Kagzi Kalan
ताज़ा व रस बाज़ार को बड़े, रसदार फल वाला उत्तर-भारतीय नींबू प्रकार। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- नींबू
- प्रकार
- रोपण सामग्री
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- नियंत्रित फसल
- अपेक्षित उपज
- मध्यम–उच्च
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- सुझाया गया जारी-वर्ष 1990 (द्वितीयक स्रोत, स्वतंत्र रूप से प्राथमिक दस्तावेज़ के रूप में प्राप्त नहीं किया गया) — भारत भर में खेती के लिए अनुशंसित
इस किस्म के बारे में
कागज़ी कलां एक सच्ची नींबू (Citrus limon) क़िस्म है, जिसे 1990 में जारी बताया जाता है और भारत भर में खेती के लिए अनुशंसित किया जाता है, जिसमें पश्चिम बंगाल, असम व उत्तर प्रदेश इसके मुख्य उगाने वाले राज्यों के रूप में नामित हैं — यह राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के "नींबू (Citrus limon)" श्रेणी के इन तीन राज्यों के लिए सामान्य विवरण से मेल खाता है: बड़ा, अंडाकार-से-गोल, गहरे-हरे फल जिसका छिलका गूदे से चिपका रहता है, मध्यम रसदार व खट्टा। यह वर्ष में दो बार फल देता है, मई–अगस्त व दिसंबर–जनवरी में, अर्ध-वीर्यवान पेड़ों पर जो तीन साल बाद फलना शुरू करते हैं।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
नियंत्रित फसल
अपेक्षित उपज
मध्यम–उच्च
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- मध्यम
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखने योग्य बातें
- स्रोत सामग्री तीन उगाने वाले राज्यों का नाम लेती है — पश्चिम बंगाल, असम व उत्तर प्रदेश — जबकि इस रिकॉर्ड का मौजूदा एकल-राज्य (उत्तर प्रदेश) `states` फ़ील्ड इससे संकुचित है; यदि इस किस्म की पहुँच सटीक रूप से ट्रैक की जा रही हो तो विस्तार करने लायक़।
- प्रति-पेड़ उपज 10 साल की बढ़वार के बाद 7–10 किलोग्राम रिपोर्ट की गई है — यह एक प्रति-पेड़ आँकड़ा है जो इस रिकॉर्ड की मौजूदा "मध्यम–उच्च" प्रति-क्षेत्र yieldPotential रेटिंग में सीधे परिवर्तित नहीं होता, इसलिए इसे उस फ़ील्ड को समायोजित करने के लिए उपयोग करने की बजाय अतिरिक्त संदर्भ के रूप में यहाँ दर्ज किया गया है।
- जारी-वर्ष व क्षेत्र दावे एक द्वितीयक स्रोत पर आधारित हैं (स्वतंत्र रूप से प्राथमिक दस्तावेज़ के रूप में प्राप्त नहीं किया गया); एक सीधे प्राप्त राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड PDF उन्हीं तीन राज्यों में "नींबू (Citrus limon)" श्रेणी के सामान्य फल-विवरण की पुष्टि करता है, पर "कागज़ी कलां" को क़िस्म-नाम से विशेष रूप से नामित नहीं करता।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कागज़ी कलां एक सच्ची नींबू है या कागज़ी नींबू?
यह एक सच्ची नींबू (Citrus limon) है, कागज़ी/कागज़ी नींबू (Citrus aurantifolia) समूह से अलग, हालाँकि उत्तर-भारतीय बाज़ारों में 'कागज़ी' नामकरण ढीले ढंग से साझा होता है।
कागज़ी कलां कब फल देती है?
साल में दो बार — मई से अगस्त और फिर दिसंबर से जनवरी — जो उत्पादकों को एक की बजाय दो कटाई-विंडो देता है।
कागज़ी कलां किन राज्यों में उगाई जाती है?
स्रोत सामग्री पश्चिम बंगाल, असम व उत्तर प्रदेश को इसके मुख्य राज्यों के रूप में नामित करती है, जो इस रिकॉर्ड के मौजूदा एकल-राज्य फ़ील्ड से व्यापक है — यदि इस किस्म की पहुँच सटीक रूप से ट्रैक की जा रही हो तो विस्तार करने लायक़।
एक कागज़ी कलां पेड़ कितना फल देता है?
अर्ध-वीर्यवान पेड़ों पर 10 साल की बढ़वार के बाद प्रति पेड़ लगभग 7–10 किलोग्राम — यह एक प्रति-पेड़ आँकड़ा है, जो इस रिकॉर्ड की प्रति-क्षेत्र yieldPotential रेटिंग के साथ रिपोर्ट किया गया है, पर सीधे उसमें परिवर्तित नहीं किया गया।
कागज़ी कलां का फल कैसा दिखता है?
बड़ा, अंडाकार से गोल, गहरे-हरे छिलके के साथ जो गूदे से क़रीब से चिपका रहता है — मध्यम रसदार व खट्टा, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के इस फल-प्रकार के विवरण के अनुसार।
