Sree Vijaya
ICAR-CTCRI (तिरुवनंतपुरम) की एक छोटी-अवधि क्लोनल चयन किस्म भूरे छिलके व बैंगनी रिंड के साथ, केरल की नीची ज़मीन पर धान के साथ लगभग छह-महीने के चक्र में फिट होने को विकसित।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- तने की कलम (क्लोनल चयन)
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- ~6 महीने
- अपेक्षित उपज
- 26–30 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
इस किस्म के बारे में
श्री विजया ICAR-CTCRI, तिरुवनंतपुरम की एक छोटी-अवधि क्लोनल चयन किस्म है, ख़ासतौर पर दक्षिणी व मध्य केरल की आम नीची ज़मीन पर धान फ़सलों के बीच उपलब्ध लगभग छह-महीने की खिड़की में फिट होने को विकसित। इसके कंदों में भूरा छिलका व बैंगनी रिंड है, और यह किस्म औद्योगिक स्टार्च-निष्कर्षण के बजाय सीधे टेबल इस्तेमाल को उगाई जाती है। चूँकि यह तमिलनाडु की औद्योगिक हाइब्रिड से कहीं तेज़ पकती, यह किसान को मुख्य धान फ़सल के साथ एक सँकरे चक्र में टैपिओका फिट करने देती, बजाय ज़मीन को साल के अधिकांश भाग बाँधने के।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
~6 महीने
अपेक्षित उपज
26–30 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- नीची ज़मीन पर धान के साथ लगभग छह-महीने के चक्र में फिट होती
- औद्योगिक प्रसंस्करण के बजाय सीधे टेबल इस्तेमाल को अच्छी उपयुक्त
ध्यान रखने योग्य बातें
- लंबी-अवधि औद्योगिक हाइब्रिड से कम स्टार्च मात्रा — एक स्टार्च मिल आपूर्ति अनुबंध को चुनाव नहीं
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध दावा नहीं
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- केरल
