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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
शलगमरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Snowball

एक जल्दी-पकने वाली यूरोपीय खुली-परागित किस्म, छोटी, चिकनी, शुद्ध सफ़ेद गोल जड़ों व कोमल स्वाद के साथ, सबसे ताज़ा, कोमल खाने-गुणवत्ता को युवा तोड़ी जाती।

सीज़नरबी
पकने की अवधि50–60 दिन
अपेक्षित उपज18–22 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
शलगम
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
50–60 दिन
बीज दर
3–4 किग्रा/हेक्टेयर
अपेक्षित उपज
18–22 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट

इस किस्म के बारे में

स्नोबॉल एक यूरोपीय (समशीतोष्ण) खुली-परागित शलगम किस्म है, ज़्यादातर अन्य यूरोपीय प्रकारों से तेज़ पकने को उल्लेखनीय, आमतौर पर कई समशीतोष्ण किस्मों को चाहिए 60–70+ दिनों की बजाय 50–60 दिनों के भीतर तैयार। इसकी जड़ें छोटी, चिकनी-त्वचा, शुद्ध सफ़ेद व गोल हैं, एक कोमल स्वाद के साथ जो सबसे अच्छा तब मिलता जब फल बड़ा होने दिए जाने की बजाय युवा व कोमल तोड़ा जाता है। यह इसे सच में ठंडे मौसम में — पहाड़ों में, या एक देर-रबी मैदानी खिड़की में — एक उपयोगी तेज़ कैच-फ़सल बनाता है, उन उगाने वालों को जो ज़्यादातर समशीतोष्ण किस्मों को चाहिए लंबे इंतज़ार बिना एक यूरोपीय-प्रकार शलगम चाहतें।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि50–60 दिन
    उपज क्षमता18–22 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं; खुली-परागित
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयउत्तरी मैदानों में अक्टूबर से दिसंबर; पहाड़ों में एक ठंडे-मौसम की बुवाई
  • बीज दर3–4 किग्रा/हेक्टेयर
  • दूरीकतारें 30–35 सेमी दूर; कतार में पौध 8–10 सेमी दूरी पर विरल

उपज व अवधि

पकने की अवधि

50–60 दिन

अपेक्षित उपज

18–22 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं; खुली-परागित

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • फिर भी असली ठंडे मौसम की माँग करते हुए ज़्यादातर यूरोपीय शलगम प्रकारों से तेज़ पकती है।
  • युवा तोड़े जाने पर कोमल स्वाद वाली छोटी, कोमल जड़ें।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • युवा तोड़ना सबसे अच्छा — बड़ा होने दी गई जड़ें वह कोमल गुणवत्ता खो देतीं जिसे यह किस्म क़ीमती मानी जाती।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उत्तर प्रदेश