Suvarna
आईआईएसआर से जारी — कंद के टुकड़ों से लगाई जाती है, असली बीज से नहीं, और इसमें ज़्यादा कर्क्यूमिन होता है, जिसके लिए ख़रीदार ज़्यादा भाव देते हैं।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- हल्दी
- प्रकार
- रोपण सामग्री
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 210–220 दिन
- अपेक्षित उपज
- 250–300 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- 1987 में जारी · ICAR-IISR, कालीकट · जननद्रव्य PCT-8 (असम) से चयन
इस किस्म के बारे में
सुवर्णा ICAR-भारतीय मसाला फ़सल अनुसंधान संस्थान (IISR), कालीकट की एक शुरुआती हल्दी किस्म है, जिसे 1987 में असम से एकत्रित जननद्रव्य PCT-8 से चयन के रूप में अधिसूचित किया गया। IISR के अपने किस्म विवरण के अनुसार यह गहरे नारंगी कंद वाली, ज़्यादा उपज देने वाली व अपेक्षाकृत कम अवधि की किस्म है — 200 दिन की अवधि, अनुसंधान-केंद्र उपज 17.4 टन/हेक्टेयर (सर्वोत्तम प्रबंधन में संभावित उपज 43.5 टन/हेक्टेयर तक बताई गई), 4.0% कर्क्यूमिन, 13.5% ओलिओरेज़िन व 7.0% वाष्पशील तेल। इसमें कंद सड़न, पत्ती धब्बा, पर्ण चित्ती, कंद स्केल व तना छेदक के प्रति खेत-स्तर की सहनशीलता है, और यह केरल, कर्नाटक व (अविभाजित) आंध्र प्रदेश के लिए सिफ़ारिश की गई है — जिसमें 2014 के राज्य विभाजन के बाद अब तेलंगाना भी शामिल है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
210–220 दिन
अपेक्षित उपज
250–300 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कंद सड़न (पिथियम) के प्रति खेत-स्तर की सहनशीलता
- पत्ती धब्बा व पर्ण चित्ती के प्रति खेत-स्तर की सहनशीलता
- कंद स्केल व तना छेदक के प्रति खेत-स्तर की सहनशीलता
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- कई हल्दी किस्मों से कम, 200 दिन की अवधि, जिससे खेत जल्दी खाली होता है
- गहरा नारंगी कंद रंग जो ख़रीदार पसंद करते हैं, साथ ही IISR के अपने परीक्षण में 4.0% की ठीक-ठाक कर्क्यूमिन रेटिंग
- इस चरण में जांची गई किसी भी IISR किस्म में दर्ज सबसे व्यापक खेत-स्तर रोग-सहनशीलता पैकेज (पाँच समस्याएँ)
ध्यान रखने योग्य बातें
- IISR का अपना अनुसंधान-केंद्र उपज आँकड़ा (17.4 टन/हेक्टेयर) इसकी बताई गई संभावित उपज (43.5 टन/हेक्टेयर तक) और इस रिकॉर्ड की अपनी 250–300 क्विंटल/हेक्टेयर (25–30 टन/हेक्टेयर) उपज-सीमा दोनों से काफ़ी नीचे है — इस रिकॉर्ड के आँकड़े को सामान्य खेत परिणाम नहीं, बल्कि मज़बूत प्रबंधन में हासिल होने वाली सीमा मानें
- IISR की सिफ़ारिश 2014 के आंध्र प्रदेश/तेलंगाना विभाजन से पहले की है, इसलिए इस रिकॉर्ड में मूल अविभाजित आंध्र प्रदेश की जगह तेलंगाना शामिल होना एक उचित आधुनिक व्याख्या है, त्रुटि नहीं
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- कर्नाटक
- आंध्र प्रदेश
- तेलंगाना
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सुवर्णा हल्दी में कितना कर्क्यूमिन होता है?
IISR इसे 4.0% कर्क्यूमिन, 13.5% ओलिओरेज़िन व 7.0% वाष्पशील तेल की रेटिंग देता है — IISR की अपनी हल्दी किस्मों में एक ठोस, पर सबसे ऊँची नहीं, गुणवत्ता प्रोफ़ाइल।
क्या इस रिकॉर्ड में दी गई 250–300 क्विंटल/हेक्टेयर उपज सुवर्णा के लिए यथार्थवादी है?
यह मज़बूत प्रबंधन में हासिल होने वाली उपज है — IISR का अपना संभावित-उपज आँकड़ा 43.5 टन/हेक्टेयर (435 क्विंटल/हेक्टेयर) तक जाता है — पर इसका सामान्य अनुसंधान-केंद्र परिणाम कम, 17.4 टन/हेक्टेयर (174 क्विंटल/हेक्टेयर) था, इसलिए ज़्यादा आँकड़े को सर्वोत्तम-स्थिति सीमा मानें।
