Pusa Bharati
एक IARI चुकंदर-कुल किस्म, मध्यम-बड़ी, थोड़ी सिकुड़ी, गहरी हरी पत्तियों व कटाई के बाद मज़बूत फुटाव के साथ — मुख्य रबी फ़सल को व्यापक अनुकूलन के साथ एक भरोसेमंद प्रदर्शक।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- पालक
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- पहली कटाई ~30–35 दिन
- बीज दर
- कतारों में 25–30 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 10–12 किग्रा/एकड़)
- अपेक्षित उपज
- 12–18 टन/हेक्टेयर सभी कटाइयों में
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
पूसा भारती ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक चुकंदर-कुल (पालक) किस्म है, मध्यम-बड़ी, थोड़ी सिकुड़ी, गहरी हरी पत्तियों के साथ। यह अपने व्यापक अनुकूलन को क़ीमती है — दक्षिणी, उत्तरी व पश्चिमी उगाने की पट्टियों में समान रूप से भरोसेमंद प्रदर्शन — और हर कटाई के बाद मज़बूत फुटाव को, जो एक सीज़न भर के फुटाव स्थिर रूप से आते रखता है। सामान्य पालक किस्मों की तुलना करते खेत परीक्षणों ने इसे बार-बार बढ़वार, उपज व अर्थशास्त्र को बेहतर प्रदर्शकों में पाया है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयमैदानों में मध्य-सितंबर से मध्य-फ़रवरी, हर 15–20 दिन क्रमिक
- बीज दरकतारों में 25–30 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 10–12 किग्रा/एकड़)
- दूरीकतारें 20–25 सेमी दूर; पौधों के बीच 5–10 सेमी विरल करें
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली कटाई ~30–35 दिन
अपेक्षित उपज
12–18 टन/हेक्टेयर सभी कटाइयों में
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- दक्षिणी, उत्तरी व पश्चिमी भारत में व्यापक अनुकूलन
- कटाई के बाद मज़बूत फुटाव कई अच्छे फुटावों का समर्थन करता
- आम पत्ती-धब्बा को खेत-सहनशील
ध्यान रखने योग्य बातें
- कुछ तेज़-पकने वाली किस्मों से पहली कटाई तक थोड़ी धीमी
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- कर्नाटक
- उत्तर प्रदेश
- महाराष्ट्र
- पंजाब
