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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
पालकरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pusa Jyoti

एक IARI चुकंदर-कुल किस्म, बहुत नरम, रेशा-रहित, कोमल पत्तियों व तेज़ अगेती बढ़वार को चुनी गई, जो ज़्यादातर अन्य किस्मों से ऊँची पहली-कटाई उपज देती है।

सीज़नरबी
पकने की अवधिपहली कटाई ~25–30 दिन
अपेक्षित उपज12–20 टन/हेक्टेयर सभी कटाइयों में
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
पालक
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
पहली कटाई ~25–30 दिन
बीज दर
कतारों में 25–30 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 10–12 किग्रा/एकड़)
अपेक्षित उपज
12–20 टन/हेक्टेयर सभी कटाइयों में
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा ज्योति ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक चुकंदर-कुल (पालक) किस्म है, बहुत नरम, रेशा-रहित, कोमल पत्तियों व तेज़ अगेती बढ़वार को विकसित। इसकी तेज़ स्थापना का मतलब है कि पहली कटाई ज़्यादातर अन्य किस्मों से पहले व ऊँची उपज पर आती, और कोमल पत्ती-बनावट को ख़ासकर ताज़ा-गट्ठर बाज़ार पसंद करता, जहाँ ख़रीदार एक ऐसी पत्ती को महत्व देतें जो रेशेदार की जगह नरम पके।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिपहली कटाई ~25–30 दिन
    उपज क्षमता12–20 टन/हेक्टेयर सभी कटाइयों में
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयमैदानों में मध्य-सितंबर से मध्य-फ़रवरी, हर 15–20 दिन क्रमिक
  • बीज दरकतारों में 25–30 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 10–12 किग्रा/एकड़)
  • दूरीकतारें 20–25 सेमी दूर; पौधों के बीच 5–10 सेमी विरल करें

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली कटाई ~25–30 दिन

अपेक्षित उपज

12–20 टन/हेक्टेयर सभी कटाइयों में

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • बहुत नरम, रेशा-रहित, कोमल पत्ती-बनावट
  • आम पालक किस्मों में पहली कटाई तक सबसे तेज़
  • ऊँची अगेती उपज तेज़ आमदनी-बदलाव का समर्थन करती

ध्यान रखने योग्य बातें

  • कोई विशेष रोग प्रतिरोध दावा नहीं — सामान्य कीट व पत्ती-धब्बा निगरानी लागू

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • हरियाणा
  • पंजाब