CO-3
तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय का क्रिकेट बॉल व वाविवलासा के बीच एक हाइब्रिड, एक आयताकार-अंडाकार, ख़ुशबूदार, बहुत मीठा फल लगभग 24.2°ब्रिक्स कुल घुलनशील ठोस के साथ देता।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- चीकू (सपोटा)
- प्रकार
- कलम-लगी किस्म (खिरनी रूटस्टॉक पर)
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- पहला फलन ~3–4 साल (कलम)
- अपेक्षित उपज
- पूर्ण फलन पर 100–130 किग्रा/पेड़/वर्ष
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
इस किस्म के बारे में
CO-3 तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय की जारी की एक चीकू हाइब्रिड है, क्रिकेट बॉल व स्थानीय वाविवलासा किस्म को पार करती। यह क्रॉस क्रिकेट बॉल के कठोर, परिवहन-अनुकूल गुणों को दोनों मातृ किस्मों से कहीं ज़्यादा मिठास के साथ जोड़ता — इसका फल लगभग 24.2°ब्रिक्स कुल घुलनशील ठोस तक पहुँचता, इसे भारत में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध सबसे मीठी नामित चीकू किस्मों में रखता। फल-आकार आयताकार-अंडाकार है एक सुखद, संतुलित स्वाद के साथ जो इसे तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश में श्रेष्ठ टेबल बाज़ार लक्षित करते किसानों को एक पसंदीदा चुनाव बनाता है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहला फलन ~3–4 साल (कलम)
अपेक्षित उपज
पूर्ण फलन पर 100–130 किग्रा/पेड़/वर्ष
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- उपलब्ध सबसे मीठी नामित चीकू किस्मों में से एक (~24.2°ब्रिक्स)
- अपने क्रिकेट बॉल मातृ की कठोर विशेषताओं के साथ अच्छा स्वाद जोड़ती
- तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश की बढ़वार दशाओं को अच्छी उपयुक्त
ध्यान रखने योग्य बातें
- कालीपत्ती से अपने मूल क्षेत्र के बाहर कम दस्तावेज़ीकृत प्रदर्शन
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध दावा नहीं
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- तमिलनाडु
- आंध्र प्रदेश
