मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
मूलीरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Kashi Hans

ऊँचे-तापमान सहनशीलता को विकसित एक ICAR-IIVR (वाराणसी) उष्ण सफ़ेद किस्म, लंबी जड़ें 30–40 सेमी, और गरम महीनों सहित पूर्वी व उत्तरी मैदानों भर व्यापक अनुकूलन।

सीज़नरबी
पकने की अवधि45–50 दिन
अपेक्षित उपज28–34 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
मूली
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
45–50 दिन
अपेक्षित उपज
28–34 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय सब्ज़ी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

काशी हंस ICAR-IIVR, वाराणसी की एक उष्ण सफ़ेद मूली है, ख़ासतौर पर ऊँचे-तापमान सहनशीलता को विकसित ताकि यह मूली सीज़न को पूर्वी व उत्तरी मैदानों के गरम महीनों में बढ़ा सके। जड़ें लंबी, 30–40 सेमी, सफ़ेद व हल्की तीखी, लगभग 45–50 दिन में तैयार। यह आम पत्ती-रोगों को उपयोगी खेत-सहनशीलता रखती और खुली-परागित है, इसलिए किसान अपना बीज बचा सकते हैं।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि45–50 दिन
    उपज क्षमता28–34 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधपत्ती-रोगों को अच्छी खेत-सहनशीलता
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयसीज़न को पूर्वी व उत्तरी मैदानों के गरम महीनों में बढ़ाती

उपज व अवधि

पकने की अवधि

45–50 दिन

अपेक्षित उपज

28–34 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • पत्ती-रोगों को अच्छी खेत-सहनशीलता

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • ऊँचे-तापमान सहनशीलता को विकसित — मूली सीज़न बढ़ाती
  • लगभग 45–50 दिन में तैयार लंबी सफ़ेद जड़ें; पत्ती-रोगों को खेत-सहनशीलता
  • पूर्वी व उत्तरी मैदानों में व्यापक अनुकूल; खुली-परागित

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सहनशीलता प्रतिरक्षा नहीं — नम दौरों में फिर भी अल्टरनेरिया व सफ़ेद रतुआ पर नज़र
  • सीधी जड़ों को एक गहरी, पत्थर-रहित बीज-क्यारी व सिर्फ़ अच्छी सड़ी खाद चाहिए

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • झारखंड
  • पश्चिम बंगाल