Pusa Chetki
एक IARI एशियाई सफ़ेद किस्म जो गर्मी सहती और मैदानों व दक्षिण में मार्च से अगस्त बोई जा सकती — गरम-मौसम की पसंदीदा मूली, 40–45 दिन में तैयार।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- मूली
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 40–45 दिन
- अपेक्षित उपज
- 25–30 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- गहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट
- जारी
- ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
पूसा चेतकी ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक एशियाई (उष्ण) सफ़ेद मूली है, और मैदानों व दक्षिण को मानक गरम-मौसम किस्म। यह गर्मी अच्छी तरह सहती और मार्च से अगस्त तक बोई जा सकती — साल का अधिकांश समय जब समशीतोष्ण प्रकार सिर्फ़ बोल्ट करते। जड़ें चिकनी, बेलनाकार, पूरी सफ़ेद, लगभग 20–25 सेमी, हल्की तीखी, और एक तेज़ 40–45 दिन में तैयार। खुली-परागित होने से इसका बीज बचाया जा सकता है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयमैदानों व दक्षिण में मार्च से अगस्त; सर्दी भर भी
उपज व अवधि
पकने की अवधि
40–45 दिन
अपेक्षित उपज
25–30 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- ताप-सहनशील — जहाँ समशीतोष्ण प्रकार बोल्ट करते वहाँ यह जड़ बनाती
- बहुत तेज़ (40–45 दिन) एक लंबी, चौड़ी बुवाई खिड़की के साथ
- खुली-परागित — बीज बचाया जा सकता
ध्यान रखने योग्य बातें
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — अल्टरनेरिया पत्ती-झुलसा व सफ़ेद रतुआ पर नज़र
- सीधी जड़ों को फिर भी एक गहरी, पत्थर-रहित बीज-क्यारी व सिर्फ़ अच्छी सड़ी खाद चाहिए
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- दिल्ली
- उत्तर प्रदेश
- पंजाब
- कर्नाटक
