Early Bedana (Early Seedless)
सबसे अगेती लीची किस्म, जो उत्तर प्रदेश और पंजाब में खाने और प्रसंस्करण के लिए उगाई जाती है (NHB)। छोटा से मध्यम, दिल से अंडाकार फल, क्रीम-सफ़ेद गूदा, TSS 19.8%। उपज कम है, प्रति पेड़ 50–60 किलो, पर हर साल नियमित फलती है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- लीची
- प्रकार
- हवाई कलम (क्लोन से बढ़ाई जाने वाली किस्म)
- सीज़न
- सभी सीज़न
- फल कब से
- सबसे अगेती किस्म (NHB तारीख़ नहीं देता)
- अपेक्षित उपज
- पूर्ण फलन पर 50–60 किग्रा/पेड़/वर्ष
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- रोग-प्रतिरोध
- किसी खास रोग-प्रतिरोध का दावा नहीं
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
इस किस्म के बारे में
अर्ली बेदाना, जिसे अर्ली सीडलेस भी कहते हैं, सबसे अगेती लीची किस्म है (NHB)। यह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और पंजाब में खाने और प्रसंस्करण के लिए उगाई जाती है। NHB इसे मध्यम से कम उपज वाली, पर नियमित फलने वाली किस्म कहता है, प्रति पेड़ 50–60 किलो। फल छोटे से मध्यम, दिल से अंडाकार आकार के होते हैं, पकने पर गहरे लाल उभार के साथ। गूदा क्रीम-सफ़ेद है, TSS 19.8%, और NHB फल की कुल गुणवत्ता को अच्छा कहता है। पकने की तारीख़ NHB नहीं देता।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
बाज़ार में सबसे पहले पहुँचना और मीठा गूदा (19.8% TSS) आपके लिए उपज से ज़्यादा मायने रखते हैं तो अर्ली बेदाना चुनिए। NHB इसे मध्यम से कम उपज वाली कहता है, प्रति पेड़ 50–60 किलो, पर नियमित फलने वाली। बड़े फल पर कम TSS (17%) वाली दूसरी अगेती फ़सल के लिए बॉम्बई (80–90 किलो) लीजिए। मई के तीसरे हफ़्ते तक रुक सकते हैं और भारी फ़सल चाहिए तो शाही (90–100 किलो) लीजिए।
बुवाई और खेती
- बुवाई का समयअगस्त–सितंबर में, मानसून आने के बाद रोपाई करें (NHB)।
- दूरी8 × 8 मीटर वर्गाकार। जहाँ पेड़ का फैलाव ज़्यादा हो वहाँ 10 मीटर की दूरी रखें (NHB)।
- बुवाई विधि6–9 महीने का गूटी (एयर-लेयर) वाला पौधा 1 घन मीटर के गड्ढे में लगाएँ, जिसमें ऊपरी मिट्टी, 20–25 किलो गोबर की खाद, 2 किलो हड्डी का चूरा और 400 ग्राम सल्फ़ेट ऑफ़ पोटाश भरा हो। रोपाई के तुरंत बाद पानी दें (NHB)।
- सिंचाईछोटे पौधों को थाले में बार-बार पानी दें। फूल आने से चार महीने पहले सिंचाई बंद कर दें। सबसे ज़रूरी समय जनवरी के आख़िर से मानसून की शुरुआत तक है, जब फल बढ़ता है। इसमें चूक होने पर फल झड़ते और फटते हैं (NHB)।
- उर्वरकप्रति पेड़ (NHB): रोपाई के साल 10–20 किलो गोबर की खाद, फिर हर साल 4 किलो बढ़ाते हुए पूरे फलन वाले पेड़ पर 60 किलो तक। पूरे फलन वाले पेड़ को 2.2 किलो अमोनियम सल्फ़ेट, 1.2 किलो सुपरफॉस्फेट और 1.2 किलो पोटैशियम सल्फ़ेट भी दें। गोबर की खाद, सुपरफॉस्फेट और पोटाश सितंबर में दें, और नाइट्रोजन दो बार में: फरवरी के बीच में और फल तोड़ने के बाद।
- कटाईपूरी तरह पके फल तोड़ें: लाल रंग, कम से कम 25 मिलीमीटर चौड़ाई, छिलके के उभार कुछ चपटे और छिलका चिकना। पूरा गुच्छा थोड़ी टहनी और कुछ पत्तियों के साथ काटें। दूर की मंडी के लिए थोड़ा पहले तोड़ें, जब रंग बदलना शुरू ही हुआ हो (NHB)।
मिट्टी और जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- गहरी, अच्छे जल-निकास वाली दोमट मिट्टी, जिसमें जैविक पदार्थ भरपूर हो। बलुई दोमट और चिकनी दोमट भी चलती है (NHB)।
- pH
- 5.5–7
- सिंचाई
- भूजल स्तर ज़मीन से कम से कम 1.5–2 मीटर नीचे (NHB)।
जलवायु
- तापमान
- About 21°C (February) to 38°C (June) maximum in litchi tracts
- बारिश
- >125 cm, well spread through the year
- जलवायु
- सर्दी का पाला और गर्मी की सूखी गर्मी पौधे को नुकसान पहुँचाती है और फल फटते हैं। फूल आने के समय लगातार बारिश से परागण में रुकावट आती है। लीची 800 मीटर की ऊँचाई तक हो जाती है, पर नीचे की ऊँचाई पर सबसे अच्छी होती है (NHB)।
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- सबसे अगेती लीची किस्म, इसलिए बाज़ार में सबसे पहले पहुँच सकती है (NHB)
- हर साल नियमित फलती है
- मीठा गूदा, TSS 19.8%, खाने और प्रसंस्करण दोनों के लिए ठीक
ध्यान रखने योग्य बातें
- उपज कम है: प्रति पेड़ 50–60 किलो, यहाँ की सातों किस्मों में सबसे कम।
- फल छोटा से मध्यम है, इसलिए टोकरी में शाही या बॉम्बई जितना बड़ा नहीं दिखेगा।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- पंजाब
शाही को पीछे छोड़ने के लिए चाहिए कितना अगेती भाव
अर्ली बेदाना तभी फ़ायदा देती है जब अगेती भाव कम उपज की भरपाई कर दे। पहले अपने बाग़ के लिए हिसाब लगाइए।
NHB की 8 × 8 मीटर दूरी पर एक हेक्टेयर में लगभग 156 पेड़ आते हैं। पूरे फलन पर अर्ली बेदाना के 50–60 किलो प्रति पेड़ से लगभग 7.8–9.4 टन प्रति हेक्टेयर मिलता है। शाही के 90–100 किलो से लगभग 14–15.6 टन।
यानी एक हेक्टेयर से उतनी ही कमाई के लिए अर्ली बेदाना को शाही के प्रति किलो भाव से लगभग 1.7 गुना पर बिकना होगा। लागत और तुड़ाई अभी छोड़ दीजिए: वे जवाब को थोड़ा बदलती हैं, बात को नहीं।
अपनी मंडी में मौसम की पहली लीची का भाव और पंद्रह दिन बाद का भाव देखिए। अंतर इससे छोटा है तो पहले वाली फ़सल नहीं पुसाती।
रोपाई सामग्री कहाँ से आती है
यह गूटी (लेयरिंग) से तैयार होती है — पेड़ पर लगी हुई टहनी में ही जड़ें बनवाई जाती हैं, फिर उसे काटकर लगाया जाता है। इसके फल के बीज से यही किस्म वापस नहीं मिलती। गूटी इसी किस्म के किसी जाने-पहचाने मातृ पेड़ से लीजिए, या पौधे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से ख़रीदिए।
दूसरी किस्मों से तुलना
लीची की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | फल कब से | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| Bombai | मई के पहले आधे में ताज़ा बिक्री के लिए पश्चिम बंगाल की अगेती खाने की लीची | अगेती, मई के पहले-दूसरे हफ़्ते में पकती है (NHB) | पूर्ण फलन पर 80–90 किग्रा/पेड़/वर्ष | पश्चिम बंगाल |
| Calcuttia | गर्म उत्तरी इलाक़ों के लिए देर की, बहुत मीठी खाने की लीची, अगर हवा से बचाव और पानी दे सकें | देर की किस्म, जून के आख़िरी हफ़्ते में पकती है (NHB) | पूर्ण फलन पर 80–100 किग्रा/पेड़/वर्ष | Northern India, Hotter areas with wind protection and irrigation |
| China | मुज़फ़्फ़रपुर पट्टी के उन बाग़ों के लिए बौनी-सी लीची, जहाँ हर साल माइट की जाँच दिनचर्या में शामिल हो | मई के तीसरे हफ़्ते से पकती है (NHB, मुज़फ़्फ़रपुर) | पूर्ण फलन पर 80–100 किग्रा/पेड़/वर्ष | बिहार |
| Dehradun | उन किसानों के लिए देर की गुलाबी लीची, जो फल बढ़ने के दौरान मिट्टी की नमी एक-सी रख सकते हैं | देर की किस्म, जून के तीसरे हफ़्ते से पकती है (NHB) | पूर्ण फलन पर 80–90 किग्रा/पेड़/वर्ष | उत्तर प्रदेश, पंजाब |
| Early Bedana (Early Seedless)यही पेज | सबसे अगेती लीची, खाने या प्रसंस्करण के लिए, जब सबसे बड़ी फ़सल से ज़्यादा नियमित फ़सल मायने रखती हो | सबसे अगेती किस्म (NHB तारीख़ नहीं देता) | पूर्ण फलन पर 50–60 किग्रा/पेड़/वर्ष | उत्तर प्रदेश, पंजाब |
| Rose Scented | ख़ुशबू माँगने वाले ख़रीदारों के लिए शाही के साथ उगाने लायक़ मीठी, गुलाब जैसी महक वाली खाने की लीची | मध्य-मौसम, जून के पहले हफ़्ते से पकना शुरू (NHB) | पूर्ण फलन पर 80–90 किग्रा/पेड़/वर्ष | Bihar (Muzaffarpur belt) |
| Shahi | मुज़फ़्फ़रपुर पट्टी की भारी फलने वाली खाने की लीची, जो 2018 के GI नाम 'शाही लीची ऑफ़ बिहार' से बिकती है | मई के तीसरे हफ़्ते से पकती है (NHB, मुज़फ़्फ़रपुर) | पूर्ण फलन पर 90–100 किग्रा/पेड़/वर्ष | Bihar (Muzaffarpur belt) |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और लीची का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके लीची के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर लीची किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरलीची की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में लीची का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
लीची के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अर्ली बेदाना सच में बिना बीज की है?
NHB इसे अर्ली सीडलेस (अर्ली बेदाना) लिखता है, पर बीज के बारे में कुछ नहीं बताता। इसकी साथी किस्म लेट सीडलेस के लिए NHB कहता है कि फल पूरी तरह बीज-रहित नहीं है, पर बीज सिकुड़ा और छोटा होता है। ख़रीदार से 'बिना बीज' का वादा करने से पहले माँ-पेड़ का फल काटकर देख लीजिए।
अर्ली बेदाना का एक पेड़ कितना देता है?
पूरे बढ़े पेड़ के लिए NHB प्रति पेड़ 50–60 किलो बताता है। वह इसे मध्यम से कम उपज वाली किस्म कहता है। किसी भी किस्म के पूरे बढ़े लीची पेड़ का NHB का कुल आँकड़ा 80–150 किलो है, इसलिए अर्ली बेदाना उस दायरे से नीचे है।
क्या अर्ली बेदाना प्रसंस्करण वालों को जा सकती है?
NHB के अनुसार यह उत्तर प्रदेश और पंजाब में खाने और प्रसंस्करण के लिए उगाई जाती है। इसका मतलब यह नहीं कि आपके पास कोई ख़रीदार इंतज़ार कर रहा है। NHB प्रसंस्करण का भाव या मानक नहीं देता। पहले किसी प्रसंस्करण वाले से बात कीजिए और पूछिए कि कौन-सा आकार, रंग और TSS वह लेता है।
और कौन-सी लीचियाँ जल्दी पकती हैं?
NHB के अनुसार बॉम्बई पश्चिम बंगाल में मई के पहले-दूसरे हफ़्ते में पकती है। शाही और चाइना मुज़फ़्फ़रपुर में मई के तीसरे हफ़्ते से शुरू होती हैं। NHB अर्ली बेदाना को सबसे अगेती किस्म कहता है पर तारीख़ नहीं देता, इसलिए अपने ज़िले में तारीख़ें मिलाकर देखिए।
स्रोत: Varieties — NHB, Litchi, Planting — NHB, Litchi, Soil and climate — NHB, Litchi, Irrigation — NHB, Litchi, Manuring and fertilization — NHB, Litchi, Harvesting — NHB, Litchi. संपादकीय नीति.
