Sree Bhadra
एक CTCRI अर्ध-फैलने वाली किस्म, हल्के गुलाबी छिलके, क्रीम गूदे व अच्छी पकाने की गुणवत्ता के साथ, जड़-गाँठ सूत्रकृमि के प्रति प्रतिरोधी — 90–105 दिन में पकने वाली एक व्यापक रूप से उगाई, भरोसेमंद टेबल किस्म।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- शकरकंद
- प्रकार
- बेल कलम (उन्नत किस्म)
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 90–105 दिन
- अपेक्षित उपज
- 20–27 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- बलुई / हल्की मिट्टी
- जारी
- ICAR-केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (CTCRI), तिरुवनंतपुरम द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
श्री भद्रा ICAR-CTCRI, तिरुवनंतपुरम की एक अर्ध-फैलने वाली शकरकंद है, हल्के गुलाबी छिलके, क्रीम गूदे व अच्छी पकाने की गुणवत्ता के साथ। यह उन कुछ भारतीय किस्मों में से एक है जिनमें जड़-गाँठ सूत्रकृमि के प्रति असली प्रतिरोध है, जो फटे व द्विशाखी कंदों का एक आम कारण है। यह 90–105 दिन में पकती और ओडिशा, केरल, तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल भर एक भरोसेमंद टेबल किस्म के रूप में व्यापक रूप से उगाई जाती है। इसे साफ़, घुन-मुक्त अग्र बेल कलमों से लगाएँ।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- दूरीमेड़ें 60 सेमी दूर, मेड़ के साथ कलमें 20–30 सेमी (~40,000–55,000 कलमें/हेक्टेयर)
उपज व अवधि
पकने की अवधि
90–105 दिन
अपेक्षित उपज
20–27 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- जड़-गाँठ सूत्रकृमि के प्रति प्रतिरोधी — कम फटे, द्विशाखी कंद
- हल्का गुलाबी छिलका, क्रीम गूदा, अच्छी पकाने की गुणवत्ता
- व्यापक रूप से उगाई व भरोसेमंद; छोटी-से-मध्यम अवधि (90–105 दिन)
ध्यान रखने योग्य बातें
- सूत्रकृमि प्रतिरोध शकरकंद घुन को नहीं ढकता — मिट्टी चढ़ाई व साफ़ कलमें फिर भी ज़रूरी
- क्रीम गूदा, विटामिन-A नारंगी प्रकार नहीं — उसके लिए श्री वर्धिनी या भू सोना उगाएँ
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- ओडिशा
- केरल
- तमिलनाडु
- पश्चिम बंगाल
