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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
मूलीरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Japanese White

एक व्यापक रूप से उगाई एशियाई-प्रकार (डाइकॉन) किस्म, पूरी सफ़ेद, चिकनी, बेलनाकार जड़ें 30–45 सेमी लंबी व हल्का गूदा — मैदानों में अक्टूबर–दिसंबर और पहाड़ों में जुलाई–सितंबर बोई।

सीज़नरबी
पकने की अवधि55–60 दिन
अपेक्षित उपज30–35 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
मूली
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
55–60 दिन
अपेक्षित उपज
30–35 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
एक व्यापक रूप से कारोबार होने वाला आयातित खुली-परागित डाइकॉन प्रकार; कोई एकल-संस्थान भारतीय रिलीज़ नहीं

इस किस्म के बारे में

जापानी व्हाइट एक व्यापक रूप से उगाई एशियाई-प्रकार (डाइकॉन) मूली है, पूरी सफ़ेद, चिकनी, बेलनाकार जड़ों 30–45 सेमी लंबी व हल्के, नरम गूदे के साथ। यह मैदानों व पहाड़ों भर सबसे लोकप्रिय मुख्य-सीज़न सफ़ेद मूलियों में से एक है, मैदानों में अक्टूबर–दिसंबर और पहाड़ों में जुलाई–सितंबर बोई। यह खुली-परागित है, इसलिए किसान अपना बीज बचा सकते हैं।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि55–60 दिन
    उपज क्षमता30–35 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयमैदानों में अक्टूबर–दिसंबर; पहाड़ों में जुलाई–सितंबर

उपज व अवधि

पकने की अवधि

55–60 दिन

अपेक्षित उपज

30–35 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • मुख्य सर्दी बाज़ार को लंबी, पूरी सफ़ेद, चिकनी, हल्की जड़ें
  • लोकप्रिय व सुपरिचित — भरोसेमंद ख़रीदार माँग
  • खुली-परागित — बीज बचाया जा सकता

ध्यान रखने योग्य बातें

  • ठंडे महीनों में बेहतर — बहुत गरम में बोया जाए तो बोल्ट कर सकता
  • कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — अल्टरनेरिया व सफ़ेद रतुआ पर नज़र

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल