MD-2 (Super Sweet)
दुनिया के ताज़ा-अनानास निर्यात व्यापार पर प्रमुख किस्म — बहुत मीठी, अम्ल में कम, विटामिन C में ऊँची, एक-समान, लंबी शेल्फ-लाइफ़ के साथ। कोई भारतीय रिलीज़ नहीं; एक अंतरराष्ट्रीय चयन जो अब श्रेष्ठ व निर्यात बाज़ार को केरल, पूर्वोत्तर व आंध्र प्रदेश में व्यावसायिक रूप से लिया जा रहा।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- अनानास
- प्रकार
- सकर / स्लिप (अंतरराष्ट्रीय किस्म)
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- प्लांट फ़सल ~14–18 महीने
- अपेक्षित उपज
- गहन प्रबंधन में 55–75 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट या लैटेराइट, तेज़ अम्लीय (pH 5.0–6.0); उत्कृष्ट जल-निकासी ज़रूरी
- जारी
- एक अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक किस्म (डेल मोंटे "MD-2"), कोई भारतीय रिलीज़ नहीं; भारत में व्यावसायिक रूप से लिया जा रहा
इस किस्म के बारे में
MD-2 (सुपर स्वीट या गोल्डन स्वीट के रूप में बेची जाती) वह अनानास किस्म है जो वैश्विक ताज़ा-फल निर्यात व्यापार पर प्रमुख है। यह कम अम्लता के साथ बहुत मीठी, विटामिन C में ऊँची, बहुत एक-समान, और एक उल्लेखनीय लंबी शेल्फ-लाइफ़ व एक चमकीला सुनहरा छिलका रखती है। यह एक अंतरराष्ट्रीय चयन है (एक हवाई अनुसंधान हाइब्रिड से विकसित), कोई भारतीय किस्म नहीं, पर यह अब श्रेष्ठ घरेलू व निर्यात बाज़ार को केरल, पूर्वोत्तर व आंध्र प्रदेश के हिस्सों में व्यावसायिक रूप से लगाई जा रही है। यह पूँजी- व लागत-गहन है: इसे उत्कृष्ट जल-निकासी, कड़ा मीलीबग व चींटी नियंत्रण, और सटीक पोषण चाहिए, पर गहन प्रबंधन में यह क्यू से ज़्यादा उपज देती है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
प्लांट फ़सल ~14–18 महीने
अपेक्षित उपज
गहन प्रबंधन में 55–75 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- फ़ाइटोफ्थोरा के प्रति संवेदनशील; बहुत अच्छी जल-निकासी व मीलीबग नियंत्रण चाहिए
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- बहुत मीठा, कम अम्ल, ऊँचा विटामिन C, लंबी शेल्फ-लाइफ़ वाला एक-समान फल
- ताज़ा निर्यात व श्रेष्ठ घरेलू बाज़ार को मान्यता प्राप्त किस्म
- गहन प्रबंधन में किसी भी किस्म की सबसे ऊँची उपज क्षमता
ध्यान रखने योग्य बातें
- पूँजी- व लागत-गहन — उत्कृष्ट जल-निकासी, सटीक पोषण व कड़ा कीट नियंत्रण चाहिए
- फ़ाइटोफ्थोरा के प्रति संवेदनशील; रोपण-सामग्री महँगी और भारत में मिलना कठिन हो सकती
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- केरल
- असम
- मेघालय
- आंध्र प्रदेश
