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अनानाससभी सीज़नसकर / स्लिप (क्लोनल किस्म)अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Mauritius (Vazhakulam)

केरल का वाझाकुलम अनानास, 1.36–2.25 किग्रा का टेबल फल, बहुत मीठा सुनहरा गूदा। इसे भौगोलिक संकेत (GI) मिला है, जो 4 सितंबर 2009 को पंजीकृत हुआ। पश्चिम बंगाल के परीक्षण की आठ किस्मों में सबसे जल्दी फूलने वाली और सबसे मीठी।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिलगाने के 7–8 महीने बाद फूल; एथेफ़ॉन से लगभग एक साल में पहली तुड़ाई (KAU)
अपेक्षित उपज43,300–50,000 पौधे/हेक्टेयर पर प्रति वर्ष 50–60 टन/हेक्टेयर, जो साल दर साल घटती है (KAU)
उपयुक्त मिट्टीअच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट या लैटेराइट, तेज़ अम्लीय (pH 5.0–6.0)

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
सकर / स्लिप (क्लोनल किस्म)
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
लगाने के 7–8 महीने बाद फूल; एथेफ़ॉन से लगभग एक साल में पहली तुड़ाई (KAU)
अपेक्षित उपज
43,300–50,000 पौधे/हेक्टेयर पर प्रति वर्ष 50–60 टन/हेक्टेयर, जो साल दर साल घटती है (KAU)
उपयुक्त मिट्टी
अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट या लैटेराइट, तेज़ अम्लीय (pH 5.0–6.0)
रोग-प्रतिरोध
कोई ख़ास प्रतिरोध नहीं; KAU हार्ट रॉट (फाइटोफ्थोरा), मीलीबग विल्ट और काली सड़न गिनता है, और वाझाकुलम में मीलीबग विल्ट वायरस मिला
जारी
वाझाकुलम पट्टी की पारंपरिक किस्म; भौगोलिक संकेत 4 सितंबर 2009 को पंजीकृत

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

मॉरीशस केरल के एर्नाकुलम ज़िले के वाझाकुलम का अनानास है, जिसे स्थानीय रूप से कन्नारा कहते हैं। KAU इसका वर्णन करता है: 1.36 से 2.25 किग्रा का मध्यम फल, बाहर से पीला, पतला कोर और बहुत मीठा सुनहरा-पीला गूदा और रस, जो ताज़ा बिकता है और जूस में जाता है। वाझाकुलम अनानास 4 सितंबर 2009 को भौगोलिक संकेत (GI) के रूप में पंजीकृत हुआ, जिसमें औसत फल का वज़न 1,300 से 1,600 ग्राम, रस 14 से 16 डिग्री ब्रिक्स और अम्लता 0.50 से 0.70% बताई गई है। NHB कहता है कि मॉरीशस मेघालय के कुछ हिस्सों में भी उगती है, दो प्रकार की, गहरी पीली और लाल छिलके वाली, मध्य मौसम की, जो जुलाई-अगस्त में पकती है। पीली किस्म लंबोतरी, रेशेदार और लाल की तुलना में मध्यम मीठी होती है। KAU उगाने वाले ज़िलों में एर्नाकुलम, कोट्टायम, पथनमथिट्टा और इडुक्की के कम ऊँचाई वाले हिस्से गिनाता है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

अगर आप ताज़े टेबल फल के लिए उगाते हैं और तीनों आम किस्मों में सबसे मीठी और सबसे जल्दी वाली चाहते हैं, तो मॉरीशस चुनिए। KAU इसे केरल में टेबल उपयोग और दूर के बाज़ार के लिए व्यावसायिक खेती की सिफ़ारिश करता है, क्योंकि इसकी अवधि कम है और फल की गुणवत्ता, टिकाऊपन और ढुलाई-क्षमता अच्छी है। 2014-16 के कूच बिहार परीक्षण में यह सबसे जल्दी फूली (325.75 दिन), 98.34% पौधों में फूली। फूल से तुड़ाई तक सिर्फ़ 109.45 दिन लिए। और इसका TSS (18.10 डिग्री ब्रिक्स), गूदा (62.70%) और विटामिन C (45.52 मिग्रा प्रति 100 ग्राम) सबसे ज़्यादा रहा। शोध-पत्र इसे उत्तर पश्चिम बंगाल की सबसे अच्छी टेबल किस्म कहता है। इसकी उपज, बिना ताज के 57.54 टन/हेक्टेयर, क्यू के 89.70 से कम है, इसलिए कैनरी के लिए इसे न चुनें।

बुवाई और खेती

  • दूरीKAU: जोड़ीदार कतारें, कतार से कतार 45 सेमी, पौधे से पौधा 30 सेमी और जोड़ियों के बीच 150 सेमी; केरल में शुद्ध फसल के लिए वह 25 x 60 x 90 सेमी पर 53,300 पौधे/हेक्टेयर सुझाता है

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • कूच बिहार परीक्षण की आठ किस्मों में सबसे जल्दी और सबसे एक-सा फूलना: 325.75 दिन, 98.34% पौधे।
  • सबसे मीठी: 18.10 डिग्री ब्रिक्स, TSS-अम्ल अनुपात 28.14 और प्रति 100 ग्राम 45.52 मिग्रा विटामिन C।
  • KAU इसे टेबल उपयोग और दूर के बाज़ार के लिए सुझाता है; आधा पका फल 10 से 13 डिग्री C पर लगभग 20 दिन टिकता है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • परीक्षण में उपज बिना ताज के 57.54 टन/हेक्टेयर, जबकि क्यू में 89.70; फल 1,109 ग्राम, जबकि 1,877 ग्राम।
  • KAU के अनुसार पौध-फसल और रैटून लगभग तीन साल चलते हैं, और हर साल उपज घटती है।
  • निकासी ज़रूरी: हार्ट रॉट से बचाव के लिए KAU भूजल सतह से कम से कम 60 सेमी नीचे माँगता है। वाझाकुलम में मीलीबग विल्ट वायरस मिला है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • केरल
  • मेघालय
  • पश्चिम बंगाल

KAU के एथेफ़ॉन कार्यक्रम से तुड़ाई का समय तय करना

KAU के अनुसार वाझाकुलम अनानास की खेती 1980 के दशक की शुरुआत में तब व्यावसायिक रूप से टिकाऊ बनी जब एथेफ़ॉन का इस्तेमाल शुरू हुआ। तब किसान फूल का समय तय कर के ऊँचे दाम वाले मौसम में बेच सकते थे। मॉरीशस के लिए KAU का कार्यक्रम यह है: जो पौधे 39 से 42 पत्तों पर पहुँच गए हों, यानी लगाने के 7 से 8 महीने बाद, उन्हें 25 पीपीएम एथेफ़ॉन से उपचारित करें। 1,000 पौधों के लिए 50 लीटर पानी में 1.25 मिली एथेफ़ॉन, 1 किग्रा यूरिया और 20 ग्राम कैल्शियम कार्बोनेट घोलिए और सूखे दिन हर पौधे के हृदय में 50 मिली डालिए। 36 घंटे के भीतर बारिश हो तो दोबारा डालिए।

उपचार के लगभग 30 दिन बाद फूल शुरू होते हैं और 40 दिन में पूरे हो जाते हैं, और फल उपचार के 130 से 135 दिन बाद तैयार होता है। इसलिए, उदाहरण के हिसाब से, 1 जनवरी को उपचारित खंड में फूल लगभग 31 जनवरी से शुरू होंगे, लगभग 10 फ़रवरी तक पूरे होंगे और फल लगभग 10 से 15 मई से तैयार होगा। KAU महीने के हिसाब से दूसरे उत्पाद भी देता है: सितंबर से जनवरी तक NAA 10 पीपीएम, और मार्च से मई तक यूरिया और सोडियम कार्बोनेट के साथ एथेफ़ॉन 10 पीपीएम। रोपाई और उपचार को खेप-खेप में बाँटिए ताकि पूरा खेत एक ही हफ़्ते में न पके।

क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?

यह मातृ पौधे से निकले सकर से तैयार होती है, इसलिए इसे आप ख़ुद बढ़ा सकते हैं। स्वस्थ और अच्छी उपज देने वाले झुंड से एक जैसे, मज़बूत सकर चुनिए; जो पौधा रोगी या बौना दिखा हो उससे कभी नहीं — मातृ पौधे की जो बीमारी है, वही नए पौधे में जाती है। साफ़ शुरुआत चाहिए तो पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से रोपाई सामग्री लीजिए।

दूसरी किस्मों से तुलना

अनानास की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकपकने की अवधिउपजराज्य
Amrithaकेरल के वे किसान जिन्हें छोटे ताज वाला सघन पौधा चाहिए; पहले छोटा खंड परखें13–15 महीने (KAU का विवरण)KAU का उपज आँकड़ा नहीं मिला; पश्चिम बंगाल के एक परीक्षण में बिना ताज के 33.74 टन/हेक्टेयरकेरल, पश्चिम बंगाल
Jaldhupवे स्थानीय बाज़ार जो इसका स्वाद जानते हैं; क्वीन या क्यू के बग़ल में छोटा परीक्षण खंडजलधूप के लिए प्रकाशित नहींकिस्म का कोई आँकड़ा प्रकाशित नहींअसम
Kew (Giant Kew)कैनिंग, जूस और बड़ा ताज़ा फल; असम, पश्चिम बंगाल, केरललगाने से तुड़ाई तक लगभग 15–24 महीनेपश्चिम बंगाल के एक परीक्षण में बिना ताज के 89.70 टन/हेक्टेयर; TNAU के अनुसार अच्छे बाग में 50 टन/हेक्टेयरअसम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु
Lakhatवे स्थानीय बाज़ार जो इसे नाम से बेचते हैं; ख़रीदने से पहले रोपण सामग्री परखेंलाखत के लिए प्रकाशित नहींकिस्म का कोई आँकड़ा प्रकाशित नहींअसम
Mauritius (Vazhakulam)यही पेजदूर के बाज़ारों के लिए मीठा टेबल फल; केरल, मेघालय, पश्चिम बंगाल के परीक्षण में सफललगाने के 7–8 महीने बाद फूल; एथेफ़ॉन से लगभग एक साल में पहली तुड़ाई (KAU)43,300–50,000 पौधे/हेक्टेयर पर प्रति वर्ष 50–60 टन/हेक्टेयर, जो साल दर साल घटती है (KAU)केरल, मेघालय, पश्चिम बंगाल
MD-2 (Super Sweet)प्रीमियम और निर्यात फल, जहाँ लंबी शेल्फ़ लाइफ़ का दाम मिलता है; पहले परीक्षण खंड लगाएँपश्चिम बंगाल के एक परीक्षण में लगाने से तुड़ाई तक लगभग 15 महीने; KAU के अनुसार 12वें महीने तक तोड़ी जा सकती हैपश्चिम बंगाल के एक परीक्षण में बिना ताज के 36.45 टन/हेक्टेयर; भारत में व्यावसायिक उपज का आँकड़ा नहीं मिलाकेरल, पश्चिम बंगाल
Queenछोटे आकार का मीठा, खुशबूदार ताज़ा फल; असम, पश्चिम बंगाल, केरलपश्चिम बंगाल के एक परीक्षण में लगाने से तुड़ाई तक लगभग 15–16 महीनेपश्चिम बंगाल के एक परीक्षण में बिना ताज के 54.96 टन/हेक्टेयरअसम, पश्चिम बंगाल, केरल

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और अनानास का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

अनानास के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वाझाकुलम में मॉरीशस सबसे पसंदीदा क्यों है?

KAU का अनानास अनुसंधान केंद्र बताता है कि प्रोसेसिंग उद्योग के लिए ठीक क्यू 1950 के दशक में वहाँ उगाई जाने वाली पहली किस्म थी। बाद में कई किसान मॉरीशस पर चले गए, जिसकी शेल्फ़ लाइफ़ 15 से 20 दिन है और जिसकी ताज़े फल के रूप में माँग है। KAU इसे कम अवधि, फल और टिकाऊपन की गुणवत्ता और ढुलाई-क्षमता के कारण टेबल उपयोग और दूर के बाज़ार के लिए सुझाता है। KAU के अनुसार वाझाकुलम की फ़सल का बड़ा हिस्सा मुंबई जाता है।

मॉरीशस का फल कितना बड़ा होना चाहिए और उसकी ग्रेडिंग कैसे होती है?

KAU फल को 1.36 से 2.25 किग्रा का बताता है, और भौगोलिक संकेत में औसत 1,300 से 1,600 ग्राम दिया है। KAU का ग्रेडिंग मानक है: श्रेणी A 1,500 ग्राम से ऊपर, B 1,100 से 1,500 ग्राम, C 800 से 1,100 ग्राम, D 550 से 800 ग्राम और बेबी 550 ग्राम से कम। फलों को धान के पुआल से बिछी बाँस की टोकरियों में पैक किया जाता है, पहली परत ठूँठ के बल खड़ी, एक टोकरी में 20 से 25 किग्रा। कूच बिहार परीक्षण में फल का वज़न 1,109 ग्राम रहा, जो इस पैमाने पर श्रेणी C और B की सीमा पर बैठता है।

मॉरीशस का फल कितने दिन रखा जा सकता है?

KAU के अनुसार आधा पका, स्वस्थ, बिना चोट वाला फल 10 से 13 डिग्री C और 85 से 90% नमी पर लगभग 20 दिन रखा जा सकता है। और पकने की शुरुआती अवस्था में तोड़ा फल 7 से 10 डिग्री C पर। 7 डिग्री C से नीचे फल को ठंड की चोट लगती है, इसलिए उसे इससे ठंडे कमरे में न रखें। लंबी सड़क यात्रा के लिए KAU कहता है कि पूरी तरह परिपक्व फल को हरा रहते, रंग बदलने से ठीक पहले तोड़ें। काली सड़न घावों से घुसती है, इसलिए KAU तुड़ाई और ढुलाई में चोट से बचने की सलाह देता है।

मॉरीशस के खेत में दूरी और खाद कैसे रखूँ?

KAU केरल में शुद्ध फसल के लिए जोड़ीदार कतारों में 53,300 पौधे/हेक्टेयर की घनी रोपाई सुझाता है: पौधे से पौधा 25 सेमी, कतार से कतार 60 सेमी और जोड़ीदार कतारों के बीच 90 सेमी। रोपाई पर 20 से 30 टन/हेक्टेयर गोबर की खाद और प्रति पौधा प्रति वर्ष 8:4:8 ग्राम N, P2O5 और K2O दीजिए। पूरा फ़ॉस्फ़ोरस रोपाई पर दीजिए, और नाइट्रोजन और पोटाश को छह द्विमासिक खुराकों में बाँटिए, पहली रोपाई के दो महीने बाद, भारी बारिश को छोड़कर। जस्ते की कमी से गर्दन टेढ़ी होने के लक्षण दिखें तो 0.5% ज़िंक सल्फ़ेट छिड़किए।

क्या लाल छिलके वाली मॉरीशस और पीली मॉरीशस एक ही है?

NHB कहता है कि मॉरीशस दो प्रकार की होती है, गहरी पीली और लाल छिलके वाली। पीला फल लंबोतरा, रेशेदार और लाल प्रकार की तुलना में मध्यम मीठा होता है, और दोनों के पत्तों के किनारे और ताज पर काँटे होते हैं। KAU के अनुसार वाझाकुलम की मॉरीशस के पत्ते गहरे हरे होते हैं जिन पर बीच में चौड़ी लाल पट्टी और किनारों पर लाल काँटे होते हैं। KAU स्थानीय कन्नारा फल को थोड़ा शंक्वाकार, गहरी आँखों, कुरकुरे सुनहरे गूदे और 14 से 16 डिग्री ब्रिक्स के रस वाला बताता है। नर्सरी से पूछिए कि सकर किस प्रकार से आए हैं, और मातृ खेत जाकर देख लीजिए।

स्रोत: Production technology for Vazhakulam Pineapple (Mauritius) — Pineapple Research Station, Kerala Agricultural University (Joy, 2010), Pineapple varieties — Pineapple Research Station, Kerala Agricultural University, Vazhakulam pineapple — history and GI, Pineapple Research Station, Kerala Agricultural University, NHB — Pineapple varieties (Kew, Queen, Mauritius, Jaldhup, Lakhat), Morphological characterization and performance of pineapple varieties in northern West Bengal — Indian Journal of Agricultural Sciences 92(5), 2022 (Uttar Banga Krishi Viswavidyalaya), Pineapple — TNAU Agritech Portal. संपादकीय नीति.