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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
कसावा (टैपिओका)खरीफ़तने की कलम (क्लोनल चयन)अपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Sree Jaya

श्री विजया के साथ जारी की एक छोटी-अवधि ICAR-CTCRI क्लोनल चयन किस्म, दक्षिणी व मध्य केरल में उसी नीची-ज़मीन धान-चक्र प्रणाली को उपयुक्त।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि~6 महीने
अपेक्षित उपज26–30 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
तने की कलम (क्लोनल चयन)
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
~6 महीने
अपेक्षित उपज
26–30 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट

इस किस्म के बारे में

श्री जया ICAR-CTCRI की एक छोटी-अवधि क्लोनल चयन किस्म है, दक्षिणी व मध्य केरल की आम नीची-ज़मीन, धान-चक्र बढ़वार प्रणाली को श्री विजया के साथ जारी। यह लगभग छह महीने में परिपक्वता तक पहुँचती, किसानों को एक टेबल-गुणवत्ता टैपिओका फ़सल देती जो धान रोपाइयों के बीच के अंतर में फिट होती, न कि एक लंबे-सीज़न प्रतिबद्धता में। श्री विजया की तरह, यह सीधे खाने को उगाई जाती, औद्योगिक स्टार्च-निष्कर्षण को नहीं।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारतने की कलम (क्लोनल चयन)
    अवधि~6 महीने
    उपज क्षमता26–30 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

~6 महीने

अपेक्षित उपज

26–30 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • केरल के धान-चक्र ज़मीन-इस्तेमाल को उपयुक्त तेज़, लगभग छह-महीने चक्र
  • सीधे घरेलू व स्थानीय-बाज़ार खपत को अच्छी टेबल गुणवत्ता

ध्यान रखने योग्य बातें

  • लंबी-अवधि औद्योगिक हाइब्रिड से कम स्टार्च मात्रा
  • केरल की विशिष्ट नीची-ज़मीन चक्र प्रणाली को सबसे अच्छी दस्तावेज़ीकृत

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • केरल