Kesar
गुजरात का सुगंधित केसरिया-गूदा आम, सौराष्ट्र को उपयुक्त व मज़बूत निर्यात-गूदा किस्म। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- आम
- प्रकार
- रोपण सामग्री
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- मध्य-मौसम
- अपेक्षित उपज
- अधिक
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- गिरनार तलहटी, जूनागढ़, गुजरात — पहली ग्राफ़्टें लगभग 1931 (वज़ीर सालेभाई), 1934 में नवाब मुहम्मद महाबत ख़ान तृतीय द्वारा "केसर" नामित; 2011 में GI-टैग प्राप्त (आवेदन 2010 में जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय द्वारा दाख़िल)
इस किस्म के बारे में
केसर, जिसे गिर केसर भी कहा जाता है, गुजरात के जूनागढ़ के पास गिरनार तलहटी में उत्पन्न हुई, जहाँ पहली ग्राफ़्टें कथित तौर पर 1931 के आसपास वज़ीर सालेभाई ने लाल डोरी फ़ार्म पर लगाईं थीं। 1934 में, नवाब मुहम्मद महाबत ख़ान तृतीय ने इसके केसरिया-जैसे नारंगी गूदे के कारण इसे "केसर" नाम दिया। इसे 2011 में भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिला, जब जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय ने 2010 में आवेदन दाख़िल किया था — गुजरात से पहली कृषि उपज, व भारत में दूसरी आम किस्म, जिसे GI टैग मिला। फल का गूदा गहरा केसरिया-नारंगी, चिकना, लगभग मलाईदार, रेशा-रहित होता है, जिसकी मिठास नियमित रूप से 22–26°ब्रिक्स तक पहुँचती है, जो किसी भी भारतीय आम किस्म में सबसे अधिक है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
मध्य-मौसम
अपेक्षित उपज
अधिक
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- मध्यम
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखने योग्य बातें
- इस रिकॉर्ड का मौजूदा एकल-राज्य (गुजरात) `states` फ़ील्ड, जूनागढ़ के पास गिरनार तलहटी में केसर की अच्छी तरह दस्तावेज़ीकृत, भौगोलिक रूप से संरक्षित उत्पत्ति से मेल खाता है — यहाँ कोई विसंगति नहीं मिली, इस परियोजना में एक साफ़ मेल।
- स्रोत से मिली मिठास संख्याएँ (22–26°ब्रिक्स) इसे किसी भी भारतीय आम किस्म में सबसे अधिक बताती हैं — यह इस रिकॉर्ड में पहले न शामिल नया विवरण है, जो नोट फ़ील्ड की मौजूदा "मज़बूत निर्यात-गूदा किस्म" फ़्रेमिंग के अनुरूप है व उसे सुदृढ़ करता है, कोई विरोधाभास नहीं।
- इस चरण में कोई सटीक प्रति-हेक्टेयर उपज संख्या नहीं मिली; इस रिकॉर्ड की मौजूदा "अधिक" yieldPotential रेटिंग को कार्यशील संदर्भ के रूप में छोड़ा गया है।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- गुजरात
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
केसर आम की उत्पत्ति कहाँ हुई?
गुजरात के जूनागढ़ के पास गिरनार तलहटी में, जहाँ पहली ग्राफ़्टें 1931 के आसपास लगाई गईं और 1934 में नवाब मुहम्मद महाबत ख़ान तृतीय ने इसके केसरिया-जैसे नारंगी गूदे के कारण इसे "केसर" नाम दिया।
क्या केसर आम को GI टैग प्राप्त है?
हाँ — इसे 2011 में टैग मिला, जिससे यह गुजरात से पहली कृषि उपज व भारत में दूसरी GI-टैग प्राप्त आम किस्म बनी।
केसर आम कितना मीठा है?
मिठास नियमित रूप से 22–26°ब्रिक्स तक पहुँचती है, जो किसी भी भारतीय आम किस्म में सबसे अधिक है, साथ ही इसका विशिष्ट केसरिया-नारंगी, चिकना, लगभग मलाईदार गूदा।
केसर आम को "साफ़्रन मैंगो" क्यों कहा जाता है?
इसके गूदे का गहरा केसरिया-नारंगी रंग ही सीधे "केसर" नाम की प्रेरणा बना, जब जूनागढ़ के नवाब ने इसे 1934 में यह नाम दिया।
केसर आम भारत में कहाँ उगाई जाती है?
मुख्यतः गुजरात में, विशेषकर जूनागढ़ के पास गिरनार तलहटी के आसपास सौराष्ट्र क्षेत्र में — इस रिकॉर्ड का मौजूदा एकल-राज्य फ़ील्ड इसकी अच्छी तरह दस्तावेज़ीकृत, भौगोलिक रूप से संरक्षित उत्पत्ति से मेल खाता है।
