Pusa Himani
IARI क्षेत्रीय केंद्र (कटराइन) की एक यूरोपीय (समशीतोष्ण) किस्म, सफ़ेद, अर्ध-कुंद जड़ें 30–35 सेमी लंबी, नरम व मीठी, कम तीखेपन के साथ — पहाड़ों में साल भर और मैदानों में सबसे ठंडे महीनों में उगाई।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- मूली
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 55–60 दिन
- अपेक्षित उपज
- 30–35 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- गहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट
- जारी
- ICAR-IARI क्षेत्रीय केंद्र, कटराइन (हिमाचल प्रदेश) द्वारा विकसित
इस किस्म के बारे में
पूसा हिमानी पहाड़ों में IARI क्षेत्रीय केंद्र, कटराइन में विकसित एक यूरोपीय (समशीतोष्ण) मूली है। इसकी जड़ें सफ़ेद, अर्ध-कुंद, 30–35 सेमी लंबी, नरम व मीठी, बहुत कम तीखेपन के साथ, जो श्रेष्ठ हल्की-मूली बाज़ार को सूट करती। यह पहाड़ों में लगभग साल भर और मैदानों में सिर्फ़ सबसे ठंडे महीनों में उगाई जाती — गरम मौसम में बोई जाए तो यह ठीक जड़ बनाए बिना बोल्ट कर जाती। खुली-परागित होने से इसका बीज बचाया जा सकता है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयपहाड़ों में लगभग साल भर; मैदानों में सिर्फ़ अक्टूबर–दिसंबर
उपज व अवधि
पकने की अवधि
55–60 दिन
अपेक्षित उपज
30–35 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- श्रेष्ठ टेबल बाज़ार को नरम, मीठी, हल्की जड़ें
- लंबी सफ़ेद अर्ध-कुंद जड़ें; पहाड़ों में लगभग साल भर उगाई
- खुली-परागित — बीज बचाया जा सकता
ध्यान रखने योग्य बातें
- एक समशीतोष्ण प्रकार — गरम मैदानी मौसम में बोया जाए तो जड़ बनाए बिना बोल्ट करता
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — अल्टरनेरिया व सफ़ेद रतुआ पर नज़र
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
- Jammu & Kashmir
