Chandler
कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, डेविस की एक क्लासिक छोटे-दिन किस्म, चमकीले लाल, शंक्वाकार, मध्यम-कड़े फल व भरोसेमंद फूल के साथ — हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड की पहाड़ियों में लंबे समय से उगाई जाती।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- स्ट्रॉबेरी
- प्रकार
- रनर पौधा (टिशू-कल्चर / प्रमाणित)
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- ~150–170 दिन
- अपेक्षित उपज
- अच्छी, मध्यम-से-ऊँची
- उपयुक्त मिट्टी
- उठी, काली-प्लास्टिक-मल्च क्यारी पर अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट
- जारी
- कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, डेविस द्वारा विकसित (क्रॉस 1977 में बनाया); 1983 में जारी
इस किस्म के बारे में
चांडलर कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, डेविस द्वारा विकसित व 1983 में जारी हुई, 1977 के क्रॉस 'डगलस' × Cal 72.361-105 (नामित C55) से; यह पहली बार 1979 में डेविस के पास विश्वविद्यालय के वुल्फ़स्किल प्रायोगिक बाग़ान में फली। एक क्लासिक छोटे-दिन किस्म, यह चमकीले लाल, शंक्वाकार, मध्यम-कड़े फल देती भरोसेमंद, भारी फूल के साथ हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड पहाड़ी खेती की ठंडी, छोटे-दिन दशाओं तले, जहाँ यह दशकों से कैमारोसा जैसी नई किस्मों के साथ उगाई जाती रही है। यह कोई ICAR-विकसित भारतीय किस्म नहीं है — भारतीय किसान इसे एक स्थापित, लंबे समय से भरोसेमंद आयातित किस्म के रूप में इस्तेमाल करते, प्रमाणित पहाड़ी नर्सरियों से प्रवर्धित।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- दूरी1–1.2 मीटर चौड़ी उठी क्यारियों पर 30×30 सेमी, काली प्लास्टिक मल्च से होकर
- उर्वरकक्यारी-तैयारी पर गोबर-खाद व आधारीय P व K; नाइट्रोजन ~3 हफ़्ते व फूल पर बाँटी, पूरी पोटाश फूल पर (पूरी समय-सारणी को फसल-गाइड देखें)
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- जैविक पदार्थ से भरपूर अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट, pH 5.7–6.5
उपज व अवधि
पकने की अवधि
~150–170 दिन
अपेक्षित उपज
अच्छी, मध्यम-से-ऊँची
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य कीट
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- ख़ासकर हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड पहाड़ी खेती में एक बहुत लंबा, सिद्ध ट्रैक-रिकॉर्ड, जहाँ किसान व नर्सरियाँ इसकी ज़रूरतें अच्छी तरह जानतीं।
- ठंडी, छोटे-दिन पहाड़ी दशाओं तले भरोसेमंद, भारी फूल जिसके लिए यह विकसित हुई।
ध्यान रखने योग्य बातें
- कोई ICAR-विकसित भारतीय रिलीज़ नहीं — अब लगभग 45 साल पुरानी, व कुछ इलाक़ों में कैमारोसा या विंटर डॉन जैसी नई किस्में इससे ज़्यादा उपज दे सकतीं।
- स्लेटी फफूँद, रेड स्टील या एन्थ्रेक्नोज़ के प्रति कोई विशेष दर्ज प्रतिरोध नहीं; मानक उठी-क्यारी, ड्रिप-व-मल्च प्रबंधन लागू होता।
उपयुक्त क्षेत्र
एक आयातित अमेरिकी किस्म, कोई ICAR रिलीज़ नहीं, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड की पहाड़ियों में लंबे समय से उगाई जाती व अब भी वहाँ व उत्तरी मैदानों में आम है।
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
- पंजाब
- हरियाणा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चांडलर एक पुरानी किस्म होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में अब भी क्यों उगाई जाती?
ख़ासकर पहाड़ियों में इसका एक बहुत लंबा, सिद्ध ट्रैक-रिकॉर्ड है — इसका छोटे-दिन प्रजनन ठंडी पहाड़ी सर्दी को अच्छी तरह सूट करता, व स्थानीय किसान व नर्सरियाँ पूरी तरह परिचित हैं कि यह वहाँ कैसे फूलती व फलती, भले नई किस्में भी इसके साथ लगाई जाती हों।
स्रोत: Strawberry Breeding Program Backgrounder: A Historical Timeline — UC Davis, US Plant Patent PP5262 — Strawberry plant 'Chandler'. संपादकीय नीति.
