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नींबूसभी सीज़नरोपण सामग्रीअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Eureka (lemon)

सच्ची नींबू किस्म, जहाँ ताज़ा बाज़ार को बड़ा, खट्टा, मोटा-छिलका नींबू चाहिए वहाँ उगाई। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिनियंत्रित फसल
अपेक्षित उपजमध्यम
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
नींबू
प्रकार
रोपण सामग्री
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
नियंत्रित फसल
अपेक्षित उपज
मध्यम
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
लॉस एंजिल्स, कैलिफ़ोर्निया, यूएसए में 1858 में प्रजनित — यह भारत में विकसित क़िस्म नहीं है; भारत में एक अंतरराष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त व्यावसायिक क़िस्म के रूप में उगाई जाती है

इस किस्म के बारे में

यूरेका एक सच्ची नींबू (Citrus limon) क़िस्म है, जिसे 1858 में लॉस एंजिल्स, कैलिफ़ोर्निया में प्रजनित किया गया, माना जाता है कि यह 1800 के दशक के आरंभ में इटली से लाई गई "लुनारियो" नींबू की वंशज है — यह भारत में विकसित की गई क़िस्म नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त क़िस्म है। पेड़ मध्यम-वीर्यवान, कांटा-रहित व अत्यधिक उत्पादक है, जिसमें तेज़ी से फलन शुरू होता है; यह साल भर फल देता है और मुख्य फलन देर सर्दी से आरंभिक गर्मी तक होता है, जिसमें छोटा, अंडाकार, पतला-से-मध्यम छिलका वाला फल लगता है जो अधिकतर बीज-रहित होता है, हरा-पीला, बहुत कोमल व खट्टा गूदा, पकने पर चमकदार पीला।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकाररोपण सामग्री
    अवधिनियंत्रित फसल
    उपज क्षमतामध्यम
    रोग-प्रतिरोधमध्यम
    मिट्टीदोमट
    सीज़नसभी सीज़न

उपज व अवधि

पकने की अवधि

नियंत्रित फसल

अपेक्षित उपज

मध्यम

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • मध्यम

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

ध्यान रखने योग्य बातें

  • स्रोत सामग्री यूरेका को "अत्यधिक उत्पादक" व "तेज़ी से फलन शुरू" बताती है — यह भाषा इस रिकॉर्ड की मौजूदा "मध्यम" yieldPotential रेटिंग से कुछ ऊपर बैठती है, हालाँकि दोनों ज़रूरी नहीं कि विरोधाभासी हों क्योंकि "अत्यधिक उत्पादक" सामान्यतः अन्य नींबू क़िस्मों के सापेक्ष है, किसी विशिष्ट उपज संख्या के लिए नहीं।
  • भारत में व्यावसायिक नींबू उत्पादन (जिसमें यूरेका मान्यता प्राप्त क़िस्मों में शामिल है) आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान व बिहार में रिपोर्ट किया गया है — इस रिकॉर्ड के मौजूदा एकल-राज्य (महाराष्ट्र) फ़ील्ड से काफ़ी व्यापक, यदि इस किस्म की पहुँच सटीक रूप से ट्रैक की जा रही हो तो विस्तार करने लायक़।
  • इस चरण में यूरेका के लिए भारत-विशिष्ट रोग-प्रतिरोध या क्षेत्रीय-अनुकूलन डेटा नहीं मिला — इस रिकॉर्ड की मौजूदा "मध्यम" diseaseResistance रेटिंग को कार्यशील संदर्भ के रूप में छोड़ा गया है क्योंकि किसी भी मिले स्रोत ने इसे संबोधित नहीं किया।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • महाराष्ट्र

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यूरेका नींबू की उत्पत्ति कहाँ हुई?

लॉस एंजिल्स, कैलिफ़ोर्निया, यूएसए में 1858 में — माना जाता है कि यह 1800 के दशक के आरंभ में इटली से लाई गई "लुनारियो" नींबू की वंशज है। यह एक अंतरराष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त क़िस्म है, भारत में विकसित नहीं।

यूरेका का फल कैसा दिखता है?

छोटा व अंडाकार, मध्यम मोटे, चिकने छिलके के साथ, हरा-पीला कोमल व खट्टा गूदा, पकने पर चमकदार पीला — अधिकतर बीज-रहित या बहुत कम बीज वाला।

यूरेका नींबू कब फल देती है?

यह साल भर फल देती है, मुख्य कटाई-फलन देर सर्दी से आरंभिक गर्मी तक होता है।

यूरेका नींबू भारत के किन राज्यों में व्यावसायिक रूप से उगाई जाती है?

यूरेका सहित व्यावसायिक नींबू उत्पादन आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान व बिहार में रिपोर्ट किया गया है — यह इस रिकॉर्ड के मौजूदा एकल-राज्य फ़ील्ड से व्यापक है।

यूरेका नींबू का पेड़ कितना उत्पादक है?

स्रोत सामग्री इसे तेज़ी से फलन शुरू करने वाला अत्यधिक उत्पादक बताती है — यह इस रिकॉर्ड की मौजूदा "मध्यम" yieldPotential रेटिंग से कुछ मज़बूत भाषा है, हालाँकि दोनों ज़रूरी नहीं कि विरोधाभासी हों क्योंकि उत्पादकता दावे आमतौर पर किसी पूर्ण संख्या की बजाय अन्य नींबू क़िस्मों के सापेक्ष होते हैं।