Pusa Kanchan
एक IARI किस्म, गोल्डन बॉल (यूरोपीय) × लोकल रेड राउंड (एशियाई) क्रॉस से विकसित, तेज़ मैदानी अनुकूलन को ज़्यादातर देसी किस्मों से कड़ी जड़ के साथ जोड़ती। एक भरोसेमंद दोहरे-उद्देश्य वाला विकल्प।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- शलगम
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 50–55 दिन
- बीज दर
- 3–4 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 1.2–1.6 किग्रा/एकड़)
- अपेक्षित उपज
- 20–24 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- ICAR-IARI, नई दिल्ली द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
पूसा कंचन ICAR-IARI, नई दिल्ली द्वारा जारी एक शलगम किस्म है, गोल्डन बॉल — एक यूरोपीय (समशीतोष्ण) किस्म — और लोकल रेड राउंड — एक एशियाई (देसी) प्रकार — के बीच एक जान-बूझकर किए क्रॉस से विकसित। यह वंशावली एक उपयोगी मध्य मार्ग देती है: यह मैदानों में अनुकूलित होती और एक शुद्ध यूरोपीय प्रकार से पहले बुवाई सहती, जबकि फिर भी ज़्यादातर शुद्ध देसी किस्मों से कड़ी, बेहतर-टिकने वाली जड़ भरती है। यह उन उगाने वालों को एक भरोसेमंद, दोहरे-उद्देश्य वाला विकल्प है जो एक पूसा स्वेती-जैसी जड़ से ज़्यादा भंडारण-जीवन चाहते बिना एक सच्ची यूरोपीय किस्म की माँग वाले पूरे ठंडे-मौसम इंतज़ार के।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयउत्तरी मैदानों में सितंबर — सबसे तेज़ देसी प्रकारों से थोड़ी देर
- बीज दर3–4 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 1.2–1.6 किग्रा/एकड़)
- दूरीकतारें 30–35 सेमी दूर; कतार में पौध 8–10 सेमी दूरी पर विरल
उपज व अवधि
पकने की अवधि
50–55 दिन
अपेक्षित उपज
20–24 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध व्यापक रूप से प्रलेखित नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- क्रॉस वंशावली इसे ज़्यादातर शुद्ध एशियाई किस्मों से कड़ी, बेहतर-टिकने वाली जड़ देती है।
- मैदानी परिस्थितियों में अनुकूलित होती और एक शुद्ध यूरोपीय किस्म सहने से पहले बुवाई सहती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- फिर भी पर्पल टॉप व्हाइट ग्लोब जैसे एक पूरे यूरोपीय (समशीतोष्ण) प्रकार जितनी भंडारण में लंबी-टिकने वाली नहीं।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- पंजाब
- हरियाणा
- दिल्ली
