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अखरोटसभी सीज़नकलमी पौधअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Hamdan

अर्ध-बौनी, टर्मिनल-व-लेटरल-फलदार SKUAST-कश्मीर रिलीज़, मध्यम मेवा-वज़न व लगभग 54% अच्छी गिरी-वसूली सहित।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधि4–5 साल में पहला फलन (कलमी)
अपेक्षित उपजउच्च — SKUAST-कश्मीर के अपने मूल्यांकन-आँकड़ों से लगभग 5 किग्रा सूखा ख़ोल-सहित मेवा/परिपक्व पेड़
उपयुक्त मिट्टीगहरी, अच्छी जल-निकासी शीतोष्ण बाग़ दोमट; जलभराव वाक़ई असहनशील

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
कलमी पौध
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
4–5 साल में पहला फलन (कलमी)
अपेक्षित उपज
उच्च — SKUAST-कश्मीर के अपने मूल्यांकन-आँकड़ों से लगभग 5 किग्रा सूखा ख़ोल-सहित मेवा/परिपक्व पेड़
उपयुक्त मिट्टी
गहरी, अच्छी जल-निकासी शीतोष्ण बाग़ दोमट; जलभराव वाक़ई असहनशील
जारी
SKUAST-कश्मीर, शालीमार — 2001 जारी

इस किस्म के बारे में

हमदान SKUAST-कश्मीर, शालीमार द्वारा 2001 में जारी दो अखरोट चयनों में एक है (अपनी साथी रिलीज़ सुलेमान के साथ), व आज भी कश्मीर घाटी में व्यावसायिक रोपाई को अधिक व्यापक रूप से अनुशंसित कलमी अखरोट किस्मों में एक बनी हुई है। पेड़ की बढ़वार आदत सामान्य बीज-पेड़ अखरोट की तुलना में अर्ध-बौनी है, व यह टर्मिनल व लेटरल दोनों टहनियों पर फलता है — एक वाक़ई उपयोगी गुण, क्योंकि कई पुराने बीज-पेड़ अखरोट पेड़ मुख्यतः शाखा-सिरों पर फलते, जो पेड़ की उम्र बढ़ने के साथ फलन-सतह सीमित करता। हमदान के मेवे मध्यम आकार के होते (प्रकाशित मूल्यांकन-आँकड़े औसत मेवा-वज़न लगभग 14 ग्राम व गिरी-वज़न लगभग 7.6 ग्राम बताते), लगभग 54% गिरी-वसूली (छिलाई-प्रतिशत) सहित — गिरी-व्यापार के लिए एक ठोस, व्यावसायिक रूप से उपयोगी आँकड़ा। SKUAST-कश्मीर की जारी व मूल्यांकित किस्मों की प्रकाशित किस्म-परीक्षण तुलनाओं में, हमदान को प्रति परिपक्व पेड़ लगभग 5 किग्रा सूखा ख़ोल-सहित मेवा की सीमा में औसत उपज सहित दर्ज किया गया, हालाँकि असली बाग़ान-उपज पेड़-उम्र, स्थल व प्रबंधन अनुसार अलग-अलग होती। एक कलमी चयन होने के नाते, हमदान बीज-पेड़ की तुलना में कहीं पहले फलता व अपनी मेवा-गुणवत्ता शुद्ध रूप से दोहराता, बीज-अखरोट के परिवर्तनशील नतीजे के बजाय।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारकलमी पौध
    अवधि4–5 साल में पहला फलन (कलमी)
    उपज क्षमताउच्च — SKUAST-कश्मीर के अपने मूल्यांकन-आँकड़ों से लगभग 5 किग्रा सूखा ख़ोल-सहित मेवा/परिपक्व पेड़
    रोग-प्रतिरोधख़ास दर्ज नहीं
    मिट्टीगहरी, अच्छी जल-निकासी शीतोष्ण बाग़ दोमट; जलभराव वाक़ई असहनशील
    सीज़नसभी सीज़न

बुवाई व खेती

  • दूरीपरंपरागत रोपाई तले 8 × 8 मी; सघन प्रबंधन के साथ 6 × 6 मी नज़दीकी सघन दूरी इस्तेमाल होती
  • उर्वरकयुवावस्था में संतुलित NPK खुराक, फलन शुरू होने पर वसंत-बढ़वार-पूर्व-व-कटाई-बाद-बँटी अधिक खुराक की ओर (पूरी समय-सारणी को फसल-गाइड देखें)

मिट्टी व जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
गहरी, अच्छी जल-निकासी दोमट; pH लगभग 6.0–7.5; जलभराव या भारी ज़मीन वाक़ई असहनशील

उपज व अवधि

पकने की अवधि

4–5 साल में पहला फलन (कलमी)

अपेक्षित उपज

उच्च — SKUAST-कश्मीर के अपने मूल्यांकन-आँकड़ों से लगभग 5 किग्रा सूखा ख़ोल-सहित मेवा/परिपक्व पेड़

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

मुख्य कीट

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • टर्मिनल व लेटरल दोनों टहनियों पर फलती, बीज-पेड़ों के विपरीत जो मुख्यतः शाखा-सिरों पर फलते — पेड़ परिपक्व होने के साथ एक वाक़ई चौड़ी फलन-सतह।
  • एक अर्ध-बौनी आदत जो ओजस्वी बीज-पेड़ से कहीं नज़दीकी, सँभालने-योग्य बाग़-दूरी सूट करती।
  • चूँकि कलमी है बीज से नहीं उगाई, अपना मेवा-आकार, गिरी-रंग व छिलाई-प्रतिशत शुद्ध रूप से दोहराती।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • हमदान के लिए ख़ासतौर अखरोट झुलसा या अन्य रोगों के प्रति कोई भारत-विशिष्ट दर्ज प्रतिरोध पुष्ट नहीं — इसे किसी भी अन्य अखरोट रोपाई जैसे ही निवारक ताँबा-छिड़काव कार्यक्रम से प्रबंधित करें।
  • किसी भी अखरोट किस्म की तरह, बड़े पैमाने पर रोपाई से पहले मौजूदा नर्सरी-उपलब्धता व असली शुद्धता SKUAST-कश्मीर या संबद्ध नर्सरी से पक्का करें।

उपयुक्त क्षेत्र

कश्मीर घाटी की स्थापित अखरोट पट्टी के लिए SKUAST-कश्मीर द्वारा जारी; घाटी के शीतोष्ण बाग़ ज़िलों भर व्यावसायिक रूप से उगाई जाती।

  • जम्मू और कश्मीर

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हमदान एक सामान्य बीज-पेड़ अखरोट से कैसे अलग है?

हमदान एक कलमी, नामित SKUAST-कश्मीर चयन है: यह बीज-पेड़ के 10–12 साल के बजाय 4–5 साल में फलता, अपनी मेवा-गुणवत्ता शुद्ध रूप से दोहराता, व टर्मिनल व लेटरल दोनों टहनियों पर फलता, कई बीज-पेड़ों की तरह मुख्यतः शाखा-सिरों पर नहीं।

स्रोत: MORPHOLOGICAL DESCRIPTION OF WALNUT REFERENCE VARIETIES — A PRE-REQUISITE FOR DUS TESTING — ResearchGate, New Walnut Varieties Released-II — Indian Journal of Horticulture. संपादकीय नीति.