Sree Pavithra
एक ICAR-CTCRI खड़ी, शाखादार किस्म अच्छी टेबल गुणवत्ता व 28–30% स्टार्च मात्रा के साथ, ऊपरी व नीची दोनों खेती को उपयुक्त, केरल व पूर्वोत्तर में सक्रिय रूप से बढ़ावा दी गई।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- तने की कलम (क्लोनल चयन)
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 8–10 महीने
- अपेक्षित उपज
- 25–30 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
इस किस्म के बारे में
श्री पवित्रा ICAR-CTCRI की एक खड़ी, शाखादार कसावा किस्म है अच्छी टेबल गुणवत्ता व 28–30% स्टार्च मात्रा के साथ। यह ऊपरी व नीची दोनों खेती को उपयुक्त है, जो इसे शुद्ध नीची-ज़मीन चक्र किस्मों से ज़मीन-प्रकार में ज़्यादा लचीलापन देती, और इसे न सिर्फ़ केरल में बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों (मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश) में भी पहाड़ी व सीमांत ज़मीन को एक भरोसेमंद खाद्य-सुरक्षा जड़-फ़सल के रूप में फ्रंटलाइन प्रदर्शनों के ज़रिए सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया गया है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
8–10 महीने
अपेक्षित उपज
25–30 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- ऊपरी व नीचे दोनों खेतों को उपयुक्त, शुद्ध नीची-ज़मीन चक्र किस्मों से ज़्यादा लचीली
- सम्मानजनक स्टार्च मात्रा (28–30%) के साथ अच्छी टेबल गुणवत्ता
- केरल के साथ-साथ पूर्वोत्तर में पहाड़ी व सीमांत ज़मीन को सक्रिय रूप से बढ़ावा दी गई
ध्यान रखने योग्य बातें
- केरल की सबसे तेज़ टेबल प्रकारों से लंबी अवधि (8–10 महीने)
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध दावा नहीं
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- केरल
- north-eastern states
