Pusa Mridula
IARI की मूली, गोल जड़ें और चटख लाल छिलका, हल्की तीखी, लगभग 25 दिन में तैयार। राष्ट्रीय चेकलिस्ट में 130 क्विंटल/हेक्टेयर है और यह दिल्ली NCR के लिए सुझाई गई है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- मूली
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- लगभग 25 दिन
- अपेक्षित उपज
- 130 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- रोग-प्रतिरोध
- कोई खास रोग-प्रतिरोध का दावा नहीं
- जारी
- IARI की सूची के अनुसार 2005 में दिल्ली NCR क्षेत्र के लिए जारी
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
इस किस्म के बारे में
पूसा मृदुला ICAR-IARI, नई दिल्ली की टेबल मूली है। व्यावसायिक सब्ज़ी किस्मों की राष्ट्रीय चेकलिस्ट गोल जड़ें और चटख लाल छिलका, हल्का तीखापन, औसत उपज 130 क्विंटल/हेक्टेयर और 25 दिन में पकना बताती है, और इसे दिल्ली NCR के लिए सुझाती है। IARI की एक सूची में NCR के लिए इसका जारी होने का साल 2005 दिया गया है। इस तरह यह झटपट सलाद की मूली और काम की बीच की फ़सल है। यह खुले परागण वाली है, इसलिए बीज बचा सकते हैं।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
छोटी, चटख लाल, गोल सलाद की मूली और लगभग 25 दिन की बहुत तेज़ बीच की फ़सल चाहिए तो पूसा मृदुला चुनिए। राष्ट्रीय चेकलिस्ट हल्की तीखी जड़ें, 130 क्विंटल/हेक्टेयर और दिल्ली NCR बताती है, और IARI की एक सूची में वहाँ इसका जारी होने का साल 2005 है। उपज लंबी एशियाई किस्मों से काफ़ी कम है, इसलिए कमाई गुच्छे से होगी, टन से नहीं। ठंडे मौसम में बोइए। गरम महीनों के लिए पूसा चेतकी, लंबी सर्दी की जड़ों के लिए जापानी व्हाइट, और पहाड़ों में बड़ी हल्की जड़ के लिए पूसा हिमानी चुनिए।
बुवाई और खेती
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- लगभग 25 दिन में तैयार, बहुत तेज़ फ़सल
- चटख लाल, गोल जड़ें, हल्की तीखी, सलाद के बाज़ार के लिए
- खुले परागण वाली है, इसलिए बीज बचाया जा सकता है
ध्यान रखने योग्य बातें
- 130 क्विंटल/हेक्टेयर की उपज लंबी एशियाई किस्मों से काफ़ी कम है, इसलिए कमाई गुच्छे से होगी, टन से नहीं
- यह दिल्ली NCR के लिए सूचीबद्ध है, इसलिए दूसरी जगह पहले छोटी पट्टी आज़माइए
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- Delhi (NCR)
25 दिन की फ़सल एक पट्टी पर चार दौर दे सकती है
पूसा मृदुला लगभग 25 दिन में तैयार होती है। ठंडे मौसम के चार महीने लगभग 120 दिन होते हैं, इसलिए एक पट्टी में लगातार चार दौर की गुंजाइश है, अगर उखाड़ते ही दोबारा बो दें।
हर दौर की उपज कम है, राष्ट्रीय चेकलिस्ट में 130 क्विंटल/हेक्टेयर, और जड़ें छोटी, गोल और चटख लाल हैं। इसलिए कमाई टन में नहीं, सलाद के ख़रीदारों को बहुत से छोटे, ताज़े गुच्छे बेचने में है।
पहले ख़रीदारों से बात कीजिए। पूछिए कि हफ़्ते में कितने गुच्छे या किलो लेंगे और किस भाव। फिर हर हफ़्ते उतना ही बोइए जितना बिक सके, और दूसरी पट्टियाँ लंबी मुख्य फ़सल के लिए रखिए।
क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?
यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।
दूसरी किस्मों से तुलना
मूली की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | पकने की अवधि | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| Arka Nishant | कटाई में ढील, पिथीपन और बोल्टिंग के प्रति रोधी | 50–55 दिन | 25–40 टन/हेक्टेयर | कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र |
| Japanese White | मुख्य सर्दी के बाज़ार के लिए हल्की सफ़ेद डाइकॉन | 60–65 दिन | 30–35 टन/हेक्टेयर | उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल |
| Kashi Hans | उत्तर प्रदेश के लिए 40–45 दिन की तेज़ मूली, पिथीपन सहनशील | 40–45 दिन | 430–450 क्विंटल/हेक्टेयर | उत्तर प्रदेश |
| Pusa Chetki | गर्मी सहने वाली गरम मौसम की सफ़ेद मूली | 40–45 दिन | 25 टन/हेक्टेयर | दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक |
| Pusa Desi | तीखी पारंपरिक मूली, साग के लिए हरे पत्तों के साथ | 50–55 दिन | 25–30 टन/हेक्टेयर | उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा |
| Pusa Himani | पहाड़ों और ठंडे मैदानों के लिए मीठी, हल्की यूरोपीय मूली | लगभग 55 दिन | 30–35 टन/हेक्टेयर | हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, Jammu & Kashmir |
| Pusa Mridulaयही पेज | छोटी लाल सलाद की मूली, लगभग 25 दिन में तैयार | लगभग 25 दिन | 130 क्विंटल/हेक्टेयर | Delhi (NCR) |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और मूली का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके मूली के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- अंकुरण कैलकुलेटरबुवाई से पहले बोरे के 100 बीज जाँचिए और देखिए कि बीज बोने लायक है या नहीं।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर मूली किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरमूली की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल कैलेंडरआपके राज्य में मूली की बुवाई, निराई, सिंचाई और कटाई के महीने।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में मूली का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
मूली के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पूसा मृदुला असल में कितनी तेज़ है?
राष्ट्रीय चेकलिस्ट बोने के बाद 25 दिन में पकना बताती है। 1 नवंबर की बुवाई लगभग 26 नवंबर तक और 1 दिसंबर की लगभग 26 दिसंबर तक तैयार होती है। आकार जाँचने के लिए लगभग 22 दिन पर एक जड़ उखाड़कर देखिए।
इसकी उपज कितनी होगी?
राष्ट्रीय चेकलिस्ट 130 क्विंटल/हेक्टेयर देती है, यानी 13 टन/हेक्टेयर। यह पूसा चेतकी (200–250 क्विंटल/हेक्टेयर) जैसी लंबी एशियाई किस्मों से काफ़ी कम है, इसलिए इसे सलाद के ख़रीदारों को गुच्छे या किलो के भाव बेचिए, लंबी मूली की तरह नहीं।
यह कहाँ के लिए सूचीबद्ध है?
राष्ट्रीय चेकलिस्ट दिल्ली NCR सूचीबद्ध करती है। दूसरे इलाक़ों का कोई प्रकाशित परीक्षण हमें नहीं मिला, इसलिए NCR के बाहर पहले छोटी पट्टी आज़माइए और इसे ठंडे मौसम में बोइए।
एक ठंडे मौसम में कितनी फ़सलें आ सकती हैं?
25 दिन की फ़सल के हिसाब से चार महीने का ठंडा मौसम लगभग 120 दिन है, इसलिए उखाड़ते ही दोबारा बोएँ तो एक पट्टी में चार दौर हो सकते हैं। हर हफ़्ते-दो हफ़्ते में एक नई छोटी पट्टी बोइए ताकि तोड़ने को हमेशा कुछ रहे।
क्या पूसा मृदुला का बीज बचा सकते हैं?
हाँ, यह खुले परागण वाली है। बीज के लिए किस्म जैसी छोटी, गोल, चटख लाल जड़ें चुनिए और प्लॉट दूसरी मूली से दूर रखिए ताकि वे आपस में न मिलें।
स्रोत: PPV&FRA — Radish DUS test guideline, National Checklist of Commercial Varieties of Vegetables (TNAU Agritech hosting) — radish. संपादकीय नीति.
