Nabila
कोंसोर्ज़ियो इटालियानो विवाइस्टी (CIV), इटली द्वारा भूमध्यसागरीय व कम-ठंड क्षेत्रों के लिए विकसित, नबीला बड़े, शंक्वाकार, चमकदार, अच्छे-स्वाद फल देती व महाबलेश्वर में उगाई जाती साथ ही पूर्वी राज्यों में परीक्षित।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- स्ट्रॉबेरी
- प्रकार
- रनर पौधा (टिशू-कल्चर / प्रमाणित)
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- ~150–170 दिन
- अपेक्षित उपज
- अच्छी; बड़ा फल-आकार इसका मुख्य व्यावसायिक आकर्षण
- उपयुक्त मिट्टी
- उठी, काली-प्लास्टिक-मल्च क्यारी पर अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट
- जारी
- कोंसोर्ज़ियो इटालियानो विवाइस्टी (CIV), इटली द्वारा विकसित; 2004 में पहली बार प्रवर्धित
इस किस्म के बारे में
नबीला कोंसोर्ज़ियो इटालियानो विवाइस्टी (CIV), इटली द्वारा विकसित की गई, किस्म 'वेंटाना' व एक CIV प्रजनन-चयन (Q6Q8-26) के बीच एक नियंत्रित क्रॉस से; यह क्रॉस पहली बार 2004 में सान ज्युसेप्पे दी कोमाच्यो, फ़ेरारा, इटली में अलैंगिक रूप से प्रवर्धित हुआ व बाद में प्लांट पेटेंट संरक्षण पाया। इसे ख़ास तौर पर भूमध्यसागरीय-जलवायु व अन्य कम-ठंड बढ़वार-क्षेत्रों के लिए चुना गया, व यह बड़े, शंक्वाकार, चमकदार, अच्छे-स्वाद फल देती। भारत में यह महाबलेश्वर में व्यावसायिक रूप से उगाई जाती व ओडिशा व छत्तीसगढ़ किस्म-परीक्षणों में तेज़ी से एक आम विकल्प बनती, आमतौर पुरानी अमेरिकी रिलीज़ों (कैमारोसा, चांडलर) के एक बड़े-फल विकल्प के रूप में प्रस्तुत, न कि एक ICAR-विकसित भारतीय किस्म के रूप में।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- दूरी1–1.2 मीटर चौड़ी उठी क्यारियों पर 30×30 सेमी, काली प्लास्टिक मल्च से होकर
- उर्वरकक्यारी-तैयारी पर गोबर-खाद व आधारीय P व K; नाइट्रोजन ~3 हफ़्ते व फूल पर बाँटी, पूरी पोटाश फूल पर (पूरी समय-सारणी को फसल-गाइड देखें)
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- जैविक पदार्थ से भरपूर अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट, pH 5.7–6.5
उपज व अवधि
पकने की अवधि
~150–170 दिन
अपेक्षित उपज
अच्छी; बड़ा फल-आकार इसका मुख्य व्यावसायिक आकर्षण
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य कीट
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- उल्लेखनीय रूप से बड़ा, चमकदार, शंक्वाकार फल — ताज़ा-बाज़ार बिक्री व निर्यात-श्रेणी छँटाई के लिए एक असली व्यावसायिक आकर्षण।
- ख़ास तौर पर कम-ठंड, भूमध्यसागरीय-प्रकार क्षेत्रों के लिए विकसित, जो अपने यूरोपीय मूल के बावजूद भारतीय बढ़वार-दशाओं को अच्छी तरह सूट करती।
ध्यान रखने योग्य बातें
- कैमारोसा या चांडलर की तुलना में भारतीय खेती में एक नया प्रवेशक, तो इसके साथ स्थानीय अनुभव के कम बढ़वार-सीज़न मौजूद।
- कोई ICAR-विकसित भारतीय रिलीज़ नहीं — रोपण-सामग्री हर साल एक प्रमाणित नर्सरी से ताज़ी लानी होती, खेत-बचाई नहीं।
उपयुक्त क्षेत्र
एक आयातित इतालवी किस्म, कोई ICAR रिलीज़ नहीं, महाबलेश्वर में उगाई जाती व ओडिशा व छत्तीसगढ़ परीक्षणों में पुरानी अमेरिकी किस्मों के विकल्प के रूप में बढ़ती।
- महाराष्ट्र
- ओडिशा
- छत्तीसगढ़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नबीला भारत में उगाई अधिकांश अन्य किस्मों की तरह एक अमेरिकी किस्म है?
नहीं — नबीला इटली में कोंसोर्ज़ियो इटालियानो विवाइस्टी (CIV) द्वारा 'वेंटाना' व एक CIV प्रजनन-चयन के क्रॉस से विकसित हुई, पहली बार 2004 में प्रवर्धित। यह भारत में व्यावसायिक रूप से उगाई कुछ स्ट्रॉबेरी किस्मों में एक है जिसका मूल अमेरिकी नहीं यूरोपीय है, ख़ास तौर पर भूमध्यसागरीय व अन्य कम-ठंड बढ़वार-क्षेत्रों के लिए चुनी गई।
स्रोत: US Patent US20120210476P1 — Strawberry plant named 'NABILA', The Rania and Nabila varieties — Mazzoni Group. संपादकीय नीति.
