मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
मूलीरबीखुली-परागितअंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Japanese White

खूब उगाई जाने वाली एशियाई (डाइकॉन) किस्म। जड़ें शुद्ध सफ़ेद, चिकनी, बेलनाकार, 25–30 सेमी लंबी और लगभग 5 सेमी मोटी, गूदा कुरकुरा, ठोस और हल्का। मैदानों में अक्टूबर–दिसंबर और पहाड़ों में जुलाई–सितंबर में बोई जाती है।

सीज़नरबी
पकने की अवधि60–65 दिन
अपेक्षित उपज30–35 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
मूली
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
60–65 दिन
अपेक्षित उपज
30–35 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
रोग-प्रतिरोध
कोई खास रोग-प्रतिरोध का दावा नहीं
जारी
बाहर से आई, खुले परागण वाली, खूब बिकने वाली डाइकॉन किस्म; किसी एक भारतीय संस्थान की जारी की हुई नहीं

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

जापानी व्हाइट खूब उगाई जाने वाली एशियाई (डाइकॉन) मूली है। इसकी जड़ें शुद्ध सफ़ेद, चिकनी, बेलनाकार, 25–30 सेमी लंबी और लगभग 5 सेमी मोटी होती हैं, गूदा कुरकुरा, ठोस और हल्का। NHB इसे 60–65 दिन में तैयार बताता है। यह मुख्य मौसम की सबसे लोकप्रिय सफ़ेद मूलियों में है, मैदानों में अक्टूबर–दिसंबर और पहाड़ों में जुलाई–सितंबर में बोई जाती है। यह खुले परागण वाली है, इसलिए अपना बीज बचा सकते हैं।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

मुख्य सर्दी के मौसम में हल्की, कुरकुरी सफ़ेद मूली बेचते हैं तो जापानी व्हाइट चुनिए। NHB बेलनाकार जड़ें 25–30 सेमी लंबी और लगभग 5 सेमी मोटी, शुद्ध सफ़ेद, 60–65 दिन में तैयार बताता है। मैदानों में अक्टूबर–दिसंबर और पहाड़ों में जुलाई–सितंबर में बोइए। यह ठंडे मौसम की किस्म है, इसलिए ज़्यादा गरम में बोने पर बीज पर चढ़ जाती है। गरम महीनों के लिए पूसा चेतकी, तीखी पारंपरिक मूली के लिए पूसा देसी, और 40–45 दिन की तेज़ फ़सल के लिए काशी हंस चुनिए।

बुवाई और खेती

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • मुख्य सर्दी के बाज़ार के लिए लंबी, शुद्ध सफ़ेद, चिकनी, हल्की जड़ें।
  • लोकप्रिय और जानी-पहचानी, इसलिए खरीदार पक्के मिलते हैं।
  • खुले परागण वाली है। बीज रखा जा सकता है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • ठंडे महीनों में सबसे अच्छी चलती है। ज़्यादा गरम मौसम में बोने पर फूल देने लगती है।
  • कोई खास रोग-प्रतिरोध नहीं। अल्टरनेरिया और सफ़ेद रतुआ पर नज़र रखें।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल

बोने से पहले तुड़ाई की तारीख़ गिन लीजिए

NHB जापानी व्हाइट के लिए 60–65 दिन बताता है, जो तेज़ एशियाई किस्मों से लंबा है। 1 अक्टूबर की बुवाई लगभग 1–5 दिसंबर तक तैयार होती है। 1 नवंबर की लगभग 31 दिसंबर से 5 जनवरी तक। 1 दिसंबर की लगभग 30 जनवरी से 4 फरवरी तक।

राष्ट्रीय चेकलिस्ट में अवधि कम, यानी 55–60 दिन है। NHB की तारीख़ से लगभग एक हफ़्ता पहले एक जड़ उखाड़कर देखना शुरू कीजिए, और बाकी को तभी तक खेत में रखिए जब तक जड़ कुरकुरी रहे।

वह तारीख़ चुनिए जब आपके ख़रीदार को चाहिए, और वहाँ से पीछे गिनिए। देर की बुवाई सबसे ठंडे हफ़्तों से मिलती है, और सबसे जल्दी की बुवाई गरम दिनों से, जब ठंडे मौसम की डाइकॉन बीज पर चढ़ जाती है।

पहाड़ों में NHB की अवधि जुलाई से सितंबर है, इसलिए वही गिनती लगभग सितंबर से नवंबर की तुड़ाई देती है।

क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?

यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।

दूसरी किस्मों से तुलना

मूली की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकपकने की अवधिउपजराज्य
Arka Nishantकटाई में ढील, पिथीपन और बोल्टिंग के प्रति रोधी50–55 दिन25–40 टन/हेक्टेयरकर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र
Japanese Whiteयही पेजमुख्य सर्दी के बाज़ार के लिए हल्की सफ़ेद डाइकॉन60–65 दिन30–35 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल
Kashi Hansउत्तर प्रदेश के लिए 40–45 दिन की तेज़ मूली, पिथीपन सहनशील40–45 दिन430–450 क्विंटल/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश
Pusa Chetkiगर्मी सहने वाली गरम मौसम की सफ़ेद मूली40–45 दिन25 टन/हेक्टेयरदिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक
Pusa Desiतीखी पारंपरिक मूली, साग के लिए हरे पत्तों के साथ50–55 दिन25–30 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा
Pusa Himaniपहाड़ों और ठंडे मैदानों के लिए मीठी, हल्की यूरोपीय मूलीलगभग 55 दिन30–35 टन/हेक्टेयरहिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, Jammu & Kashmir
Pusa Mridulaछोटी लाल सलाद की मूली, लगभग 25 दिन में तैयारलगभग 25 दिन130 क्विंटल/हेक्टेयरDelhi (NCR)

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और मूली का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

मूली के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या जापानी व्हाइट गर्मी में बो सकते हैं?

नहीं। यह ठंडे मौसम की डाइकॉन है, और गरम मौसम में बोने पर जड़ बनाने की जगह बीज पर चढ़ जाती है। उत्तर और मध्य भारत में मध्य मार्च से मध्य अगस्त के बीच पूसा चेतकी लीजिए।

इसे कितना समय लगता है?

NHB 60–65 दिन और राष्ट्रीय चेकलिस्ट 55–60 दिन बताती है, इसलिए 55–65 दिन मानकर चलिए। 1 अक्टूबर की बुवाई लगभग 25 नवंबर से 5 दिसंबर तक तैयार होती है, और 1 नवंबर की लगभग 26 दिसंबर से 5 जनवरी तक।

उपज कितनी मानकर चलें?

NHB इस किस्म की उपज नहीं देता। राष्ट्रीय चेकलिस्ट 375 क्विंटल/हेक्टेयर, यानी 37.5 टन/हेक्टेयर बताती है, पर यह अच्छी तैयार क्यारी का परीक्षण आँकड़ा है। कार्ड में सावधानी से 30–35 टन/हेक्टेयर रखा है, इसलिए लागत का हिसाब नीचे की तरफ़ रखिए और आकार के हिसाब से छाँटकर बेचिए।

जड़ें कितनी लंबी होनी चाहिए?

NHB 25–30 सेमी लंबी और लगभग 5 सेमी मोटी बताता है। राष्ट्रीय चेकलिस्ट 20–25 सेमी, मोटी और गठीली बताती है। मिट्टी और बुवाई की तारीख़ के हिसाब से दोनों सही हो सकती हैं, इसलिए एक आँकड़े पर नहीं, अपने खेत की जड़ों के आकार-वर्ग पर भरोसा कीजिए।

जापानी व्हाइट या पूसा देसी?

जापानी व्हाइट हल्की, कुरकुरी और बेलनाकार है। पूसा देसी तीखी है, जड़ नुकीली और कंधा हरा होता है, और इसके पत्ते साग में चलते हैं। ख़रीदार जो माँगें उसके हिसाब से चुनिए।

क्या जापानी व्हाइट का बीज बचा सकते हैं?

हाँ, यह खुले परागण वाली है। बीज के लिए सीधी, शुद्ध सफ़ेद, चिकनी जड़ें चुनिए और प्लॉट दूसरी मूली से दूर रखिए ताकि वे आपस में न मिलें।

स्रोत: NHB — Radish varieties, National Checklist of Commercial Varieties of Vegetables (TNAU Agritech hosting) — radish. संपादकीय नीति.