मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
मूलीरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pusa Chetki

एक IARI एशियाई सफ़ेद किस्म जो गर्मी सहती और मैदानों व दक्षिण में मार्च से अगस्त बोई जा सकती — गरम-मौसम की पसंदीदा मूली, 40–45 दिन में तैयार।

सीज़नरबी
पकने की अवधि40–45 दिन
अपेक्षित उपज25–30 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीगहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
मूली
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
40–45 दिन
अपेक्षित उपज
25–30 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
गहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट
जारी
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा चेतकी ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक एशियाई (उष्ण) सफ़ेद मूली है, और मैदानों व दक्षिण को मानक गरम-मौसम किस्म। यह गर्मी अच्छी तरह सहती और मार्च से अगस्त तक बोई जा सकती — साल का अधिकांश समय जब समशीतोष्ण प्रकार सिर्फ़ बोल्ट करते। जड़ें चिकनी, बेलनाकार, पूरी सफ़ेद, लगभग 20–25 सेमी, हल्की तीखी, और एक तेज़ 40–45 दिन में तैयार। खुली-परागित होने से इसका बीज बचाया जा सकता है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि40–45 दिन
    उपज क्षमता25–30 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध नहीं; अल्टरनेरिया व सफ़ेद रतुआ पर नज़र
    मिट्टीगहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयमैदानों व दक्षिण में मार्च से अगस्त; सर्दी भर भी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

40–45 दिन

अपेक्षित उपज

25–30 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • ताप-सहनशील — जहाँ समशीतोष्ण प्रकार बोल्ट करते वहाँ यह जड़ बनाती
  • बहुत तेज़ (40–45 दिन) एक लंबी, चौड़ी बुवाई खिड़की के साथ
  • खुली-परागित — बीज बचाया जा सकता

ध्यान रखने योग्य बातें

  • कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — अल्टरनेरिया पत्ती-झुलसा व सफ़ेद रतुआ पर नज़र
  • सीधी जड़ों को फिर भी एक गहरी, पत्थर-रहित बीज-क्यारी व सिर्फ़ अच्छी सड़ी खाद चाहिए

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • दिल्ली
  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • कर्नाटक