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शलगमरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pusa Chandrima

एक IARI एशियाई किस्म, आकर्षक बैंगनी-सिर वाली, सफ़ेद-आधार जड़ों व अच्छी अगेती ओज के साथ, मैदानों में एक अगेती रबी बुवाई को उपयुक्त।

सीज़नरबी
पकने की अवधि45–55 दिन
अपेक्षित उपज18–22 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
शलगम
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
45–55 दिन
बीज दर
3–4 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 1.2–1.6 किग्रा/एकड़)
अपेक्षित उपज
18–22 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-IARI, नई दिल्ली द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा चन्द्रिमा ICAR-IARI, नई दिल्ली द्वारा जारी एक एशियाई (देसी) शलगम किस्म है, अपनी आकर्षक दो-रंगी जड़ से अलग पहचानी जाती — ज़मीन के नीचे सफ़ेद व जहाँ कंधा धूप में खुला हो वहाँ बैंगनी-लाल, एक रंग-पैटर्न जो सादे-सफ़ेद देसी प्रकारों के साथ ताज़ा बाज़ार में आकर्षित करता है। यह उत्तरी मैदानों को बनाई गई और किसी भी यूरोपीय शलगम से बेहतर एक गरम अगेती-रबी बुवाई सहती, अच्छी पौध-ओज के साथ जल्दी स्थापित होती। अन्य एशियाई प्रकारों जैसे, इसे हफ़्तों भंडारित करने की बजाय उखाड़ने के दिनों के भीतर बेचना व खाना सबसे अच्छा है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि45–55 दिन
    उपज क्षमता18–22 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध व्यापक रूप से प्रलेखित नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयउत्तरी मैदानों में अगस्त से मध्य-सितंबर, एक अगेती रबी फ़सल को
  • बीज दर3–4 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 1.2–1.6 किग्रा/एकड़)
  • दूरीकतारें 30 सेमी दूर; कतार में पौध 8–10 सेमी दूरी पर विरल

उपज व अवधि

पकने की अवधि

45–55 दिन

अपेक्षित उपज

18–22 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध व्यापक रूप से प्रलेखित नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • विशिष्ट बैंगनी-व-सफ़ेद जड़ रंग इसे सादे-सफ़ेद देसी प्रकारों के साथ ताज़ा-बाज़ार आकर्षण देता है।
  • अगेती रबी बुवाई को अच्छी अगेती पौध-ओज व गरमी-सहनशीलता।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • एक एशियाई प्रकार — एक यूरोपीय (समशीतोष्ण) शलगम जितना नहीं टिकती; उखाड़ने के दिनों के भीतर बेचें व इस्तेमाल करें।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • दिल्ली