Balaji
व्यावसायिक बाग़ों को अच्छी उपज व फल-गुणवत्ता वाला सुधरा कागज़ी-नींबू चयन। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- नींबू
- प्रकार
- रोपण सामग्री
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- नियंत्रित फसल
- अपेक्षित उपज
- अधिक
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- सिट्रस अनुसंधान केंद्र, तिरुपति, आंध्र प्रदेश — एक शुद्ध-वंशक्रम चयन; सटीक जारी-वर्ष इस चरण में पुष्ट नहीं हो सका
इस किस्म के बारे में
बालाजी एक शुद्ध-वंशक्रम (प्योर-लाइन) कागज़ी नींबू (Citrus aurantifolia) चयन है, जिसे सिट्रस अनुसंधान केंद्र, तिरुपति, आंध्र प्रदेश से जारी किया गया। यह राज्य की प्रमुख कागज़ी-नींबू क़िस्म है, जो आंध्र प्रदेश के कागज़ी-नींबू क्षेत्र का लगभग 35% हिस्सा घेरती है, और इसे इसके गोल, चिकने, आकर्षक फल के लिए महत्व दिया जाता है जो पूरी तरह पकने पर पीला हो जाता है — जिसमें 47% रस-सामग्री, 6–7°ब्रिक्स, 6.8–7% अम्लता व प्रति 100 ग्राम रस में 25–27 मिलीग्राम एस्कॉर्बिक एसिड होता है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
नियंत्रित फसल
अपेक्षित उपज
अधिक
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- मध्यम
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखने योग्य बातें
- पुष्ट द्वितीयक स्रोत (एक सहकर्मी-समीक्षित तुलनात्मक कागज़ी-नींबू मूल्यांकन सहित) बालाजी को कैंकर-सहनशील/कैंकर-प्रतिरोधी बताते हैं — यह इस रिकॉर्ड की मौजूदा सामान्य "मध्यम" diseaseResistance रेटिंग से अधिक विशिष्ट व अनुकूल दावा है, हालाँकि यह ज़रूरी नहीं कि इसका खंडन करे क्योंकि "मध्यम" को पहले से ही कुछ कैंकर-सहनशीलता शामिल मानकर पढ़ा जा सकता है।
- रिपोर्ट की गई वार्षिक उपज 3,000–5,000 फल प्रति पेड़ है, 40–50 ग्राम प्रति फल पर (लगभग 120–250 किलोग्राम/पेड़), जो इस रिकॉर्ड की मौजूदा "अधिक" yieldPotential रेटिंग के अनुरूप है — वहाँ कोई विरोधाभास फ़्लैग नहीं किया गया।
- स्रोत सामग्री लगातार बालाजी को आंध्र प्रदेश में रखती है (तिरुपति मूल, नेल्लोर ज़िला मूल्यांकन), जो इस रिकॉर्ड के मौजूदा एकल-राज्य फ़ील्ड से मेल खाती है — इस चरण में कोई states विरोधाभास नहीं मिला, इस परियोजना के अधिकांश अन्य रिकॉर्ड के विपरीत।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- आंध्र प्रदेश
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बालाजी नींबू कहाँ विकसित की गई?
सिट्रस अनुसंधान केंद्र, तिरुपति, आंध्र प्रदेश में, कागज़ी नींबू (Citrus aurantifolia) के एक शुद्ध-वंशक्रम चयन के रूप में।
आंध्र प्रदेश में बालाजी कितनी प्रमुख है?
यह बहुत लोकप्रिय है, राज्य के कुल कागज़ी-नींबू उगाने वाले क्षेत्र का लगभग 35% हिस्सा घेरती है — इस क्षेत्र की प्रमुख क़िस्म।
क्या बालाजी कैंकर-प्रतिरोधी है?
पुष्ट द्वितीयक स्रोत इसे कैंकर-सहनशील/कैंकर-प्रतिरोधी बताते हैं, यह इस रिकॉर्ड की मौजूदा सामान्य "मध्यम" diseaseResistance रेटिंग से अधिक अनुकूल व विशिष्ट दावा है।
फल कैसा दिखता व स्वाद में कैसा है?
गोल व चिकना, पूरी तरह पकने पर आकर्षक पीला हो जाता है, जिसमें 47% रस-सामग्री, 6–7°ब्रिक्स मिठास व 6.8–7% अम्लता है — मूल्यांकित कागज़ी-नींबू क़िस्मों में एक सुसंतुलित रस-गुणवत्ता प्रोफ़ाइल।
एक बालाजी नींबू का पेड़ कितना फल देता है?
रिपोर्ट के अनुसार वार्षिक 3,000–5,000 फल प्रति पेड़, प्रत्येक 40–50 ग्राम का — यह इस रिकॉर्ड की मौजूदा "अधिक" yieldPotential रेटिंग के अनुरूप है।
