Jobner Green
SKN कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर की पालक, जो स्थानीय संग्रह से अपने-आप हुए बदलाव और चयन से बनी, लंबे, मोटे, रसीले, तेज़ स्वाद के पत्तों के साथ। यह pH 7.0–10.5 वाली क्षारीय मिट्टी में उगती है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- पालक
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- पहली कटाई लगभग 30 दिन में (पालक की आम सलाह)
- बीज दर
- सर्दी की फ़सल 10–15 किलो प्रति हेक्टेयर; गर्मी की फ़सल 25–30 किलो प्रति हेक्टेयर; बीज रात भर भिगोएँ (पाठ्य-नोट)
- अपेक्षित उपज
- लगभग 300 क्विंटल/हेक्टेयर (विश्वविद्यालय का पाठ्य-नोट)
- उपयुक्त मिट्टी
- क्षारीय मिट्टी में उगती है, pH 7.0–10.5
- रोग-प्रतिरोध
- कोई खास रोग-प्रतिरोध का दावा नहीं
- जारी
- SKN कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर, राजस्थान का चयन
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
इस किस्म के बारे में
जोबनेर ग्रीन SKN कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर (राजस्थान) की पालक है, जो एक स्थानीय संग्रह से अपने-आप हुए बदलाव और चयन से बनी। एक विश्वविद्यालय का पाठ्य-नोट लंबे, मोटे, रसीले पत्ते, तेज़ स्वाद, बिना कटे किनारे, All Green जैसा स्वाद और 300 क्विंटल/हेक्टेयर की औसत उपज बताता है। इसकी ख़ास बात यह है कि यह pH 7.0–10.5 वाली क्षारीय मिट्टी में उगाई जा सकती है। कुछ खेती-साइटें इसे अम्लीय मिट्टी के लिए ठीक बताती हैं, पर पाठ्य-नोट और ज़्यादातर दूसरे स्रोत क्षारीय कहते हैं, इसलिए चुनने से पहले मिट्टी जँचवा लीजिए।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
आपकी मिट्टी क्षारीय है, pH 7.0–10.5, और दूसरी पालक ठीक नहीं बढ़ी, तो जोबनेर ग्रीन चुनिए। SKN कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर ने इसे एक स्थानीय संग्रह में अपने-आप हुए बदलाव के बाद चुनकर बनाया। एक विश्वविद्यालय का पाठ्य-नोट लंबे, मोटे, रसीले, तेज़ स्वाद के पत्ते, All Green जैसा स्वाद और 300 क्विंटल/हेक्टेयर औसत उपज बताता है। कुछ खेती-साइटें अम्लीय मिट्टी कहती हैं, पर पाठ्य-नोट क्षारीय कहता है, इसलिए पहले pH जँचवाइए। आम मिट्टी के लिए ऑल ग्रीन और चेकलिस्ट की सबसे ऊँची उपज के लिए पूसा भारती चुनिए।
बुवाई और खेती
- बुवाई का समयमैदानों में मुख्य फ़सल सितंबर–नवंबर; शुरुआती वसंत और बरसात की शुरुआत में भी
- बीज दरसर्दी की फ़सल 10–15 किलो प्रति हेक्टेयर; गर्मी की फ़सल 25–30 किलो प्रति हेक्टेयर; बीज रात भर भिगोएँ (पाठ्य-नोट)
- दूरीकतारें 25–30 सेमी की दूरी पर; पौधों के बीच 5–10 सेमी तक छँटाई
- उर्वरकप्रति हेक्टेयर: 250–300 क्विंटल गोबर की खाद, 80–100 किलो N, 60 किलो P और 60 किलो K। सारा P और K और चौथाई N बोते समय; बाक़ी N हर कटाई के बाद 20–25 किलो/हेक्टेयर की तीन खुराकों में (पाठ्य-नोट)
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- pH 7.0–10.5 वाली क्षारीय मिट्टी में उगती है
- लंबे, मोटे, रसीले पत्ते, तेज़ स्वाद
- स्वाद All Green जैसा; खुले परागण वाली
ध्यान रखने योग्य बातें
- 300 क्विंटल/हेक्टेयर का आँकड़ा विश्वविद्यालय के पाठ्य-नोट से है, किसी जारी करने के पर्चे से नहीं, इसलिए जब तक आपकी अपनी पट्टी नतीजा न दिखा दे इसे ऊपरी आँकड़ा मानिए
- अम्लीय बनाम क्षारीय मिट्टी पर स्रोत अलग-अलग कहते हैं। पाठ्य-नोट क्षारीय, pH 7.0–10.5, कहता है, इसलिए दोनों में से किसी पर लगाने से पहले pH जँचवा लीजिए
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- राजस्थान
- हरियाणा
- पंजाब
पहले मिट्टी का pH जँचवाइए: यह क्षारीय ज़मीन के लिए है
विश्वविद्यालय के पाठ्य-नोट में जोबनेर ग्रीन की ख़ास बात यह है कि इसे pH 7.0–10.5 वाली क्षारीय मिट्टी में उगाया जा सकता है। कुछ खेती-साइटें अम्लीय मिट्टी कहती हैं, यानी स्रोत टकराते हैं, और pH की जाँच आपके खेत के लिए इसे तय कर देती है।
कई जगहों से नमूने लीजिए, मिलाइए, और अपने KVK या राज्य की मिट्टी जाँच प्रयोगशाला को दीजिए। नतीजा क्षारीय दायरे में आए तो जोबनेर ग्रीन अच्छी पहली पट्टी है। मिट्टी अम्लीय हो तो उस वजह से इसे मत चुनिए।
10.5 के पास का pH बहुत क्षारीय है, इसलिए प्रयोगशाला से पूछिए कि उसे कैसे सँभालें। लगभग उदासीन मिट्टी में इस किस्म से ज़्यादा फ़ायदा नहीं मिलता, इसलिए पत्ते की क्वालिटी के आधार पर चुनिए और उसी खेत में ऑल ग्रीन से तुलना कीजिए।
क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?
यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।
दूसरी किस्मों से तुलना
पालक की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | पकने की अवधि | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| All Green | सितंबर में बोई जाने वाली जल्दी पालक, कोमल, एक-से पत्ते | पहली कटाई लगभग 30 दिन में; बोने के लगभग 75 दिन बाद बीज के डंठल बनते हैं | हरी पत्तियों की 125 क्विंटल/हेक्टेयर | उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक |
| Hisar Selection-23 (HS-23) | बार-बार कटाई के लिए तेज़ बढ़ने वाली पालक | पहली कटाई लगभग 30 दिन में; 15 दिन के अंतर पर 6–8 कटाइयाँ बताई गई हैं | अलग से कोई आँकड़ा प्रकाशित नहीं | हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश |
| Jobner Greenयही पेज | क्षारीय मिट्टी, pH 7.0–10.5, के लिए पालक | पहली कटाई लगभग 30 दिन में (पालक की आम सलाह) | लगभग 300 क्विंटल/हेक्टेयर (विश्वविद्यालय का पाठ्य-नोट) | राजस्थान, हरियाणा, पंजाब |
| Punjab Green | मीठी, देर से बीज पर चढ़ने वाली पालक, PAU की पूरी सलाह के साथ | बोने के लगभग 30 दिन बाद पहली कटाई | 125 क्विंटल/एकड़ (लगभग 310 क्विंटल/हेक्टेयर) | पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश |
| Pusa Bharati | चेकलिस्ट की सबसे ऊँची उपज, चिकने कोमल पत्ते, पूरे भारत की पालक | बोने के 30–40 दिन बाद पहली तुड़ाई | 500 क्विंटल/हेक्टेयर | All over India |
| Pusa Harit | बीज पर बहुत देर से चढ़ने वाली, तेज़ दोबारा बढ़ने वाली पालक, पहाड़ों में अच्छी | हर कटाई के बाद तेज़ दोबारा बढ़त; बीज पर बहुत देर से चढ़ती है | 260 क्विंटल/हेक्टेयर | All over India |
| Pusa Jyoti | सितंबर की बुवाई के लिए विशाल पत्तों वाली, देर से बीज पर चढ़ने वाली पालक | पहली कटाई लगभग 30 दिन में; 6–8 कटाइयाँ बताई गई हैं; देर से बीज पर चढ़ती है | 425 क्विंटल/हेक्टेयर | All over India |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और पालक का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके पालक के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- अंकुरण कैलकुलेटरबुवाई से पहले बोरे के 100 बीज जाँचिए और देखिए कि बीज बोने लायक है या नहीं।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर पालक किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरपालक की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल कैलेंडरआपके राज्य में पालक की बुवाई, निराई, सिंचाई और कटाई के महीने।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में पालक का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
पालक के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जोबनेर ग्रीन अम्लीय मिट्टी के लिए है या क्षारीय?
एक विश्वविद्यालय का पाठ्य-नोट कहता है कि इसे pH 7.0–10.5 वाली क्षारीय मिट्टी में उगाया जा सकता है। कुछ खेती-साइटें अम्लीय मिट्टी कहती हैं, यानी स्रोत आपस में टकराते हैं। अपनी मिट्टी का pH जँचवाइए और पाठ्य-नोट पर भरोसा कीजिए।
मिट्टी का pH कैसे जँचवाऊँ?
खेत की कई जगहों से नमूने लीजिए, मिला दीजिए, और अपने KVK या राज्य की मिट्टी जाँच प्रयोगशाला को दीजिए। उनसे पूछिए कि सीमा के ऊपरी छोर के pH को कैसे सँभालें, क्योंकि 10.5 बहुत क्षारीय है।
क्या 300 क्विंटल/हेक्टेयर संभव है?
यह पाठ्य-नोट की औसत उपज है, जारी करने के पर्चे का आँकड़ा नहीं, और एक दूसरा स्रोत इसके लिए लगभग 3 टन/हेक्टेयर बताता है। SKN कृषि विश्वविद्यालय के बागवानी विभाग का अपना पन्ना यह तो बताता है कि किस्म उसी ने बनाई, पर उपज का कोई आँकड़ा नहीं देता। दोनों छपे आँकड़े बहुत अलग हैं, इसलिए अपनी पहली पट्टी तौलिए और उसी पर बजट बनाइए।
स्वाद में ऑल ग्रीन से कैसी है?
पाठ्य-नोट कहता है कि स्वाद All Green जैसा है, तेज़ स्वाद और बिना कटे किनारे। बड़ा हिस्सा लगाने से पहले एक छोटा गुच्छा पकाइए और अपने ख़रीदार को चखाइए।
यह किन राज्यों के लिए सूचीबद्ध है?
इसके लिए राजस्थान, हरियाणा और पंजाब दर्ज हैं, और इसका घर राजस्थान का SKN कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर है। इस पट्टी के बाहर pH जँचवाइए और पहले छोटी पट्टी आज़माइए।
स्रोत: Department of Horticulture, SKN College of Agriculture, Jobner — achievements (Palak cv. Jobner Green), Palak (spinach beet) — university course notes, Rama University. संपादकीय नीति.
