मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
स्ट्रॉबेरीरबीरनर पौधा (टिशू-कल्चर / प्रमाणित)अपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Festival

फ़्लोरिडा विश्वविद्यालय की एक दिन-निरपेक्ष-झुकाव, गरम-अनुकूलित किस्म (2000 जारी) जो अधिकांश छोटे-दिन प्रकारों से व्यापक तापमान-सीमा भर भरोसेमंद फल देती, भारत की हल्की सर्दियों को सूट करती।

सीज़नरबी
पकने की अवधि~150–170 दिन
अपेक्षित उपजअच्छी, सीज़न भर स्थिर
उपयुक्त मिट्टीउठी, काली-प्लास्टिक-मल्च क्यारी पर अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
रनर पौधा (टिशू-कल्चर / प्रमाणित)
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
~150–170 दिन
अपेक्षित उपज
अच्छी, सीज़न भर स्थिर
उपयुक्त मिट्टी
उठी, काली-प्लास्टिक-मल्च क्यारी पर अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट
जारी
फ़्लोरिडा विश्वविद्यालय द्वारा विकसित व 2000 में जारी

इस किस्म के बारे में

फ़ेस्टिवल फ़्लोरिडा विश्वविद्यालय के स्ट्रॉबेरी प्रजनन कार्यक्रम द्वारा विकसित की गई व 2000 में जारी हुई। क्लासिक छोटे-दिन किस्मों (कैमारोसा, चांडलर) के विपरीत जिन्हें फूलने को छोटी सर्दी दिन-लंबाई चाहिए, फ़ेस्टिवल एक दिन-निरपेक्ष प्रतिक्रिया की ओर झुकती व व्यापक तापमान-सीमा भर भरोसेमंद फल देती, जो भारत की हल्की, कम तीखी परिभाषित सर्दियों को कुछ पुरानी छोटे-दिन रिलीज़ों से बेहतर सूट करती। यह महाबलेश्वर में व्यावसायिक रूप से उगाई जाती व बिहार, ओडिशा व छत्तीसगढ़ जैसे गरम पूर्वी राज्यों में किस्म-परीक्षणों में अनुकूल मूल्यांकित हुई, जहाँ यह स्वीट चार्ली व विंटर डॉन के साथ अनुशंसित है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकाररनर पौधा (टिशू-कल्चर / प्रमाणित)
    अवधि~150–170 दिन
    उपज क्षमताअच्छी, सीज़न भर स्थिर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
    मिट्टीउठी, काली-प्लास्टिक-मल्च क्यारी पर अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • दूरी1–1.2 मीटर चौड़ी उठी क्यारियों पर 30×30 सेमी, काली प्लास्टिक मल्च से होकर
  • उर्वरकक्यारी-तैयारी पर गोबर-खाद व आधारीय P व K; नाइट्रोजन ~3 हफ़्ते व फूल पर बाँटी, पूरी पोटाश फूल पर (पूरी समय-सारणी को फसल-गाइड देखें)

मिट्टी व जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
जैविक पदार्थ से भरपूर अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट, pH 5.7–6.5

उपज व अवधि

पकने की अवधि

~150–170 दिन

अपेक्षित उपज

अच्छी, सीज़न भर स्थिर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • एक दिन-निरपेक्ष-झुकाव प्रतिक्रिया जो अधिकांश छोटे-दिन किस्मों से व्यापक तापमान-सीमा भर भरोसेमंद फल देती, भारत की हल्की सर्दियों को सूट करती।
  • पूर्वी-राज्य परीक्षणों (बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़) में अनुकूल मूल्यांकित, वहाँ किसानों को पारंपरिक महाबलेश्वर व पहाड़ी किस्मों से आगे एक दर्ज विकल्प देती।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • कोई ICAR-विकसित भारतीय रिलीज़ नहीं — रोपण-सामग्री हर साल एक प्रमाणित नर्सरी से ताज़ी लानी होती, खेत-बचाई नहीं।
  • स्लेटी फफूँद, रेड स्टील या एन्थ्रेक्नोज़ के प्रति कोई विशेष दर्ज प्रतिरोध नहीं; मानक उठी-क्यारी, ड्रिप-व-मल्च प्रबंधन लागू होता।

उपयुक्त क्षेत्र

एक आयातित अमेरिकी किस्म, कोई ICAR रिलीज़ नहीं, महाबलेश्वर में उगाई जाती व ओडिशा व छत्तीसगढ़ जैसे गरम पूर्वी राज्यों में सफलतापूर्वक परीक्षित।

  • महाराष्ट्र
  • ओडिशा
  • छत्तीसगढ़

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फ़ेस्टिवल के लिए "दिन-निरपेक्ष" का क्या मतलब है, और भारत में यह क्यों मायने रखता?

अधिकांश क्लासिक स्ट्रॉबेरी किस्में "छोटे-दिन" प्रकार हैं जो सर्दी की दिन-लंबाई एक सीमा से नीचे गिरने पर ही फूलतीं। फ़ेस्टिवल दिन-निरपेक्षता की ओर झुकती, मतलब यह व्यापक दिन-लंबाई व तापमान-सीमा भर भरोसेमंद फूलती व फलती, जो एक वजह है कि यह सिर्फ़ महाबलेश्वर में ही नहीं बल्कि ओडिशा व छत्तीसगढ़ जैसे गरम पूर्वी राज्यों में भी अच्छा प्रदर्शन करती जहाँ सर्दियाँ हल्की व कम तीखी परिभाषित होतीं।

स्रोत: Performance of strawberry varieties in different planting environments, Strawberry farming in India: top varieties, cultivation & profit. संपादकीय नीति.