Lisbon (lemon)
यूरेका जैसी ही बड़ी, खट्टी, मोटी-छिलके वाली सच्ची नींबू किस्म। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- नींबू
- प्रकार
- रोपण सामग्री
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- नियंत्रित फसल
- अपेक्षित उपज
- मध्यम
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- माना जाता है कि यह पुर्तगाल की "गलेगो" नींबू की वंशज है; 1824 में ऑस्ट्रेलिया लाई गई, लगभग 1874–75 में यूएसए निर्यात हुई, 19वीं सदी के मध्य-से-अंत में व्यावसायिक रूप से जारी — यह भारत में विकसित क़िस्म नहीं है
इस किस्म के बारे में
लिस्बन एक सच्ची नींबू (Citrus limon) क़िस्म है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह पुर्तगाल की देसी "गलेगो" नींबू की वंशज है, जिसे 1824 जितनी जल्दी ऑस्ट्रेलिया लाया गया और लगभग 1874–75 में संयुक्त राज्य अमेरिका निर्यात किया गया, 19वीं सदी के मध्य-से-अंत में व्यावसायिक रिलीज़ हुई — यह भारत में विकसित क़िस्म नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त क़िस्म है। इसका मध्यम-से-बड़ा, अंडाकार-से-दीर्घवृत्ताकार फल (5–8 सेमी) थोड़ा पतला होकर उभरी हुई नोक के साथ, हरा-पीला छिलका व स्वाभाविक रूप से खट्टा गूदा; फल पेड़ की छतरी के भीतर उगता है, जो इसे मौसम से बचाता है और व्यावसायिक बाज़ारों को पसंद आने वाला अधिक चिकना, बेदाग़ रूप देता है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
नियंत्रित फसल
अपेक्षित उपज
मध्यम
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- मध्यम
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखने योग्य बातें
- एक वास्तविक तनाव उल्लेखनीय है: एक स्रोत सामग्री स्पष्ट रूप से बताती है कि लिस्बन "भारत में कम-उपज व अल्प-आयु वाली है," जो इस रिकॉर्ड की मौजूदा "मध्यम" yieldPotential रेटिंग के साथ कुछ तनाव में है — इस चरण में इस दावे की किसी दूसरे स्रोत से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई, इसलिए इसे मौजूदा फ़ील्ड को अधिलेखित करने के लिए उपयोग करने की बजाय यहाँ रिपोर्ट किया गया है।
- इस चरण में लिस्बन के लिए भारत-विशिष्ट रोग-प्रतिरोध डेटा नहीं मिला — इस रिकॉर्ड की मौजूदा "मध्यम" diseaseResistance रेटिंग को कार्यशील संदर्भ के रूप में छोड़ा गया है क्योंकि किसी भी मिले स्रोत ने इसे संबोधित नहीं किया।
- यूरेका व लिस्बन दोनों अंतरराष्ट्रीय रूप से प्रजनित सच्ची-नींबू क़िस्में हैं, जो भारत में मान्यता प्राप्त व्यावसायिक क़िस्मों के रूप में उगाई जाती हैं, न कि किसी भारतीय संस्थान द्वारा विकसित — इस रिकॉर्ड की "यूरेका जैसी ही बड़ी, खट्टी, मोटी-छिलके वाली" फ़्रेमिंग इस चरण में मिली जानकारी के अनुरूप है।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- महाराष्ट्र
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लिस्बन नींबू की उत्पत्ति कहाँ हुई?
माना जाता है कि यह पुर्तगाल की देसी "गलेगो" नींबू की वंशज है, 1824 में ऑस्ट्रेलिया लाई गई और लगभग 1874–75 में यूएसए निर्यात हुई, 19वीं सदी के मध्य-से-अंत में व्यावसायिक रिलीज़ हुई।
क्या लिस्बन नींबू भारत में अच्छी उपज देती है?
एक स्रोत सामग्री बताती है कि यह "भारत में कम-उपज व अल्प-आयु वाली है" — यह दावा इस रिकॉर्ड की मौजूदा "मध्यम" yieldPotential रेटिंग के साथ कुछ तनाव में है, इस चरण में स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हुआ और मौजूदा फ़ील्ड को अधिलेखित करने की बजाय यहाँ रिपोर्ट किया गया है।
लिस्बन नींबू का फल इतना साफ़ क्यों दिखता है?
इसका फल पेड़ की उजागर बाहरी शाखाओं की बजाय छतरी के भीतर उगता है, जो इसे मौसम व हवा से बचाता है और व्यावसायिक बाज़ारों को पसंद आने वाला अधिक चिकना, बेदाग़ रूप देता है।
लिस्बन का फल यूरेका से कैसे तुलना करता है?
दोनों एक ही बड़ी, खट्टी, मोटी-छिलके वाली रेखा की सच्ची नींबू हैं, हरे-पीले छिलके व स्वाभाविक रूप से खट्टे गूदे को साझा करती हैं — यह रिकॉर्ड इन्हें एक ही व्यावसायिक फल-प्रोफ़ाइल साझा करने वाला समूहित करता है।
क्या लिस्बन एक भारत-विकसित नींबू क़िस्म है?
नहीं — यह पुर्तगाली-ऑस्ट्रेलियाई-अमेरिकी प्रजनन इतिहास वाली एक अंतरराष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त क़िस्म है, जो भारत में एक व्यावसायिक क़िस्म के रूप में उगाई जाती है, न कि किसी भारतीय संस्थान द्वारा विकसित।
