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चीकू (सपोटा)सभी सीज़नकलमी किस्म (खिरनी रूटस्टॉक पर)अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026

CO-3

तमिलनाडु के लिए TNAU की संकर किस्म (2000), क्रिकेट बॉल × वाविलवलसा। मध्यम आकार का पेड़, छोटा छत्र, 4थे साल से फल, और प्रति पेड़ 157 किलो तक (NHB, TNAU)। साल भर फूलता है, फरवरी–जून और सितंबर–अक्टूबर में चरम पर।

सीज़नसभी सीज़न
फल कब सेफल 4थे साल से शुरू होते हैं (NHB)
अपेक्षित उपजप्रति पेड़ प्रति वर्ष 157 किग्रा तक (NHB, TNAU)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
कलमी किस्म (खिरनी रूटस्टॉक पर)
सीज़न
सभी सीज़न
फल कब से
फल 4थे साल से शुरू होते हैं (NHB)
अपेक्षित उपज
प्रति पेड़ प्रति वर्ष 157 किग्रा तक (NHB, TNAU)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
रोग-प्रतिरोध
कोई खास रोग-प्रतिरोध का दावा नहीं

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

CO-3 तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय की चीकू की संकर किस्म है (2000 में जारी), क्रिकेट बॉल और वाविलवलसा का क्रॉस। NHB इसे मटमैले-भूरे, लंबोतरे, मीठे फल वाली, मध्यम क़द के पेड़ की किस्म बताता है, जो चौथे साल से फल देती है और औसतन प्रति पेड़ प्रति वर्ष 157 किलो देती है। TNAU के अनुसार छत्र छोटा है और पेड़ साल भर फूलता है, फरवरी–जून और सितंबर–अक्टूबर में चरम पर। TNAU घनी रोपाई में 40–50 टन प्रति हेक्टेयर भी बताता है। पेरियाकुलम में इसके फल का औसत वज़न 129 ग्राम रहा, क्रिकेट बॉल (135 ग्राम) के बाद दूसरे नंबर पर, और 19 जीनोटाइप में यह सबसे छोटा पेड़ था। NHB इसके लिए TSS नहीं देता।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

तमिलनाडु में खेती करते हैं और NHB में दर्ज प्रति पेड़ सबसे बड़ी फ़सल चाहिए, 157 किलो तक, मध्यम आकार के छोटे छत्र वाले पेड़ पर, तो CO-3 चुनिए। यह बड़ा फल भी देती है, पेरियाकुलम में 129 ग्राम। 4थे साल से फल और साल में दो बार फूलों का चरम मानकर चलिए। ऊँचे पेड़ पर सबसे बड़ा फल (135 ग्राम) चाहिए तो क्रिकेट बॉल लीजिए। पश्चिम भारत की मंडियों में बेचते हैं तो कालीपत्ती लीजिए। छोटा, बहुत मीठा फल चाहिए तो पाला लीजिए।

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयमानसून की शुरुआत में रोपाई करें (NHB)। TNAU जून से दिसंबर बताता है।
  • दूरी10 × 10 मीटर, या 6 × 6 मीटर जब तक छत्र मिल न जाएँ और फिर एक छोड़कर एक पेड़ हटा दें (NHB)। TNAU 8 × 8 मीटर (156 पौधे प्रति हेक्टेयर) बताता है, या घनी रोपाई के लिए 8 × 4 मीटर (312 पौधे)।
  • बुवाई विधिकलमी पौधा लगाइए, बीज वाला नहीं। TNAU खिरनी (मैनिलकारा हेक्सैंड्रा) रूटस्टॉक पर अप्रोच ग्राफ्टिंग करता है, जिसमें कलम का जोड़ ज़मीन से कम से कम 15 सेंटीमीटर ऊपर रहता है। गड्ढा हर तरफ़ लगभग 1 मीटर, जिसमें पहले ऊपरी मिट्टी, फिर गोबर की खाद, 1 किलो सुपरफॉस्फेट और 500 ग्राम सल्फ़ेट ऑफ़ पोटाश मिली नीचे की मिट्टी भरें (NHB)। कलम को खूँटे से बाँधिए, छाया दीजिए, और जोड़ के नीचे रूटस्टॉक की फूटन हटाते रहिए।
  • सिंचाईथाला विधि अपनाइए और छत्र बढ़ने के साथ थाला चौड़ा करते जाइए। पौधे जमते समय गर्मी में हर 6–7 दिन और सर्दी में हर 8–10 दिन पर पानी दें। ड्रिप से 40% पानी बचता है और पैदावार बढ़ती है: पहले 2 साल पेड़ से 50 सेंटीमीटर दूर 4 लीटर प्रति घंटे वाले दो ड्रिपर, फिर दो और (NHB)।
  • उर्वरकप्रति पेड़ (महाराष्ट्र कृषि विभाग, NHB के हवाले से): साल 1: 20 किलो गोबर की खाद, 300 ग्राम N, 150 ग्राम P, 100 ग्राम K। साल 2: 30 किलो, 450 ग्राम, 225 ग्राम, 200 ग्राम। साल 3: 40 किलो, 600 ग्राम, 300 ग्राम, 300 ग्राम। साल 4: 50 किलो, 750 ग्राम, 375 ग्राम, 300 ग्राम। साल 5: 60 किलो, 900 ग्राम, 450 ग्राम, 400 ग्राम। साल 6 से: 70 किलो गोबर की खाद, 1000 ग्राम N, 500 ग्राम P, 500 ग्राम K। बारानी: मानसून की शुरुआत में दें। सिंचित: पूरी गोबर की खाद और आधा उर्वरक मानसून की शुरुआत में, बाक़ी सितंबर–अक्टूबर में, छत्र के नीचे।
  • कटाईफल साल 3 से लगना शुरू होता है और फ़ायदे की पैदावार साल 7 से आती है। तब तोड़िए जब भूरी पपड़ी की जगह पीला-सा कॉर्क जैसा भूरा रंग आ जाए और खुरचने पर न हरापन दिखे न दूध। चीकू तोड़ने के बाद पकता है, पर बहुत जल्दी तोड़ा फल ख़राब निकलता है और देर से तोड़ा फल जल्दी नरम पड़ता है। हाथ से तोड़िए या डंडे पर जाली-थैले वाले हार्वेस्टर से (NHB)।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
गहरी जलोढ़ मिट्टी, बलुई दोमट या अच्छे जल-निकास वाली मध्यम काली मिट्टी। कठोर परत के ऊपर की उथली चिकनी मिट्टी या ज़्यादा चूने वाली मिट्टी ठीक नहीं (NHB)।
pH
6.0–8.0

जलवायु

तापमान
10–38°C
बारिश
1,250–2,500 mm
जलवायु
गर्म, नम मौसम (70% से ऊपर नमी) ठीक है, और तटीय जलवायु सबसे अच्छी। यह 1,000 मीटर की ऊँचाई तक उगता है। 43°C से ऊपर फूल झड़ते हैं (NHB)।

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • प्रति पेड़ 157 किलो तक (NHB, TNAU)
  • छोटा छत्र, और पेरियाकुलम में 19 जीनोटाइप का सबसे छोटा पेड़
  • बड़ा फल: 129 ग्राम, क्रिकेट बॉल के बाद दूसरे नंबर पर
  • साल भर फूलता है, दो चरम के साथ (फरवरी–जून और सितंबर–अक्टूबर)

ध्यान रखने योग्य बातें

  • फल 4थे साल से शुरू होते हैं, यानी NHB के चीकू के आम तीसरे साल से एक साल बाद।
  • यह तमिलनाडु की किस्म है। हमारे पढ़े स्रोत दूसरे राज्यों का कोई नतीजा नहीं देते।
  • TNAU का 40–50 टन प्रति हेक्टेयर घनी रोपाई की ऊपरी सीमा है। अपने पेड़ों को तौलकर योजना बनाइए।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • तमिलनाडु

साल में दो बार फूलों का चरम: मज़दूरी और पानी की योजना

TNAU के अनुसार CO-3 साल भर फूलती है, फरवरी–जून और सितंबर–अक्टूबर में चरम पर। यानी साल में एक फ़सल नहीं, दो चौड़ी फ़सलें मिलती हैं, बीच में भी कुछ फल रहता है।

आंध्र के परीक्षण में फल लगने से तुड़ाई लायक़ होने तक किस्म के हिसाब से लगभग 189 से 263 दिन लगे। NHB नाइट्रोजन और बाक़ी उर्वरक दो हिस्सों में देने को कहता है: मानसून की शुरुआत में खाद के साथ, और सिंचित बाग़ों में बाक़ी सितंबर–अक्टूबर में। तुड़ाई की मज़दूरी को फूलों के महीनों से नहीं, अपने फल बँधने के चरम से मिलाइए।

दो साल एक सीधी डायरी रखिए: जिस हफ़्ते सबसे ज़्यादा फूल खिलें, जिस हफ़्ते सबसे ज़्यादा फल बँधें, और जिस हफ़्ते आप तोड़ें। दो साल बाद आपको अपने बाग़ का अंतर पता होगा, और उसके हिसाब से मदद बुला सकेंगे और मंडी तय कर सकेंगे।

रोपाई सामग्री कहाँ से आती है

यह कलमी (ग्राफ़्टेड) पौधा है — ऊपर यह किस्म, नीचे मूलवृंत। इसके फल के बीज से यही किस्म नहीं उगती, इसलिए इसका बीज रखा नहीं जा सकता। कलमी पौधे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से ख़रीदिए, तभी पौधा सही किस्म का और रोग-मुक्त मिलेगा।

दूसरी किस्मों से तुलना

चीकू (सपोटा) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
Baramasiपारंपरिक चीकू, जिसे तभी लगाइए जब उसे फलते देख सकें; इसकी चयन CO-2 के पास आँकड़े हैंफल लगभग साल 3 से लगते हैं; फ़ायदे की पैदावार साल 7 से (NHB, सभी चीकू)बारामासी के लिए प्रति पेड़ किलो का आँकड़ा प्रकाशित नहीं (इसकी चयन CO-2: TNAU के अनुसार 175 किलो प्रति पेड़)पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश
CO-3यही पेजतमिलनाडु की छोटे छत्र वाली, भारी फलने वाली चीकू, जो साल भर फूलती हैफल 4थे साल से शुरू होते हैं (NHB)प्रति पेड़ प्रति वर्ष 157 किग्रा तक (NHB, TNAU)तमिलनाडु
Cricket Ball (Calcutta Large)बड़ा, गोल, मीठा फल, जहाँ महीन गूदे से ज़्यादा आकार मायने रखता होफल लगभग साल 3 से लगते हैं; फ़ायदे की पैदावार साल 7 से (NHB, सभी चीकू)प्रति पेड़ किलो का आँकड़ा प्रकाशित नहीं; दो परीक्षणों में सबसे बड़ा फल (123.2 ग्राम और 135 ग्राम)तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश
DHS-1कर्नाटक के सूखे उत्तर के लिए बड़े फल वाली, भारी फलने वाली चीकू, जहाँ एक परीक्षण में प्रति पेड़ 156 किलो मिलाफल लगभग साल 3 से लगते हैं; फ़ायदे की पैदावार साल 7 से (NHB, सभी चीकू)उत्तरी कर्नाटक के शुष्क क्षेत्र के एक परीक्षण में पुराने पेड़ों पर 156.25 किग्रा/पेड़कर्नाटक
Guthiपारंपरिक मध्यम ऊँचाई की चीकू; ज़्यादातर किसानों के लिए इसकी सुधरी चयन PKM-1 बेहतर पौधा हैफल लगभग साल 3 से लगते हैं; फ़ायदे की पैदावार साल 7 से (NHB, सभी चीकू)प्रति पेड़ किलो का आँकड़ा प्रकाशित नहींआंध्र प्रदेश, तमिलनाडु
Kalipattiपश्चिम भारत की मंडियों के लिए मुलायम, मीठी खाने वाली चीकू, जो फलों की सबसे ज़्यादा गिनती के लिए नहीं बल्कि बाज़ार की पहचान के लिए लगाई जाती हैफल लगभग साल 3 से लगते हैं; फ़ायदे की पैदावार साल 7 से (NHB, सभी चीकू)पूरे बढ़े पेड़ पर 350–400 फल प्रति पेड़ (NHB)महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक
Palaआंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की स्थानीय मंडियों के लिए जल्दी तैयार होने वाली, बहुत मीठी छोटी चीकूफल लगभग साल 3 से लगते हैं; फ़ायदे की पैदावार साल 7 से (NHB, सभी चीकू)ज़्यादा पैदावार वाली (NHB); प्रति पेड़ किलो का आँकड़ा प्रकाशित नहींआंध्र प्रदेश, तमिलनाडु

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और चीकू (सपोटा) का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

चीकू (सपोटा) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या CO-3 के लिए TNAU का 40–50 टन प्रति हेक्टेयर यथार्थवादी है?

यह ऊपरी सीमा है। TNAU की घनी रोपाई की दूरी 8 × 4 मीटर पर एक हेक्टेयर में 312 पेड़ आते हैं। प्रति पेड़ 157 किलो पर यह लगभग 49 टन प्रति हेक्टेयर बैठता है, जो TNAU की सीमा से मेल खाता है। पर 157 किलो पूरे बढ़े पेड़ का ऊपरी आँकड़ा है, और TNAU के अनुसार सभी किस्मों में चीकू 20–25 टन प्रति हेक्टेयर देता है। सीमा से नीचे योजना बनाइए और अपने पेड़ ख़ुद तौलिए।

CO-3 को हर माँ-पिता से क्या मिला है?

यह क्रिकेट बॉल × वाविलवलसा है। क्रिकेट बॉल की तरफ़ से इसे बड़ा फल मिला है, पेरियाकुलम में 129 ग्राम, जबकि क्रिकेट बॉल का 135 ग्राम। ऊँची क्रिकेट बॉल के उलट, यह वहाँ 19 जीनोटाइप का सबसे छोटा पेड़ है, छोटे छत्र के साथ। वाविलवलसा से इसे क्या मिला, यह NHB और TNAU नहीं बताते।

CO-3 कब फूलती है और तुड़ाई कब करूँगा?

TNAU के अनुसार यह साल भर फूलती है, फरवरी–जून और सितंबर–अक्टूबर में चरम पर। आंध्र के परीक्षण में फल लगने से तुड़ाई तक लगभग 6–8.5 महीने लगे (किस्मों में 189–263 दिन), इसलिए तुड़ाई फूलों से पीछे चलती है। पहले दो साल अपने फल बँधने और तुड़ाई की तारीख़ों की डायरी रखिए।

क्या CO-3 को तमिलनाडु के बाहर लगा सकते हैं?

NHB और TNAU इसे तमिलनाडु के लिए गिनाते हैं और दूसरे राज्यों का कोई नतीजा नहीं देते। चीकू आम तौर पर गर्म, नम मौसम और 1,250–2,500 मिलीमीटर बारिश पसंद करता है, और 43°C से ऊपर फूल झड़ते हैं (NHB)। अपने कृषि विज्ञान केंद्र से पूछिए कि आपके पास किसी ने CO-3 से फल लिया है या नहीं, और पूरा खंड लगाने से पहले कुछ पेड़ लगाइए।

CO-3 का बाग़ कितनी जल्दी लागत निकालता है?

NHB के अनुसार CO-3 चौथे साल से फलती है, पर आम तौर पर चीकू के लिए वह फ़ायदे की पैदावार साल 7 के बाद रखता है। 10 से 15 साल का पूरा बढ़ा पेड़ किस्म और देखभाल के हिसाब से 1000–3000 फल देता है। पूरी फ़सल से पहले सिंचाई, खाद और अंतरवर्ती फ़सल के साथ कई साल की देखभाल का ख़र्च जोड़कर चलिए।

स्रोत: Varieties — NHB, Sapota, Planting — NHB, Sapota, Manuring and fertilization — NHB, Sapota, Irrigation — NHB, Sapota, Harvesting — NHB, Sapota, Soil and climate — NHB, Sapota, Sapota — TNAU Agritech Portal, Horticulture: Fruits, Sapota varieties — TNAU Agritech Portal. संपादकीय नीति.