DHS-1
अगेते फलन व ऊँची उपज को मूल्यवान एक धारवाड़ (कर्नाटक) चयन, विशेष रूप से उत्तर कर्नाटक की सूखी बढ़वार दशाओं को अनुकूल।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- चीकू (सपोटा)
- प्रकार
- कलम-लगी किस्म (खिरनी रूटस्टॉक पर)
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- पहला फलन ~3 साल (कलम, अधिकांश से अगेता)
- अपेक्षित उपज
- पूर्ण फलन पर 110–150 किग्रा/पेड़/वर्ष
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
इस किस्म के बारे में
DHS-1 कर्नाटक के धारवाड़ की एक चीकू चयन है, दो व्यावहारिक गुणों को मूल्यवान: यह ज़्यादातर कलम-लगी चीकू किस्मों से थोड़ा जल्दी फलन में आती, आमतौर के तीन-चार साल के बजाय लगभग तीन साल पर, और एक बार स्थापित होने पर भारी उपज देती है। यह विशेष रूप से उत्तर कर्नाटक की सूखी बढ़वार दशाओं को अनुकूल है, जहाँ यह ऊँची-बारिश तटीय पट्टियों को विकसित किस्मों से ज़्यादा भरोसे से करती है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहला फलन ~3 साल (कलम, अधिकांश से अगेता)
अपेक्षित उपज
पूर्ण फलन पर 110–150 किग्रा/पेड़/वर्ष
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- ज़्यादातर कलम-लगी किस्मों से थोड़ा जल्दी फलन में आती (~3 साल)
- स्थापित होने पर भारी उपज संभावना (110–150 किग्रा/पेड़/वर्ष)
- उत्तर कर्नाटक की सूखी बढ़वार दशाओं को अच्छी अनुकूल
ध्यान रखने योग्य बातें
- उत्तर कर्नाटक की विशिष्ट सूखी दशाओं को सबसे अच्छी दस्तावेज़ीकृत
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध दावा नहीं
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- north Karnataka
