Rajendra Shakarkand-5
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (बिहार) से एक रिलीज़, उत्तर व पूर्वी मैदानों को उपयुक्त, अच्छी कंद उपज व बिहार व उत्तर प्रदेश की दशाओं को लगभग 100–110 दिन में अनुकूलता के साथ।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- शकरकंद
- प्रकार
- बेल कलम (उन्नत किस्म)
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 100–110 दिन
- अपेक्षित उपज
- 20–25 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- बलुई / हल्की मिट्टी
- जारी
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RPCAU), पूसा, बिहार द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
राजेंद्र शकरकंद-5 डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, बिहार द्वारा जारी एक शकरकंद है, और उत्तर व पूर्वी मैदानों को विकसित। यह एक अच्छी कंद उपज देती और बिहार, उत्तर प्रदेश व झारखंड की उगाने की दशाओं को अच्छी तरह अनुकूल है, लगभग 100–110 दिन में पकती। यह क्षेत्र के उन किसानों को मुख्य उन्नत विकल्प है जो दक्षिणी CTCRI रिलीज़ों के बजाय अपने ही जलवायु को चुनी एक किस्म चाहते हैं। साफ़, घुन-मुक्त अग्र बेल कलमों से लगाएँ।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
100–110 दिन
अपेक्षित उपज
20–25 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- उत्तर व पूर्वी मैदानों की जलवायु को विकसित व चुनी गई
- अच्छी कंद उपज; बिहार, उत्तर प्रदेश व झारखंड को अच्छी अनुकूल
- दक्षिणी CTCRI किस्मों को एक क्षेत्रीय विकल्प
ध्यान रखने योग्य बातें
- कोई विशेष रोग या घुन प्रतिरोध नहीं — साफ़ कलमें व मिट्टी चढ़ाई ज़रूरी
- प्रमाणित रोपण-सामग्री CTCRI किस्मों से मिलना कठिन हो सकता
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- बिहार
- उत्तर प्रदेश
- झारखंड
