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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
शलगमरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Golden Ball

एक यूरोपीय खुली-परागित किस्म, गोल, सुनहरे-पीले छिलके व पीले गूदे वाली जड़ों के साथ, सफ़ेद यूरोपीय प्रकारों से मीठे, कम तीखे स्वाद व ठीक-ठाक टिकने की गुणवत्ता को क़ीमती।

सीज़नरबी
पकने की अवधि60–70 दिन
अपेक्षित उपज22–28 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
शलगम
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
60–70 दिन
बीज दर
3–4 किग्रा/हेक्टेयर
अपेक्षित उपज
22–28 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट

इस किस्म के बारे में

गोल्डन बॉल एक यूरोपीय (समशीतोष्ण) खुली-परागित शलगम किस्म है, पहाड़ी व देर-रबी बाज़ार को कई भारतीय बीज कंपनियों द्वारा बेची जाती, अभी भी व्यावसायिक बीज सूचियों में मौजूद सबसे पुरानी नामित पुरानी-विरासत शलगम किस्मों में से एक। यह ज़्यादा आम सफ़ेद यूरोपीय प्रकारों से अपनी गोल जड़ से अलग पहचानी जाती जिसका छिलका सुनहरा-पीला व गूदा पीला है, जो एक उल्लेखनीय रूप से मीठा, हल्का, कम तीखा स्वाद रखता — एक गुण जो कई उगाने वाले व रसोइए ख़ासतौर पर पसंद करतें। अन्य यूरोपीय प्रकारों जैसे इसे यह स्वाद व कड़ाई ठीक से विकसित करने को लगातार असली ठंड चाहिए, और किसी भी एशियाई (देसी) शलगम की तुलना में भंडारण में ठीक-ठाक टिकती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि60–70 दिन
    उपज क्षमता22–28 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं; खुली-परागित
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयउत्तरी मैदानों में अक्टूबर से दिसंबर; पहाड़ों में बढ़वार-सीज़न का बड़ा हिस्सा
  • बीज दर3–4 किग्रा/हेक्टेयर
  • दूरीकतारें 35–45 सेमी दूर; कतार में पौध 10–12 सेमी दूरी पर विरल

उपज व अवधि

पकने की अवधि

60–70 दिन

अपेक्षित उपज

22–28 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं; खुली-परागित

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • सफ़ेद यूरोपीय शलगम प्रकारों से विशिष्ट रूप से मीठा, हल्का स्वाद।
  • एशियाई (देसी) किस्मों की तुलना में ठीक-ठाक भंडारण-जीवन।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • ठीक से आकार पाने व स्वाद विकसित करने को लगातार असली ठंडा मौसम चाहिए — एक अगेती, गरम-मिट्टी बुवाई को उपयुक्त नहीं।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उत्तर प्रदेश