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शकरकंदखरीफ़बेल कलम (उन्नत किस्म)अपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Sree Bhadra

एक CTCRI अर्ध-फैलने वाली किस्म, हल्के गुलाबी छिलके, क्रीम गूदे व अच्छी पकाने की गुणवत्ता के साथ, जड़-गाँठ सूत्रकृमि के प्रति प्रतिरोधी — 90–105 दिन में पकने वाली एक व्यापक रूप से उगाई, भरोसेमंद टेबल किस्म।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि90–105 दिन
अपेक्षित उपज20–27 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
बेल कलम (उन्नत किस्म)
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
90–105 दिन
अपेक्षित उपज
20–27 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
बलुई / हल्की मिट्टी
जारी
ICAR-केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (CTCRI), तिरुवनंतपुरम द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

श्री भद्रा ICAR-CTCRI, तिरुवनंतपुरम की एक अर्ध-फैलने वाली शकरकंद है, हल्के गुलाबी छिलके, क्रीम गूदे व अच्छी पकाने की गुणवत्ता के साथ। यह उन कुछ भारतीय किस्मों में से एक है जिनमें जड़-गाँठ सूत्रकृमि के प्रति असली प्रतिरोध है, जो फटे व द्विशाखी कंदों का एक आम कारण है। यह 90–105 दिन में पकती और ओडिशा, केरल, तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल भर एक भरोसेमंद टेबल किस्म के रूप में व्यापक रूप से उगाई जाती है। इसे साफ़, घुन-मुक्त अग्र बेल कलमों से लगाएँ।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारबेल कलम (उन्नत किस्म)
    अवधि90–105 दिन
    उपज क्षमता20–27 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधजड़-गाँठ सूत्रकृमि के प्रति प्रतिरोधी
    मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी
    सीज़नखरीफ़

बुवाई व खेती

  • दूरीमेड़ें 60 सेमी दूर, मेड़ के साथ कलमें 20–30 सेमी (~40,000–55,000 कलमें/हेक्टेयर)

उपज व अवधि

पकने की अवधि

90–105 दिन

अपेक्षित उपज

20–27 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • जड़-गाँठ सूत्रकृमि के प्रति प्रतिरोधी — कम फटे, द्विशाखी कंद
  • हल्का गुलाबी छिलका, क्रीम गूदा, अच्छी पकाने की गुणवत्ता
  • व्यापक रूप से उगाई व भरोसेमंद; छोटी-से-मध्यम अवधि (90–105 दिन)

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सूत्रकृमि प्रतिरोध शकरकंद घुन को नहीं ढकता — मिट्टी चढ़ाई व साफ़ कलमें फिर भी ज़रूरी
  • क्रीम गूदा, विटामिन-A नारंगी प्रकार नहीं — उसके लिए श्री वर्धिनी या भू सोना उगाएँ

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • ओडिशा
  • केरल
  • तमिलनाडु
  • पश्चिम बंगाल