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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
कसावा (टैपिओका)खरीफ़तने की कलम (औद्योगिक हाइब्रिड)अपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

H-165

एक लंबी-अवधि औद्योगिक हाइब्रिड, तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश की स्टार्च व साबूदाना पट्टी में प्रमुख दो हाइब्रिड में से एक, अपेक्षाकृत छोटी, शंकु-आकार जड़ों व फ़ैक्ट्री-प्रसंस्करण को विकसित ऊँची स्टार्च मात्रा के साथ।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि10–11 महीने
अपेक्षित उपज33–38 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
तने की कलम (औद्योगिक हाइब्रिड)
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
10–11 महीने
अपेक्षित उपज
33–38 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट

इस किस्म के बारे में

H-165 दो स्थानीय कसावा किस्मों के बीच एक हाइब्रिड है, लंबे समय से तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश की औद्योगिक कसावा पट्टी में प्रमुख दो किस्मों में से एक के रूप में स्थापित। यह अपेक्षाकृत छोटी, शंकु-आकार जड़ें देती और ऊँची स्टार्च मात्रा रखती, जो इसे उस पट्टी में फ़सल के मुख्य ख़रीदार स्टार्च व साबूदाना मिलों को क़ीमती बनाता है। इसकी दस-से-ग्यारह-महीने अवधि केरल की टेबल किस्मों से कहीं लंबी है, इसलिए इसे विशेष रूप से वहाँ चुना जाता जहाँ ज़मीन एक भारी, ज़्यादा-मूल्य औद्योगिक फ़सल के बदले इतना लंबा बाँधी जा सकती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारतने की कलम (औद्योगिक हाइब्रिड)
    अवधि10–11 महीने
    उपज क्षमता33–38 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं; मोज़ेक-मुक्त रोपण-सामग्री से बचाएँ
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

10–11 महीने

अपेक्षित उपज

33–38 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • ऊँची स्टार्च मात्रा, स्टार्च व साबूदाना मिल व्यापार को अच्छी उपयुक्त
  • तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश में लंबे समय से स्थापित, अच्छी समझी गई कार्यक्षमता
  • अपनी पूरी अवधि पर भारी उपज (33–38 टन/हेक्टेयर)

ध्यान रखने योग्य बातें

  • ज़मीन 10–11 महीने बाँधती — तेज़ धान-चक्र ज़रूरत को उपयुक्त नहीं
  • कोई विशेष रोग प्रतिरोध दावा नहीं; मोज़ेक-मुक्त मातृ भंडार से शुरू करनी होगी

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • तमिलनाडु
  • आंध्र प्रदेश