Parbat (JWSP-06)
2022 SKUAST-जम्मू रिलीज़, ख़ासतौर एंथ्रेक्नोज़-प्रतिरोध, उच्च उपज व देर-पकान को पैदा।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- अखरोट
- प्रकार
- कलमी पौध
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- 4–5 साल में पहला फलन (कलमी); देर-पकने वाली
- अपेक्षित उपज
- उच्च, दर्ज एंथ्रेक्नोज़-प्रतिरोध के अतिरिक्त लाभ सहित
- उपयुक्त मिट्टी
- गहरी, अच्छी जल-निकासी शीतोष्ण पहाड़ी-बाग़ दोमट; जलभराव वाक़ई असहनशील
- जारी
- SKUAST-जम्मू — 2022 जारी
इस किस्म के बारे में
पर्बत, औपचारिक रूप से JWSP-06 के रूप में पहचाना गया, जम्मू क्षेत्र के पहाड़ी ज़िलों में SKUAST-जम्मू के प्रजनन व चयन-कार्य से जारी एक अखरोट किस्म है, व इसे जम्मू-कश्मीर के उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र की स्थानीय बीज-चयनों के साथ एक 2022-2023 तुलनात्मक आकारिकी-आणविक लक्षण-वर्णन अध्ययन में दर्ज किया गया। पर्बत को SKUAST-कश्मीर की रिलीज़ों (हमदान व सुलेमान) से अलग जो बनाता वह यह है कि इसे ख़ासतौर एंथ्रेक्नोज़-प्रतिरोध — अखरोट पत्ती-धब्बा, एक फफूँद रोग जो जीवाणु अखरोट झुलसा से अलग है — के लिए उच्च उपज के साथ पैदा व मूल्यांकित किया गया। पर्बत को देर-पकने वाली भी दर्ज किया गया, एक गुण जो ऊँचाई पर एक असली द्वितीयक फ़ायदा रखता: देर पत्ती-फूट व फूल युवा बढ़वार को उस वसंत पाला-क्षति से आंशिक बचने देता जो ऊँचे, ठंडे स्थलों पर पहले-कोंपल किस्मों को लग सकती। एक कलमी रिलीज़ होने के नाते, पर्बत अन्य नामित अखरोट किस्मों जैसी ही 4–5 साल की खिड़की में फलता, कच्चे बीज-पेड़ से काफ़ी आगे।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- दूरीपहाड़ी-बाग़ स्थलों पर परंपरागत रोपाई तले 8 × 8 मी; स्थल-विशिष्ट दूरी ढलान व सीढ़ीनुमा खेत को ध्यान में रखनी चाहिए
- उर्वरकयुवावस्था में संतुलित NPK खुराक, फलन शुरू होने पर वसंत-बढ़वार-पूर्व-व-कटाई-बाद-बँटी अधिक खुराक की ओर (पूरी समय-सारणी को फसल-गाइड देखें)
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- गहरी, अच्छी जल-निकासी दोमट; pH लगभग 6.0–7.5; जलभराव या भारी ज़मीन वाक़ई असहनशील
उपज व अवधि
पकने की अवधि
4–5 साल में पहला फलन (कलमी); देर-पकने वाली
अपेक्षित उपज
उच्च, दर्ज एंथ्रेक्नोज़-प्रतिरोध के अतिरिक्त लाभ सहित
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
मुख्य कीट
- अखरोट माहू
- कोडलिंग मॉथ
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- ख़ासतौर एंथ्रेक्नोज़ (अखरोट पत्ती-धब्बा) प्रतिरोध को पैदा व मूल्यांकित — उस फफूँद-रोग के इतिहास वाले स्थलों पर एक असली दर्ज फ़ायदा।
- देर-पकान युवा बढ़वार को ऊँचे, ठंडे पहाड़ी स्थलों पर वसंत पाला-क्षति आंशिक टालने देता।
- जम्मू क्षेत्र के पहाड़ी ज़िलों को ख़ासतौर उपयुक्त एक हालिया (2022) रिलीज़, कश्मीर घाटी या अंतरराष्ट्रीय प्रजनन से अपनाई नहीं।
ध्यान रखने योग्य बातें
- एंथ्रेक्नोज़-प्रतिरोध अखरोट झुलसा के प्रति प्रतिरोध का संकेत नहीं देता, एक अलग जीव (जीवाणु, फफूँद नहीं) से होने वाला अलग रोग — किस्म चाहे जो भी हो अखरोट झुलसा को उसी निवारक ताँबा-छिड़काव कार्यक्रम से प्रबंधित करें।
- एक बहुत हालिया रिलीज़ होने के नाते, पुरानी, ज़्यादा स्थापित हमदान व सुलेमान की तुलना में दीर्घकालिक व्यावसायिक-प्रदर्शन आँकड़ा व व्यापक नर्सरी-उपलब्धता अभी बन रही है।
उपयुक्त क्षेत्र
जम्मू क्षेत्र के पहाड़ी ज़िलों (डोडा, किश्तवाड़, रामबन व समान इलाक़ों) के लिए SKUAST-जम्मू द्वारा जारी; इसका देर-पकान युवा बढ़वार को ऊँचाई पर वसंत पाला आंशिक टालने में भी मदद करता।
- जम्मू और कश्मीर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पर्बत का एंथ्रेक्नोज़-प्रतिरोध इसे अखरोट झुलसा से भी बचाता है?
नहीं — एंथ्रेक्नोज़ (अखरोट पत्ती-धब्बा) एक फफूँद रोग है, जबकि अखरोट झुलसा एक पूरी तरह अलग जीव से होने वाला जीवाणु रोग है। एक के लिए पैदा प्रतिरोध दूसरे तक नहीं पहुँचता, तो पर्बत रोपाई को भी अन्य किस्म जैसे ही अखरोट झुलसा के विरुद्ध वही सुरक्षात्मक ताँबा-छिड़काव कार्यक्रम चाहिए।
स्रोत: Comparative morpho-molecular characterization of elite walnut variety Parbat (JWSP-06) with local selections of north-western Himalayan region of J&K — ScienceDirect. संपादकीय नीति.
