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नींबूसभी सीज़नरोपण सामग्रीअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Pramalini (Kagzi lime)

भारत के मानक कागज़ी नींबू की सुधरी, नियमित-फलन चयन — पतला-छिलका, रसदार, प्रचुर। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिनियंत्रित फसल
अपेक्षित उपजअधिक
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
नींबू
प्रकार
रोपण सामग्री
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
नियंत्रित फसल
अपेक्षित उपज
अधिक
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
मूल संस्थान इस चरण में पुष्ट नहीं हो सका — आंध्र प्रदेश व कर्नाटक के कागज़ी-नींबू परीक्षणों में अन्य नामित क़िस्मों के साथ इसका मूल्यांकन हुआ है, पर कोई प्राथमिक रिलीज़ रिकॉर्ड नहीं मिला

इस किस्म के बारे में

प्रमालिनी एक कागज़ी नींबू (Citrus aurantifolia) क़िस्म है, जिसका आंध्र प्रदेश व कर्नाटक के कागज़ी-नींबू परीक्षणों में विक्रम, कागज़ी, बालाजी व अन्य नामित क़िस्मों के साथ मूल्यांकन हुआ है। एक सीधे प्राप्त 2025 सहकर्मी-समीक्षित तुलनात्मक परीक्षण (Plant Archives), तिडगुंडी, कर्नाटक में, इसे परीक्षित नौ क़िस्मों में सबसे ऊँची बढ़वार (3.18 मीटर पौधे) वाली दर्ज करता है, जो 30.33 ग्राम औसत फल-वज़न पर 492.67 फल/पौधा देती है, कुल उपज 12.45 टन/हेक्टेयर — तुलना की गई नौ क़िस्मों में एक ठोस मध्य-श्रेणी परिणाम (विक्रम सर्वाधिक 18.84 टन/हेक्टेयर पर, फुले शरबती सबसे कम 7.68 टन/हेक्टेयर पर)।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकाररोपण सामग्री
    अवधिनियंत्रित फसल
    उपज क्षमताअधिक
    रोग-प्रतिरोधकैंकर-संवेदनशील
    मिट्टीदोमट
    सीज़नसभी सीज़न

उपज व अवधि

पकने की अवधि

नियंत्रित फसल

अपेक्षित उपज

अधिक

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सीधे प्राप्त परीक्षण विशिष्ट फल-गुणवत्ता संख्याएँ देता है: TSS 7.53°ब्रिक्स, अनुमापनीय अम्लता 6.94%, विटामिन सी 33.02 मिलीग्राम/100 ग्राम, रस-सामग्री 40.29%, शेल्फ़-लाइफ़ 18.12 दिन — तुलना की गई नौ क़िस्मों में सभी मध्य-श्रेणी, इनमें से कोई भी इस रिकॉर्ड की मौजूदा "अधिक" yieldPotential रेटिंग का खंडन नहीं करता।
  • परीक्षण ने किसी भी क़िस्म के लिए कैंकर-विशिष्ट रोग डेटा रिपोर्ट नहीं किया, इसलिए यह इस रिकॉर्ड की मौजूदा "कैंकर-संवेदनशील" diseaseResistance फ़ील्ड की न तो पुष्टि करता है न खंडन — उस रेटिंग को कार्यशील संदर्भ के रूप में छोड़ा गया है क्योंकि इस स्रोत ने इसे संबोधित नहीं किया।
  • इस चरण में प्रमालिनी के लिए कोई संस्थान या जारी-वर्ष रिकॉर्ड नहीं मिला, हालाँकि यह कई स्वतंत्र परीक्षणों में एक नामित व्यावसायिक क़िस्म के रूप में लगातार दिखाई देती है — यह किसी औपचारिक रूप से जारी क़िस्म की बजाय एक क्षेत्रीय रूप से लोकप्रिय किसान/नर्सरी-प्रसारित चयन हो सकती है, जैसा इस परियोजना में कुछ अन्य कागज़ी-नींबू व अमरूद रिकॉर्ड के लिए पहले फ़्लैग किया गया, पर यह किसी भी तरह पुष्ट नहीं हुआ।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • आंध्र प्रदेश

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

परीक्षणों में प्रमालिनी अन्य कागज़ी-नींबू क़िस्मों की तुलना में कैसी है?

एक 2025 सहकर्मी-समीक्षित तुलनात्मक परीक्षण ने इसे परीक्षित नौ क़िस्मों में सबसे ऊँची बढ़वार वाली पाया, जिसकी उपज 12.45 टन/हेक्टेयर मध्य-श्रेणी में ठोस थी — शीर्ष प्रदर्शक विक्रम (18.84 टन/हेक्टेयर) से पीछे लेकिन सबसे कम, फुले शरबती (7.68 टन/हेक्टेयर) से काफ़ी आगे।

प्रमालिनी का फल कितना रसदार व मीठा है?

परीक्षण ने 40.29% रस-सामग्री व 7.53°ब्रिक्स TSS के साथ 6.94% अनुमापनीय अम्लता दर्ज की — तुलना की गई नौ क़िस्मों में एक संतुलित, मध्य-श्रेणी प्रोफ़ाइल, 18.12-दिन की शेल्फ़-लाइफ़ के साथ।

क्या प्रमालिनी सिट्रस कैंकर प्रतिरोधी है?

इस रिकॉर्ड की मौजूदा diseaseResistance फ़ील्ड कैंकर-संवेदनशील बताती है; इस चरण में शोधित परीक्षण ने तुलना की गई नौ क़िस्मों में से किसी के लिए भी विशेष रूप से कैंकर-प्रतिरोध परीक्षण नहीं किया, इसलिए यह रेटिंग नए साक्ष्य से न तो पुष्ट होती है न खंडित।

प्रमालिनी को किसने विकसित किया?

इस चरण में कोई संस्थान या रिलीज़ रिकॉर्ड पुष्ट नहीं हो सका, हालाँकि यह एक व्यापक रूप से परीक्षित नामित व्यावसायिक क़िस्म है — इसकी सटीक प्रजनन उत्पत्ति अनुमान लगाने की बजाय अनकही छोड़ी गई है।

प्रमालिनी के फल कितने बड़े होते हैं?

तुलनात्मक परीक्षण में छोटे-फल वाली क़िस्मों में से एक: परीक्षित नौ क़िस्मों में सबसे छोटी फल-लंबाई (40.72 मिमी) व सबसे कम फल-आयतन (37.00 घन सेमी), हालाँकि यह प्रति पौधा उच्च फल-संख्या (492.67) से इसकी भरपाई करती है।