Pusa Jyoti
एक IARI चुकंदर-कुल किस्म, बहुत नरम, रेशा-रहित, कोमल पत्तियों व तेज़ अगेती बढ़वार को चुनी गई, जो ज़्यादातर अन्य किस्मों से ऊँची पहली-कटाई उपज देती है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- पालक
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- पहली कटाई ~25–30 दिन
- बीज दर
- कतारों में 25–30 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 10–12 किग्रा/एकड़)
- अपेक्षित उपज
- 12–20 टन/हेक्टेयर सभी कटाइयों में
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
पूसा ज्योति ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक चुकंदर-कुल (पालक) किस्म है, बहुत नरम, रेशा-रहित, कोमल पत्तियों व तेज़ अगेती बढ़वार को विकसित। इसकी तेज़ स्थापना का मतलब है कि पहली कटाई ज़्यादातर अन्य किस्मों से पहले व ऊँची उपज पर आती, और कोमल पत्ती-बनावट को ख़ासकर ताज़ा-गट्ठर बाज़ार पसंद करता, जहाँ ख़रीदार एक ऐसी पत्ती को महत्व देतें जो रेशेदार की जगह नरम पके।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयमैदानों में मध्य-सितंबर से मध्य-फ़रवरी, हर 15–20 दिन क्रमिक
- बीज दरकतारों में 25–30 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 10–12 किग्रा/एकड़)
- दूरीकतारें 20–25 सेमी दूर; पौधों के बीच 5–10 सेमी विरल करें
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली कटाई ~25–30 दिन
अपेक्षित उपज
12–20 टन/हेक्टेयर सभी कटाइयों में
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- बहुत नरम, रेशा-रहित, कोमल पत्ती-बनावट
- आम पालक किस्मों में पहली कटाई तक सबसे तेज़
- ऊँची अगेती उपज तेज़ आमदनी-बदलाव का समर्थन करती
ध्यान रखने योग्य बातें
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध दावा नहीं — सामान्य कीट व पत्ती-धब्बा निगरानी लागू
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- दिल्ली
- हरियाणा
- पंजाब
