Pusa Jyoti
IARI की पालक, जो ऑल ग्रीन की कोल्चिसिन से उपचारित संतति से चुनी गई, मोटे, गहरे हरे, गूदेदार, सिकुड़े हुए विशाल पत्तों और लहरदार किनारों के साथ। देर से बीज पर चढ़ती है और सितंबर की बुवाई के लिए ठीक है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- पालक
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- पहली कटाई लगभग 30 दिन में; 6–8 कटाइयाँ बताई गई हैं; देर से बीज पर चढ़ती है
- बीज दर
- सर्दी की फ़सल 10–15 किलो प्रति हेक्टेयर; गर्मी की फ़सल 25–30 किलो प्रति हेक्टेयर; बीज रात भर भिगोएँ (पाठ्य-नोट)
- अपेक्षित उपज
- 425 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- रोग-प्रतिरोध
- कोई खास रोग-रोधकता का दावा नहीं; देर से बीज पर चढ़ती है
- जारी
- ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली ने जारी की
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
इस किस्म के बारे में
पूसा ज्योति ICAR-IARI, नई दिल्ली की पालक है। एक विश्वविद्यालय का पाठ्य-नोट कहता है कि यह ऑल ग्रीन की कोल्चिसिन से उपचारित संतति में चयन से बनी बहुगुणित (पॉलीप्लॉइड) किस्म है। राष्ट्रीय चेकलिस्ट मोटे, गहरे हरे, गूदेदार, सिकुड़े हुए विशाल पत्ते और लहरदार किनारे बताती है। यह देर से बीज पर चढ़ती है, विटामिन और खनिजों से भरपूर है और सितंबर की बुवाई के लिए ठीक है। उपज 425 क्विंटल/हेक्टेयर बताई गई है। पाठ्य-नोट 6–8 कटाइयाँ बताता है पर उपज के आँकड़े आपस में टकराते हैं, 290 और 490 क्विंटल/हेक्टेयर।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
सितंबर की बुवाई से बड़े पत्ते और देर से बीज पर चढ़ना चाहिए तो पूसा ज्योति चुनिए। राष्ट्रीय चेकलिस्ट मोटे, गहरे हरे, गूदेदार, सिकुड़े हुए विशाल पत्ते और लहरदार किनारे बताती है, विटामिन और खनिजों से भरपूर, उपज 425 क्विंटल/हेक्टेयर। यह ऑल ग्रीन की कोल्चिसिन से उपचारित संतति से चुनी गई, और पाठ्य-नोट 6–8 कटाइयाँ बताता है। उसी नोट में उपज के 290 और 490 क्विंटल/हेक्टेयर दोनों आँकड़े हैं, इसलिए बजट कम रखिए। चेकलिस्ट की सबसे ऊँची उपज और चिकने पत्तों के लिए पूसा भारती, PAU की सलाह के लिए पंजाब ग्रीन, और सबसे सस्ती, सीधी पालक के लिए ऑल ग्रीन चुनिए।
बुवाई और खेती
- बुवाई का समयसितंबर (राष्ट्रीय चेकलिस्ट); मैदानों में पालक की मुख्य फ़सल सितंबर–नवंबर
- बीज दरसर्दी की फ़सल 10–15 किलो प्रति हेक्टेयर; गर्मी की फ़सल 25–30 किलो प्रति हेक्टेयर; बीज रात भर भिगोएँ (पाठ्य-नोट)
- दूरीकतारें 25–30 सेमी की दूरी पर; पौधों के बीच 5–10 सेमी तक छँटाई
- उर्वरकप्रति हेक्टेयर: 250–300 क्विंटल गोबर की खाद, 80–100 किलो N, 60 किलो P और 60 किलो K। सारा P और K और चौथाई N बोते समय; बाक़ी N हर कटाई के बाद 20–25 किलो/हेक्टेयर की तीन खुराकों में (पाठ्य-नोट)
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- मोटे, गहरे हरे विशाल पत्ते, लहरदार किनारे
- देर से बीज पर चढ़ती है, सितंबर की बुवाई के लिए ठीक
- 6–8 कटाइयाँ बताई गई हैं और चेकलिस्ट की उपज 425 क्विंटल/हेक्टेयर है
ध्यान रखने योग्य बातें
- स्रोत एक ही किस्म के लिए 425 (चेकलिस्ट), 290 और 490 क्विंटल/हेक्टेयर देते हैं, इसलिए सबसे कम पर बजट बनाइए और अपनी पट्टी को तय करने दीजिए
- सिकुड़े पत्तों में मिट्टी और पानी रुकता है, इसलिए गुच्छे बाँधने से पहले उन्हें धोकर सुखा लीजिए
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- All over India
विशाल, सिकुड़े पत्ते: इन्हें वैसा ही बेचिए
राष्ट्रीय चेकलिस्ट पूसा ज्योति के पत्तों को मोटे, गहरे हरे, गूदेदार, सिकुड़े हुए और विशाल, लहरदार किनारों वाले बताती है। जिस ख़रीदार को पतली, चपटी पालक की आदत है, उसे फ़र्क़ तुरंत दिख जाएगा, इसलिए दाम बताने से पहले उसे एक गुच्छा दिखाइए।
सिकुड़े पत्तों की तहों में मिट्टी और पानी रुकता है। गुच्छे बाँधने से पहले पत्ते धोकर पानी निथार लीजिए, और सुबह की ठंडक में गुच्छे बाँधिए, ताकि वे ख़रीदार तक साफ़ पहुँचें, मुरझाए नहीं।
पूसा ज्योति देर से बीज पर चढ़ने वाली और सितंबर की बुवाई के लिए ठीक है, इसलिए आप ज़्यादा समय तक काटते रह सकते हैं। सितंबर में बोइए, हर कटाई के बाद नाइट्रोजन दीजिए, और जब तक आपकी तौली हुई कटाइयाँ कुछ और न कहें, प्रकाशित उपजों में सबसे कम, 290 क्विंटल/हेक्टेयर, पर बजट रखिए।
क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?
यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।
दूसरी किस्मों से तुलना
पालक की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | पकने की अवधि | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| All Green | सितंबर में बोई जाने वाली जल्दी पालक, कोमल, एक-से पत्ते | पहली कटाई लगभग 30 दिन में; बोने के लगभग 75 दिन बाद बीज के डंठल बनते हैं | हरी पत्तियों की 125 क्विंटल/हेक्टेयर | उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक |
| Hisar Selection-23 (HS-23) | बार-बार कटाई के लिए तेज़ बढ़ने वाली पालक | पहली कटाई लगभग 30 दिन में; 15 दिन के अंतर पर 6–8 कटाइयाँ बताई गई हैं | अलग से कोई आँकड़ा प्रकाशित नहीं | हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश |
| Jobner Green | क्षारीय मिट्टी, pH 7.0–10.5, के लिए पालक | पहली कटाई लगभग 30 दिन में (पालक की आम सलाह) | लगभग 300 क्विंटल/हेक्टेयर (विश्वविद्यालय का पाठ्य-नोट) | राजस्थान, हरियाणा, पंजाब |
| Punjab Green | मीठी, देर से बीज पर चढ़ने वाली पालक, PAU की पूरी सलाह के साथ | बोने के लगभग 30 दिन बाद पहली कटाई | 125 क्विंटल/एकड़ (लगभग 310 क्विंटल/हेक्टेयर) | पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश |
| Pusa Bharati | चेकलिस्ट की सबसे ऊँची उपज, चिकने कोमल पत्ते, पूरे भारत की पालक | बोने के 30–40 दिन बाद पहली तुड़ाई | 500 क्विंटल/हेक्टेयर | All over India |
| Pusa Harit | बीज पर बहुत देर से चढ़ने वाली, तेज़ दोबारा बढ़ने वाली पालक, पहाड़ों में अच्छी | हर कटाई के बाद तेज़ दोबारा बढ़त; बीज पर बहुत देर से चढ़ती है | 260 क्विंटल/हेक्टेयर | All over India |
| Pusa Jyotiयही पेज | सितंबर की बुवाई के लिए विशाल पत्तों वाली, देर से बीज पर चढ़ने वाली पालक | पहली कटाई लगभग 30 दिन में; 6–8 कटाइयाँ बताई गई हैं; देर से बीज पर चढ़ती है | 425 क्विंटल/हेक्टेयर | All over India |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और पालक का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके पालक के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- अंकुरण कैलकुलेटरबुवाई से पहले बोरे के 100 बीज जाँचिए और देखिए कि बीज बोने लायक है या नहीं।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर पालक किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरपालक की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल कैलेंडरआपके राज्य में पालक की बुवाई, निराई, सिंचाई और कटाई के महीने।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में पालक का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
पालक के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
425, 290 और 490 क्विंटल/हेक्टेयर तीनों क्यों दिखते हैं?
राष्ट्रीय चेकलिस्ट 425 क्विंटल/हेक्टेयर देती है, और विश्वविद्यालय का पाठ्य-नोट अलग-अलग पंक्तियों में 290 और 490 क्विंटल/हेक्टेयर दोनों देता है। ये अलग स्रोत और तरीक़े हैं, इसलिए बजट सबसे कम पर रखिए और अपनी तौली हुई कटाइयों को तय करने दीजिए।
पूसा ज्योति कब बोएँ?
राष्ट्रीय चेकलिस्ट कहती है कि यह सितंबर की बुवाई के लिए ठीक है। पालक मैदानों में मुख्य फ़सल के रूप में सितंबर–नवंबर में बोई जाती है, सर्दी में 10–15 किलो प्रति हेक्टेयर बीज के साथ।
देर से बीज पर चढ़ने का क्या मतलब है?
यह ऑल ग्रीन जैसी किस्म से देर से बीज के डंठल निकालती है, जिसके डंठल बोने के लगभग 75 दिन बाद बनते हैं। इससे पत्ते मोटे होने से पहले ज़्यादा कटाइयाँ मिलती हैं, हालाँकि चेकलिस्ट पूसा ज्योति के लिए दिनों की सटीक गिनती नहीं देती।
कितनी कटाइयों की उम्मीद रखूँ?
एक विश्वविद्यालय का पाठ्य-नोट 6–8 कटाइयाँ बताता है। PAU पंजाब ग्रीन के लिए कटाइयों के बीच 20–25 दिन सुझाता है, इसलिए ठंडी सर्दी में इससे कम कटाइयों की उम्मीद रखिए। हर कटाई के बाद 20–25 किलो प्रति हेक्टेयर नाइट्रोजन दीजिए।
क्या पूसा ज्योति का बीज बचा सकते हैं?
हाँ, यह खुले परागण वाली है। बीज के पौधे दूसरी पालक और चुकंदर से दूर रखिए क्योंकि वे आपस में मिलते हैं, और इस किस्म के मोटे, गहरे हरे, सिकुड़े पत्ते वाले पौधे चुनिए।
स्रोत: National Checklist of Commercial Varieties of Vegetables (TNAU Agritech hosting) — palak, Palak (spinach beet) — university course notes, Rama University. संपादकीय नीति.
