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मूलीरबीखुली-परागितअंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026

Kashi Hans

ICAR-IIVR (वाराणसी) की मूली, जो 2006 में उत्तर प्रदेश के लिए अधिसूचित हुई। जड़ें सीधी, नुकीली और 22–27 सेमी लंबी, पत्ते मुलायम और चिकने, पिथीपन सह लेती है और 40–45 दिन में तैयार।

सीज़नरबी
पकने की अवधि40–45 दिन
अपेक्षित उपज430–450 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
मूली
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
40–45 दिन
अपेक्षित उपज
430–450 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
रोग-प्रतिरोध
पिथीपन (जड़ का खोखला-स्पंजी होना) सह लेती है
जारी
2006 में SVRC-उत्तर प्रदेश से अधिसूचित (S.O. 597(E), 25 अप्रैल 2006); ICAR-IIVR, वाराणसी में विकसित

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

काशी हंस ICAR-IIVR, वाराणसी की मूली है, जो 2006 में उत्तर प्रदेश की राज्य किस्म विमोचन समिति से अधिसूचित हुई (गैज़ेट S.O. 597(E), 25 अप्रैल 2006)। IIVR के अनुसार जड़ें सीधी, नुकीली, 22–27 सेमी लंबी और 3.5–4.2 सेमी मोटी हैं, पत्ते मुलायम और चिकने हैं, पिथीपन के प्रति सहनशील है, तुड़ाई 40–45 दिन में होती है और उपज 430–450 क्विंटल/हेक्टेयर है। यह उत्तर प्रदेश के लिए सुझाई गई है। यह खुले परागण वाली है, इसलिए अपना बीज बचा सकते हैं।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

उत्तर प्रदेश में खेती करते हैं और ऐसी तेज़ मूली चाहिए जिसका जाँचा जा सकने वाला प्रकाशित आँकड़ा हो, तो काशी हंस चुनिए। IIVR 40–45 दिन, 430–450 क्विंटल/हेक्टेयर, सीधी नुकीली 22–27 सेमी जड़ें, मुलायम चिकने पत्ते और पिथीपन के प्रति सहनशीलता बताता है। यह 2006 में उत्तर प्रदेश के लिए अधिसूचित हुई। IIVR पिथीपन के प्रति सहनशीलता बताता है, गर्मी के प्रति नहीं, इसलिए इसे भरी गर्मी में मत बोइए। गरम महीनों के लिए पूसा चेतकी, हल्की सर्दी वाली डाइकॉन के लिए जापानी व्हाइट, तीखी पारंपरिक मूली के लिए पूसा देसी चुनिए।

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयIIVR इस किस्म के लिए कोई अवधि नहीं देता; उसकी आम मूली सलाह सितंबर–नवंबर (रबी) और फरवरी–मई (गर्मी) है

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • तुड़ाई 40–45 दिन में
  • सीधी, नुकीली 22–27 सेमी जड़ें और मुलायम, चिकने पत्ते
  • पिथीपन के प्रति सहनशील; प्रकाशित उपज 430–450 क्विंटल/हेक्टेयर

ध्यान रखने योग्य बातें

  • IIVR पिथीपन के प्रति सहनशीलता बताता है, गर्मी के प्रति नहीं, इसलिए इसे गर्मी में चलने वाली किस्म न मानिए
  • सीधी जड़ों के लिए गहरी, पत्थर-रहित क्यारी और सिर्फ़ अच्छी तरह सड़ी खाद चाहिए

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश

पिथीपन की सहनशीलता से समय मिलता है, गर्मी से बचाव नहीं

IIVR काशी हंस को पिथीपन के प्रति सहनशील, 40–45 दिन में तैयार और 430–450 क्विंटल/हेक्टेयर उपज वाली बताता है। गर्मी की सहनशीलता उसकी सूची में नहीं है।

इसलिए इसे उन मौसमों की किस्म मानिए जो IIVR आम मूली के लिए देता है, सितंबर से नवंबर और फरवरी से मई, और सबसे गरम हफ़्तों में इसे मत बोइए। गर्मी में गर्मी के लिए सूचीबद्ध किस्म लीजिए, जैसे पूसा चेतकी।

पिथीपन की सहनशीलता उखाड़ने की तारीख़ में काम आती है। जो जड़ें थोड़ा ज़्यादा देर ठोस रहती हैं, वे आपको उस दिन तोड़ने की ज़्यादा गुंजाइश देती हैं जिस दिन ख़रीदार को चाहिए, बुवाई से लगभग 40–45 दिन के भीतर।

क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?

यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।

दूसरी किस्मों से तुलना

मूली की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकपकने की अवधिउपजराज्य
Arka Nishantकटाई में ढील, पिथीपन और बोल्टिंग के प्रति रोधी50–55 दिन25–40 टन/हेक्टेयरकर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र
Japanese Whiteमुख्य सर्दी के बाज़ार के लिए हल्की सफ़ेद डाइकॉन60–65 दिन30–35 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल
Kashi Hansयही पेजउत्तर प्रदेश के लिए 40–45 दिन की तेज़ मूली, पिथीपन सहनशील40–45 दिन430–450 क्विंटल/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश
Pusa Chetkiगर्मी सहने वाली गरम मौसम की सफ़ेद मूली40–45 दिन25 टन/हेक्टेयरदिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक
Pusa Desiतीखी पारंपरिक मूली, साग के लिए हरे पत्तों के साथ50–55 दिन25–30 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा
Pusa Himaniपहाड़ों और ठंडे मैदानों के लिए मीठी, हल्की यूरोपीय मूलीलगभग 55 दिन30–35 टन/हेक्टेयरहिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, Jammu & Kashmir
Pusa Mridulaछोटी लाल सलाद की मूली, लगभग 25 दिन में तैयारलगभग 25 दिन130 क्विंटल/हेक्टेयरDelhi (NCR)

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और मूली का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

मूली के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या काशी हंस गर्मी सहने वाली मूली है?

IIVR की काशी हंस सूची पिथीपन के प्रति सहनशीलता बताती है, गर्मी के प्रति नहीं। गरम मौसम के लिए NHB की सूची में गर्मी सहने वाली पूसा चेतकी है, और IIVR का अपना गर्मी वाला विकल्प संकर काशी ऋतुराज है, जो 2024 में अधिसूचित हुई और 40–43 °C तक सहनशील है।

यह किन राज्यों के लिए है?

IIVR इसे उत्तर प्रदेश के लिए सुझाता है, 2006 में राज्य विमोचन समिति से अधिसूचित। बिहार, झारखंड या पश्चिम बंगाल के लिए हमें कोई सरकारी सिफ़ारिश नहीं मिली, इसलिए वहाँ पहले छोटी पट्टी आज़माइए।

क्या 430–450 क्विंटल/हेक्टेयर संभव है?

यह IIVR का प्रकाशित आँकड़ा है, इस सूची में सबसे ऊँचा। ज़्यादातर खेतों की उपज परीक्षण उपज से कम रहती है, इसलिए कम मानकर चलिए और देख लीजिए कि छोटी तुड़ाई अवधि में पूरी फ़सल बिक जाएगी।

जड़ कितनी बड़ी होती है?

IIVR के अनुसार 22–27 सेमी लंबी और 3.5–4.2 सेमी मोटी, सीधी और नुकीली। गहरी, पत्थर-रहित क्यारी और सिर्फ़ अच्छी तरह सड़ी खाद से जड़ें सीधी रहती हैं।

क्या काशी हंस का बीज बचा सकते हैं?

हाँ, यह खुले परागण वाली है। बीज के लिए सिर्फ़ सबसे सीधी, सबसे स्वस्थ जड़ें छोड़िए, और उन्हें दूसरी मूली से दूर रखिए ताकि फूल आपस में न मिलें।

स्रोत: ICAR-IIVR — Radish varieties and cultivation details. संपादकीय नीति.