHB, मुज़फ़्फ़रपुर)पूर्ण फलन पर 90–100 किग्रा/पेड़/वर्षBihar (Muzaffarpur belt)

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और लीची का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

लीची के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैं अपने बाग़ की शाही को 'शाही लीची ऑफ़ बिहार' नाम से बेच सकता हूँ?

तभी, जब आपका बाग़ 2018 के GI पंजीकरण में बताए गए बिहार इलाक़े में हो। टैग किस्म के साथ जगह का भी है। दूसरी जगह उगी शाही फिर भी शाही है, पर GI वाला फल नहीं। समाचारों और रजिस्ट्री में ज़िलों की सूची थोड़ी अलग मिलती है, इसलिए डिब्बे पर नाम छापने से पहले दर्ज सूची और उसकी मौजूदा स्थिति जाँच लीजिए।

शाही कब तोड़नी चाहिए?

NHB शाही का पकना मई के तीसरे हफ़्ते में बताता है, पर असली तारीख़ साल और जगह के साथ खिसकती है। फल देखकर तोड़िए: लाल रंग, कम से कम 25 मिलीमीटर चौड़ाई, चपटे उभार और चिकना छिलका। लीची तोड़ने के बाद नहीं पकती। दूर की मंडी के लिए थोड़ा पहले तोड़िए, जब रंग बदलना शुरू ही हुआ हो।

शाही और चाइना के फल को एक नज़र में कैसे पहचानें?

NHB शाही को अंडाकार से लंबा-शंक्वाकार बताता है, हरे रंग पर गहरे लाल उभार के साथ। चाइना मध्यम-बड़ा और गोल होता है, लाल और नारंगी रंग मिला हुआ। बॉम्बई बड़ा और तिरछा दिल जैसे आकार का होता है। टोकरी में आकार और रंग से तीनों अलग पहचान आ जाते हैं।

शाही का एक पेड़ कितना फल देगा, और कब से?

पूरे फलन वाले शाही पेड़ के लिए NHB 90–100 किलो प्रति पेड़ बताता है। वह कहता है कि अच्छी देखभाल में लीची 3 से 4 साल में फल देने लगती है। पर NHB का एक और पन्ना कहता है कि फूल और फल आने में कम से कम छह साल लगते हैं। हिसाब देर वाली तारीख़ से लगाइए। छोटा पेड़ पूरे आँकड़े से बहुत कम देता है।

तोड़ने के बाद शाही कितने दिन टिकती है?

कमरे के तापमान पर बस कुछ दिन, और 20–30°C पर 24 घंटे के अंदर छिलका भूरा पड़ने लगता है। NHB के अनुसार कोल्ड स्टोरेज में लीची 3–4 हफ़्ते टिकती है। दो हफ़्ते से कम के लिए 7°C काफ़ी है, नमी 90–95% रखें। उसी दिन, धूप से बचाकर पैक कीजिए।

स्रोत: Varieties — NHB, Litchi, Planting — NHB, Litchi, Soil and climate — NHB, Litchi, Irrigation — NHB, Litchi, Manuring and fertilization — NHB, Litchi, Harvesting — NHB, Litchi. संपादकीय नीति.