Assam Lemon (Kaji Nemu)
ग्राफ़्टेड पौध, असली बीज नहीं। तेज़ ख़ुशबू व पतले छिलके के लिए मशहूर जीआई-टैग वाली पूर्वोत्तर किस्म — असम के बाहर लगभग कहीं नहीं उगाई जाती, जहाँ यह आम कागज़ी नींबू से अलग स्थानीय प्रीमियम पाती है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- नींबू
- प्रकार
- रोपण सामग्री
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- ग्राफ़्टेड पौधे में साल 3–4 से फल
- अपेक्षित उपज
- 100–130 क्विंटल/हेक्टेयर, पूर्ण फलन पर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- असम की एक पारंपरिक किस्म, जिसे पुरानी असमिया नींबू किस्म 'चिनाकागी' से एक प्राकृतिक अंकुर चयन माना जाता है — यह कोई आईसीएआर/विश्वविद्यालय-विकसित संकर नहीं है। 2019 में जीआई-टैग मिला (सटीक तारीख़ पर स्रोत असहमत: 5 जनवरी बनाम 10 मई) और 13 फ़रवरी 2024 को असम का आधिकारिक राज्य फल घोषित किया गया।
इस किस्म के बारे में
काजी नेमू, जिसे भारत के बाक़ी हिस्सों में 'असम लेमन' के नाम से बेचा जाता है, माना जाता है कि यह पुरानी, छोटी, ज़्यादा खट्टी व बीज वाली असमिया नींबू किस्म 'चिनाकागी' से एक प्राकृतिक अंकुर के रूप में उपजी — यह जानकारी एक सीधे फ़ेच किए गए विकिपीडिया लेख से मिलती है। यह ख़ासा बड़ा, अक्सर बीज-रहित या लगभग बीज-रहित फल देती है — 60–100 ग्राम, 6–11.5 सेमी लंबा, लंबोतरा-अंडाकार से अंडे जैसा आकार — जिसमें अलग-सी ख़ुशबू होती है और पकने के बाद भी फल पेड़ पर टिके रहने की असामान्य आदत होती है। एक परिपक्व पेड़ से 300–500 फल मिलने की बात कही गई है, जो लगभग 20–30 टन/हेक्टेयर आँकी गई है, इसकी उत्पादक उम्र 20–25 साल है, और यह लगभग साल भर, दो मुख्य फ्लश में फल देती है, नवंबर–जनवरी में उपज हल्की रहती है। बताए गए प्रमुख उगाई ज़िलों में डिब्रूगढ़, गोलाघाट, कछार, चिरांग, नलबाड़ी व दीमा हसाओ शामिल हैं। इस किस्म को 2019 में भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग मिला — सटीक तारीख़ पर स्रोत असहमत हैं (एक सीधे फ़ेच की गई प्रतिदिन टाइम समाचार रिपोर्ट के अनुसार 5 जनवरी, विकिपीडिया के अनुसार 10 मई) — यह तब हुआ जब सीआरएस ना-डिहिंग (नेमू तेंगा) विकास समिति ने जनवरी 2018 में असम कृषि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर आवेदन दाख़िल किया था। उसी प्रतिदिन टाइम रिपोर्ट के अनुसार, 13 फ़रवरी 2024 को असम राज्य मंत्रिमंडल ने इसकी विशेष ख़ुशबू व एंटीऑक्सीडेंट गुणों का हवाला देते हुए इसे राज्य का आधिकारिक 'राज्य फल' घोषित किया; उसी रिपोर्ट के अनुसार राज्यभर में सालाना उत्पादन लगभग 1.58 लाख टन है, लगभग 27 लाख किसान इसकी खेती करते हैं, और सालाना लगभग 70,000 किलो दुबई, लंदन, अबू धाबी व क़तर जैसे बाज़ारों को निर्यात होता है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
ग्राफ़्टेड पौधे में साल 3–4 से फल
अपेक्षित उपज
100–130 क्विंटल/हेक्टेयर, पूर्ण फलन पर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- अलग-सी तेज़ ख़ुशबू व स्वाद, जिसने इसे असम की पहचान बना दिया है और अब इसे आधिकारिक "राज्य फल" (फ़रवरी 2024) भी घोषित किया गया है
- बड़ा, अक्सर बीज-रहित या लगभग बीज-रहित फल, जिसकी प्रति-पेड़ उपज ज़्यादा बताई गई है (300–500 फल, लगभग 20–30 टन/हेक्टेयर) और पेड़ की उत्पादक उम्र लंबी, 20–25 साल है
- 2019 से जीआई-टैग प्राप्त, जो इसे औपचारिक मान्यता व बढ़ता निर्यात बाज़ार देता है (राज्य के आँकड़ों अनुसार सालाना लगभग 70,000 किलो दुबई, लंदन, अबू धाबी व क़तर को)
ध्यान रखने योग्य बातें
- इस रिकॉर्ड का अपना yieldPotential फ़ील्ड (100–130 क्विंटल/हेक्टेयर) असम सरकार/प्रेस स्रोतों में बताए गए लगभग 20–30 टन/हेक्टेयर (200–300 क्विंटल/हेक्टेयर) से काफ़ी कम है — रिकॉर्ड के आँकड़े को सीमा नहीं, बल्कि एक रूढ़िवादी अनुमान मानें
- इस रिकॉर्ड का states फ़ील्ड सिर्फ़ "असम" बताता है, जो हर मिले स्रोत से मेल खाता है — काजी नेमू को लगभग पूरी तरह असम के अपने ज़िलों (डिब्रूगढ़, गोलाघाट, कछार, चिरांग, नलबाड़ी, दीमा हसाओ नामतः) तक सीमित बताया गया है, कहीं और उगाई जाने वाली किस्म के रूप में नहीं
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- असम
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या असम लेमन आम कागज़ी नींबू जैसा ही है?
नहीं — यह काजी नेमू है, एक अलग पारंपरिक असमिया किस्म, जिसे पुरानी स्थानीय नींबू किस्म चिनाकागी का एक प्राकृतिक अंकुर माना जाता है, न कि पूरे भारत में मिलने वाला कागज़ी (खट्टा) नींबू। यह बड़ी, अक्सर बीज-रहित होती है, और इसकी अपनी तेज़, अलग ख़ुशबू है।
क्या असम लेमन को कोई आधिकारिक मान्यता मिली है?
हाँ — इसे 2019 में भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग मिला, और 13 फ़रवरी 2024 को असम राज्य मंत्रिमंडल ने इसकी विशेष ख़ुशबू व एंटीऑक्सीडेंट गुणों का हवाला देते हुए इसे राज्य का आधिकारिक "राज्य फल" घोषित किया।
स्रोत: Kaji Nemu — Wikipedia, Kaji Nemu Given 'State Fruit Of Assam' Recognition — Pratidin Time. संपादकीय नीति.
